रामनगर SIR अभियान में चुनाव आयोग नियमों का उल्लंघन, JD(S) ने दोषी BLO पर कार्रवाई की माँग की
सारांश
मुख्य बातें
जनता दल (सेकुलर) की कर्नाटक इकाई ने 2 जुलाई को गंभीर आरोप लगाए कि रामनगर में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान बूथ स्तरीय अधिकारियों (BLO) ने भारत निर्वाचन आयोग के निर्धारित दिशानिर्देशों की खुलेआम अनदेखी की। पार्टी ने कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी और भारत निर्वाचन आयोग से तत्काल हस्तक्षेप और दोषी अधिकारियों के निलंबन की माँग की है।
मुख्य आरोप: घर-घर सत्यापन की जगह 'SIR मेला'
JD(S) का कहना है कि रामनगर नगर पालिका के टीपू नगर, वार्ड संख्या 23 में तैनात BLO ने अनिवार्य घर-घर जाकर मतदाता सत्यापन करने और गणना प्रपत्र वितरित करने के बजाय निवासियों को एक सामुदायिक सभागार (धर्मशाला/कल्याण मंडप) में एकत्र कर लिया। पार्टी ने इसे 'एसआईआर मेला' की संज्ञा देते हुए इसे 'लोकतंत्र का सरासर मजाक' बताया।
पार्टी ने एक कथित वीडियो भी साझा किया है जिसमें कथित तौर पर अधिकारी रामनगर शहर की एक धर्मशाला में सम्मेलन जैसा आयोजन करते और मतदाता सूची में संशोधन करते दिखाई दे रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी के कार्यालय ने जारी किया बयान
केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी के कार्यालय द्वारा जारी बयान में पार्टी ने स्पष्ट किया कि BLO का दायित्व है कि वे प्रत्येक घर पर जाकर मतदाता विवरण सत्यापित करें और गणना प्रपत्र वितरित करें। यह प्रक्रिया व्यक्तिगत और घर-आधारित होनी चाहिए, न कि सामूहिक जमावड़े के रूप में।
बयान में माँग की गई कि 'चुनाव नियमों का उल्लंघन करने और मनमाने ढंग से काम करने वाले इन भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।'
SIR अभियान का व्यापक संदर्भ
ये आरोप ऐसे समय में सामने आए हैं जब कर्नाटक भर में आगामी चुनावों से पहले मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) चल रहा है। गौरतलब है कि SIR प्रक्रिया की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग ने BLO को घर-घर जाकर सत्यापन का स्पष्ट निर्देश दिया है, ताकि मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की अनियमितता न हो।
यह पहली बार नहीं है जब SIR प्रक्रिया के क्रियान्वयन को लेकर सवाल उठे हों — विपक्षी दलों ने अन्य राज्यों में भी इसी तरह की शिकायतें दर्ज कराई हैं।
JD(S) की माँगें
JD(S) ने निम्नलिखित माँगें रखी हैं:
पहली, कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी और भारत निर्वाचन आयोग तत्काल मामले में हस्तक्षेप करें। दूसरी, दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने वाले BLO के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। तीसरी, दोषी पाए गए अधिकारियों को निलंबित किया जाए।
आगे क्या
फिलहाल चुनाव आयोग या कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। JD(S) द्वारा साझा किए गए कथित वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है। आने वाले दिनों में चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया और संभावित जाँच पर सभी की नज़रें टिकी रहेंगी।