कर्नाटक भाजपा का आरोप: SIR में कांग्रेस सरकार की मिलीभगत, चुनाव आयोग से कार्रवाई की माँग
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने 4 जुलाई को भारत निर्वाचन आयोग (ECI) को ज्ञापन सौंपने के बाद आरोप लगाया कि राज्य की कांग्रेस सरकार बूथ स्तरीय अधिकारियों (BLO) पर दबाव डालकर और निर्धारित प्रक्रियाओं का उल्लंघन करके मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया को प्रभावित कर रही है। बेंगलुरु में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने माँग की कि जहाँ भी अनियमितताएँ सामने आई हैं, वहाँ SIR प्रक्रिया नए सिरे से संचालित की जाए।
मुख्य आरोप: BLO पर दबाव और प्रक्रिया का उल्लंघन
विजयेंद्र ने कहा कि चुनाव आयोग के दिशानिर्देशों के तहत BLO को घर-घर जाकर जनगणना प्रपत्र वितरित करने होते हैं। उनके अनुसार, इसके बजाय BLO को कल्याण मंडपों, धर्मशालाओं और मस्जिदों से प्रपत्र बाँटने के लिए कहा जा रहा है, जो निर्धारित प्रक्रिया का स्पष्ट उल्लंघन है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर विधायक BLO को अपने निर्वाचन क्षेत्र के कार्यालयों से काम करवा रहे हैं।
जयनगर विवाद और समानांतर SIR का मुद्दा
भाजपा नेता ने दावा किया कि जयनगर विधानसभा क्षेत्र में वितरित किए जा रहे प्रपत्रों पर कांग्रेस नेताओं की तस्वीरें छपी हैं, जिसे उन्होंने चुनाव आयोग के संज्ञान में लाया है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रेटर बेंगलुरु प्राधिकरण (GBA) के भीतर राज्य चुनाव आयोग द्वारा एक समानांतर SIR प्रक्रिया चलाई जा रही है, जिससे मतदाताओं में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत निर्वाचन आयोग की राज्यव्यापी SIR प्रक्रिया पहले से ही जारी है।
चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया
विजयेंद्र के अनुसार, भारत निर्वाचन आयोग ने कथित अनियमितताओं का संज्ञान लेते हुए एक वीडियो कॉन्फ्रेंस आयोजित की थी और अधिकारियों को निर्धारित प्रक्रियाओं का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए थे। हालाँकि, भाजपा का आरोप है कि इन निर्देशों का पालन नहीं हो रहा। उन्होंने कहा कि आयोग ने भाजपा की शिकायत पर सुधारात्मक कदम उठाने का आश्वासन दिया है।
राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह
गौरतलब है कि SIR प्रक्रिया मतदाता सूचियों की सटीकता सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग द्वारा संचालित एक नियमित अभ्यास है। भाजपा के इन आरोपों ने कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्ष के बीच राजनीतिक तनाव को और बढ़ा दिया है। विजयेंद्र ने माँग की कि आयोग राज्य सरकार को चेतावनी जारी करे और प्रभावित क्षेत्रों में SIR प्रक्रिया नए सिरे से संचालित कराए। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि चुनाव आयोग इन शिकायतों पर क्या ठोस कार्रवाई करता है।