मुंबई में 87,347 फर्जी जन्म प्रमाण पत्र घोटाला: मेयर रितु तावड़े ने FIR का दिया आदेश, SIT जांच शुरू
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई की महापौर रितु तावड़े ने 5 मई 2026 को घोषणा की कि बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के कम से कम 26 वार्डों से 87,347 अवैध जन्म प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं। इस घोटाले में शामिल दोषियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मामले की विस्तृत जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है।
घोटाले का दायरा और मुख्य घटनाक्रम
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सांसद किरीट सोमैया और आरोग्य समिति के अध्यक्ष अरिश भाधिरगे की मौजूदगी में मेयर के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक हुई। बैठक में यह स्पष्ट हुआ कि ये फर्जी प्रमाण पत्र पिछले 25 से 30 वर्षों में बीएमसी के चिकित्सा अधिकारियों के माध्यम से जारी किए गए। अधिकारियों के अनुसार, इन अवैध दस्तावेज़ों का संबंध मुंबई में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों को वैध पहचान दिलाने की कथित साजिश से है।
मेयर तावड़े ने कहा कि सभी 87,347 प्रमाण पत्रों को पोर्टल से हटाने के आदेश दे दिए गए हैं और संबंधित दोषियों के खिलाफ मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
निलंबित और स्थानांतरित अधिकारी
इस मामले में अब तक कुल कम से कम 5 बीएमसी चिकित्सा अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है। हालिया कार्रवाई में के वेस्ट वार्ड की वैशाली खाड़े, आर नार्थ वार्ड की सुनीता पवार और ई वार्ड के नितीश ठाकुर को उनके पद से निलंबित किया गया है। इसके अतिरिक्त, ई, एल और आर वार्डों में नए चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति की गई है ताकि प्रभाव संचय को रोका जा सके।
गौरतलब है कि जिन अधिकारियों पर लंबे समय से एक ही स्थान पर रहते हुए अनियमितताओं में शामिल होने का संदेह है, उन्हें स्थानांतरित करने की प्रक्रिया भी तेज़ की गई है।
किरीट सोमैया का बयान
भाजपा नेता किरीट सोमैया ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा,