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मालेगांव SIR विवाद: किरीट सोमैया का दावा — एक मतदाता 7 बूथों पर दर्ज, 'वोट जिहाद' की जांच हो

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मालेगांव SIR विवाद: किरीट सोमैया का दावा — एक मतदाता 7 बूथों पर दर्ज, 'वोट जिहाद' की जांच हो

सारांश

BJP नेता किरीट सोमैया ने मालेगांव में SIR मैपिंग पर गंभीर सवाल उठाए हैं — एक ही व्यक्ति का नाम 7 बूथों तक पर दर्ज मिला। बांद्रा ईस्ट की ध्वस्त बस्ती में भी 1,296 मतदाताओं की कथित अवैध मैपिंग का आरोप। सोमैया ने इसे 'वोट जिहाद' बताते हुए चुनाव आयोग से निष्पक्ष जांच माँगी।

मुख्य बातें

BJP नेता किरीट सोमैया ने 15 जुलाई को मालेगांव में SIR मैपिंग में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का आरोप लगाया।
दावा: अदनान अली का नाम 7 बूथों पर, खान फराज का 3 और सुल्ताना का नाम 5 अलग-अलग स्थानों पर दर्ज।
बांद्रा ईस्ट की ध्वस्त गरीब नगर बस्ती के 2,412 में से 1,296 मतदाताओं की मैपिंग कथित तौर पर गैर-कानूनी तरीके से मंजूर की गई।
सोमैया ने ERO और BLO पर जानबूझकर सूचना नजरअंदाज करने का आरोप लगाया।
सोमैया ने चुनाव आयोग से निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की माँग की।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता किरीट सोमैया ने बुधवार, 15 जुलाई को महाराष्ट्र में चल रही मतदाता सूची की स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि मालेगांव में SIR के दौरान बड़े पैमाने पर फर्जी मैपिंग की गई है, जिसमें एक ही व्यक्ति का नाम और फोटो कई अलग-अलग बूथों पर दर्ज पाया गया है। सोमैया ने इस पूरे मामले को 'वोट जिहाद' करार देते हुए चुनाव आयोग से निष्पक्ष जांच की माँग की है।

मालेगांव में फर्जी मैपिंग के आरोप

सोमैया ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि SIR के पहले चरण के बाद तैयार मैपिंग और सत्यापित मतदाता सूची में एक ही व्यक्ति का नाम व फोटो अनेक बूथों पर दर्ज है। उनके दावे के अनुसार, अदनान अली का नाम 7 अलग-अलग बूथों पर, खान फराज का नाम 3 स्थानों पर और सुल्ताना नाम की एक मतदाता का नाम 5 अलग-अलग स्थानों पर दर्ज मिला है। उन्होंने इस पोस्ट में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भी टैग कर कार्रवाई की माँग की।

बांद्रा ईस्ट में भी उठाए थे सवाल

इससे एक दिन पहले, मंगलवार को सोमैया ने महाराष्ट्र के मुख्य चुनाव अधिकारी एस. चोकलिंगम को पत्र लिखकर बांद्रा ईस्ट विधानसभा क्षेत्र में SIR प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी का आरोप लगाया था। उनका कहना था कि पहले ही ध्वस्त की जा चुकी गरीब नगर बस्ती के निवासियों की वोटर मैपिंग गैर-कानूनी तरीके से की गई।

उन्होंने दावा किया कि SIR के पहले चरण में संबंधित ब्लॉक लेवल ऑफिसर्स (BLO) ने बांद्रा ईस्ट के गरीब नगर के 2,412 मतदाताओं में से 1,296 मतदाताओं की मैपिंग को मंजूरी दे दी — जबकि यह बस्ती पहले ही ध्वस्त की जा चुकी थी।

अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप

सोमैया के अनुसार, बस्ती को हटाए जाने की जानकारी इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) और संबंधित BLO को पहले से दी जा चुकी थी, बावजूद इसके अधिकारियों ने इस सूचना को नजरअंदाज कर मैपिंग प्रक्रिया जारी रखी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सभी को पता था कि गरीब नगर में कोई नहीं रहता, तो वहाँ के मतदाताओं की मैपिंग कैसे पूरी की गई। BJP नेता ने आरोप लगाया कि नाम हटाने के बजाय स्थानीय अधिकारियों ने इलाके में कैंप लगाकर उन्हें SIR मैपिंग में शामिल कर लिया।

चुनाव आयोग से जांच की माँग

सोमैया ने चुनाव आयोग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और अनियमितताएँ पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की माँग की है। यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में SIR प्रक्रिया को लेकर पहले से ही राजनीतिक तनाव बना हुआ है। गौरतलब है कि मतदाता सूची की शुद्धता को लेकर यह पहली बार नहीं है जब राज्य में सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप हुए हों। चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया और आगे की जांच पर सभी की नजरें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन उनकी जड़ें एक वास्तविक प्रशासनिक चिंता में हैं — मतदाता सूची में डुप्लीकेट प्रविष्टियाँ चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सीधा असर डालती हैं। 'वोट जिहाद' जैसे शब्दों का इस्तेमाल मामले को सांप्रदायिक रंग देता है, जो तथ्यात्मक जांच से ध्यान भटका सकता है। असली सवाल यह है कि BLO और ERO स्तर पर निगरानी तंत्र क्यों विफल रहा — और क्या यह लापरवाही है या कुछ और। चुनाव आयोग को राजनीतिक आरोपों से परे जाकर तकनीकी ऑडिट कराना चाहिए, ताकि SIR प्रक्रिया की साख बनी रहे।
RashtraPress
30 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मालेगांव SIR विवाद क्या है?
BJP नेता किरीट सोमैया ने आरोप लगाया है कि महाराष्ट्र में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया के दौरान मालेगांव में एक ही व्यक्ति का नाम और फोटो कई अलग-अलग बूथों पर दर्ज किया गया है। उन्होंने इसे 'वोट जिहाद' बताते हुए चुनाव आयोग से जांच की माँग की है।
किरीट सोमैया ने किन विशेष मतदाताओं का उदाहरण दिया?
सोमैया के दावे के अनुसार, अदनान अली का नाम 7 बूथों पर, खान फराज का नाम 3 स्थानों पर और सुल्ताना नाम की एक मतदाता का नाम 5 अलग-अलग स्थानों पर दर्ज मिला है। ये आरोप उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए लगाए।
बांद्रा ईस्ट गरीब नगर मामला क्या है?
सोमैया ने मुख्य चुनाव अधिकारी को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि बांद्रा ईस्ट की ध्वस्त गरीब नगर बस्ती के 2,412 में से 1,296 मतदाताओं की मैपिंग BLO ने मंजूर कर दी, जबकि बस्ती पहले ही हटाई जा चुकी थी। उनका कहना है कि ERO और BLO को यह जानकारी पहले से थी, फिर भी प्रक्रिया जारी रखी गई।
SIR प्रक्रिया क्या होती है?
स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची को अद्यतन और शुद्ध करने की प्रक्रिया है, जिसमें BLO घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करते हैं। इसका उद्देश्य फर्जी या डुप्लीकेट नामों को हटाना और नए पात्र मतदाताओं को जोड़ना है।
इस मामले में अब आगे क्या होगा?
सोमैया ने चुनाव आयोग से निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की माँग की है। अभी तक चुनाव आयोग या महाराष्ट्र सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राष्ट्र प्रेस
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