तेलंगाना SIR: भाजपा ने CEO से मांगी जांच, AIMIM-कांग्रेस पर मतदाताओं को धमकाने के आरोप
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 20 जुलाई 2026 को मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) से मांग की है कि स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के दौरान हैदराबाद, सिकंदराबाद, मलकाजगिरी और चेवेल्ला लोकसभा क्षेत्रों में कथित धमकी और गैरकानूनी दखलंदाजी की तत्काल जांच कराई जाए। पार्टी ने आरोप लगाया है कि ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) और कांग्रेस के कुछ नेता व कार्यकर्ता मतदाताओं को डराने-धमकाने का प्रयास कर रहे हैं।
प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात और ज्ञापन
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी सुदर्शन रेड्डी से मुलाकात की और एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि हैदराबाद, मेडचल और रंगा रेड्डी जिलों में दूसरे राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल रोल ऑब्जर्वर के रूप में नियुक्त किया जाए।
मुख्य आरोप: प्रवासी मतदाताओं को निशाना
भाजपा के ज्ञापन में कहा गया है कि देश के अन्य राज्यों से आकर हैदराबाद में कानूनी रूप से बसे मतदाताओं को विशेष रूप से निशाना बनाया जा रहा है। कथित तौर पर इन मतदाताओं को यह भ्रामक जानकारी दी जा रही है कि वे तेलंगाना में मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के पात्र नहीं हैं और उन्हें अपने मूल राज्यों में लौटकर नाम दर्ज कराने के लिए दबाव डाला जा रहा है।
भाजपा नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल के नेता — जिनमें मुख्यमंत्री भी शामिल हैं — लोगों को कह रहे हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों में मतदाता के रूप में नाम न दर्ज कराने पर राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ बंद कर दिया जाएगा। पार्टी ने इसे संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन बताया।
चुनाव आयोग का स्पष्टीकरण और भाजपा की माँग
भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने CEO का ध्यान इस ओर दिलाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए वोटर आईडी कार्ड अनिवार्य नहीं है। इसके बावजूद भ्रामक जानकारी फैलाई जा रही है। पार्टी ने CEO से आग्रह किया कि मीडिया के माध्यम से इस विषय पर स्पष्ट और व्यापक जानकारी जारी की जाए।
सुरक्षा और निगरानी की माँग
भाजपा ने CEO से यह भी अनुरोध किया कि संबंधित जिला चुनाव अधिकारियों, चुनाव पंजीकरण अधिकारियों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को निर्देश दिए जाएं कि गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। पार्टी ने संवेदनशील इलाकों में केंद्रीय बलों की तैनाती की भी माँग की, ताकि मतदाताओं को किसी भी दबाव या अनुचित हस्तक्षेप से सुरक्षित रखा जा सके।
यह ऐसे समय में आया है जब तेलंगाना में मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया चल रही है और विभिन्न दलों के बीच राजनीतिक तनाव बढ़ा हुआ है। CEO सुदर्शन रेड्डी की ओर से इस ज्ञापन पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।