मालेगांव SIR विवाद: किरीट सोमैया का दावा — एक मतदाता 7 बूथों पर दर्ज, 'वोट जिहाद' की जांच हो
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता किरीट सोमैया ने बुधवार, 15 जुलाई को महाराष्ट्र में चल रही मतदाता सूची की स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि मालेगांव में SIR के दौरान बड़े पैमाने पर फर्जी मैपिंग की गई है, जिसमें एक ही व्यक्ति का नाम और फोटो कई अलग-अलग बूथों पर दर्ज पाया गया है। सोमैया ने इस पूरे मामले को 'वोट जिहाद' करार देते हुए चुनाव आयोग से निष्पक्ष जांच की माँग की है।
मालेगांव में फर्जी मैपिंग के आरोप
सोमैया ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि SIR के पहले चरण के बाद तैयार मैपिंग और सत्यापित मतदाता सूची में एक ही व्यक्ति का नाम व फोटो अनेक बूथों पर दर्ज है। उनके दावे के अनुसार, अदनान अली का नाम 7 अलग-अलग बूथों पर, खान फराज का नाम 3 स्थानों पर और सुल्ताना नाम की एक मतदाता का नाम 5 अलग-अलग स्थानों पर दर्ज मिला है। उन्होंने इस पोस्ट में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भी टैग कर कार्रवाई की माँग की।
बांद्रा ईस्ट में भी उठाए थे सवाल
इससे एक दिन पहले, मंगलवार को सोमैया ने महाराष्ट्र के मुख्य चुनाव अधिकारी एस. चोकलिंगम को पत्र लिखकर बांद्रा ईस्ट विधानसभा क्षेत्र में SIR प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी का आरोप लगाया था। उनका कहना था कि पहले ही ध्वस्त की जा चुकी गरीब नगर बस्ती के निवासियों की वोटर मैपिंग गैर-कानूनी तरीके से की गई।
उन्होंने दावा किया कि SIR के पहले चरण में संबंधित ब्लॉक लेवल ऑफिसर्स (BLO) ने बांद्रा ईस्ट के गरीब नगर के 2,412 मतदाताओं में से 1,296 मतदाताओं की मैपिंग को मंजूरी दे दी — जबकि यह बस्ती पहले ही ध्वस्त की जा चुकी थी।
अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप
सोमैया के अनुसार, बस्ती को हटाए जाने की जानकारी इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) और संबंधित BLO को पहले से दी जा चुकी थी, बावजूद इसके अधिकारियों ने इस सूचना को नजरअंदाज कर मैपिंग प्रक्रिया जारी रखी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सभी को पता था कि गरीब नगर में कोई नहीं रहता, तो वहाँ के मतदाताओं की मैपिंग कैसे पूरी की गई। BJP नेता ने आरोप लगाया कि नाम हटाने के बजाय स्थानीय अधिकारियों ने इलाके में कैंप लगाकर उन्हें SIR मैपिंग में शामिल कर लिया।
चुनाव आयोग से जांच की माँग
सोमैया ने चुनाव आयोग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और अनियमितताएँ पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की माँग की है। यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में SIR प्रक्रिया को लेकर पहले से ही राजनीतिक तनाव बना हुआ है। गौरतलब है कि मतदाता सूची की शुद्धता को लेकर यह पहली बार नहीं है जब राज्य में सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप हुए हों। चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया और आगे की जांच पर सभी की नजरें टिकी हैं।