तेलंगाना SIR प्रक्रिया: किशन रेड्डी बोले — सरकारी कर्मचारी न डरें, चुनाव आयोग उनके साथ है
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने 27 जून को हैदराबाद में स्पष्ट किया कि तेलंगाना के सरकारी कर्मचारियों को किसी भी दबाव से घबराने की ज़रूरत नहीं है, क्योंकि भारत निर्वाचन आयोग उनके साथ खड़ा है। उन्होंने कांग्रेस, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) और भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) पर आरोप लगाया कि ये दल बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के रूप में कार्यरत सरकारी कर्मचारियों को धमकाने और वोट बैंक की राजनीति करने में लगे हैं।
SIR प्रक्रिया और ज़मीनी हकीकत
रेड्डी ने बताया कि तेलंगाना में विशेष सारांश पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया शुरू हुए तीन दिन बीत चुके हैं, लेकिन ज़मीनी स्तर पर स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि अनेक काउंटिंग फॉर्म अभी तक BLO तक नहीं पहुँचे हैं और बड़ी संख्या में BLO ने अपना काम शुरू भी नहीं किया है। उन्होंने चुनाव आयोग से अनुरोध किया कि वह सुनिश्चित करे कि ये फॉर्म सही ढंग से ज़मीनी स्तर तक पहुँचें।
सरकारी कर्मचारियों को सीधा संदेश
भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ओर से बोलते हुए रेड्डी ने तेलंगाना के सभी सरकारी कर्मचारियों से अपील की कि वे किसी राजनीतिक दल के दबाव में न आएँ। उन्होंने कहा, 'चिंता न करें, क्योंकि चुनाव आयोग आपका साथ देगा।' रेड्डी के अनुसार, विपक्षी दल BLO के तौर पर काम करने वाले कर्मचारियों को डराने-धमकाने की कोशिश कर रहे हैं, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए सीधा खतरा है।
भ्रम फैलाने के आरोप और जनता को आश्वासन
रेड्डी ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल ग्रामीण मतदाताओं में यह भय फैला रहे हैं कि SIR प्रक्रिया से उनका वोट कट जाएगा। उन्होंने इसे पूरी तरह निराधार बताते हुए स्पष्ट किया कि कल्याण योजनाओं में कोई बदलाव नहीं होगा — न राशन कार्ड रोका जाएगा, न पेंशन। उन्होंने युवाओं से भी अपील की कि वे आगे आएँ और मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराएँ।
BJP का संगठनात्मक विस्तार: नितिन नवीन का तेलंगाना दौरा
रेड्डी ने बताया कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन तीन दिवसीय दौरे पर तेलंगाना आ रहे हैं। इस दौरान वे हैदराबाद में नौ जिलों के बूथ-स्तर के अध्यक्षों के सम्मेलन में मार्गदर्शन देंगे। इसके बाद वे वारंगल, भुवनगिरी और रंगारेड्डी जिलों का भी दौरा करेंगे। 30 तारीख को वे तेलंगाना राज्य कार्यकारिणी की बैठक को संबोधित करेंगे। यह 'विजय संकल्प सम्मेलन' भाजपा के प्रदेश-स्तरीय संगठन को मज़बूत करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
आगे की राह
SIR प्रक्रिया की निष्पक्षता और BLO की सुरक्षा अब तेलंगाना की राजनीति में केंद्रीय मुद्दा बन गई है। गौरतलब है कि मतदाता सूची की शुद्धता सीधे चुनावी परिणामों को प्रभावित करती है, इसलिए इस प्रक्रिया पर सभी दलों की नज़र बनी रहेगी। चुनाव आयोग की भूमिका और उसकी सक्रियता आने वाले दिनों में इस विवाद की दिशा तय करेगी।