क्या महाराष्ट्र में फर्जी जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र मिलने पर एफआईआर दर्ज होगी?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या महाराष्ट्र में फर्जी जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र मिलने पर एफआईआर दर्ज होगी?

सारांश

महाराष्ट्र सरकार ने फर्जी जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्रों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। इस कदम में संदिग्ध प्रमाण पत्रों को निरस्त करने और 14 संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाने की योजना शामिल है। जानें, कैसे यह कार्रवाई अवैध गतिविधियों को रोकने में मदद करेगी।

मुख्य बातें

राजस्व विभाग ने फर्जी प्रमाण पत्रों के खिलाफ एफआईआर का आदेश दिया है।
14 संवेदनशील स्थानों की पहचान की गई है।
संदिग्ध प्रमाण पत्रों को तुरंत निरस्त किया जाएगा।
राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मुंबई, 28 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र सरकार के राजस्व विभाग ने राज्यभर में नागरिक निकायों द्वारा कथित तौर पर जारी किए जा रहे फर्जी जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र पर कठोर कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है।

महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे आधार कार्ड के आधार पर जारी किए गए सभी संदिग्ध प्रमाण पत्रों को तुरंत निरस्त करें और बिना किसी देरी के पुलिस में शिकायत दर्ज करें।

चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा, "नकली जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र का गलत उपयोग सरकारी लाभ लेने, भूमि कब्जा करने और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने के लिए किया जा रहा है। हम इस गिरोह के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे। प्रदेश में किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"

यह कदम राज्य में बांग्लादेशी नागरिकों के अवैध निवास के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बाद उठाया गया है। हाल ही में बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के दो कर्मचारियों को इसी तरह की गड़बड़ियों के चलते बर्खास्त किया गया था।

राजस्व विभाग ने सभी तहसीलदारों, सब-डिविजनल ऑफिसर्स, जिलाधिकारी और संभागीय आयुक्तों के लिए 16 बिंदुओं की एक वेरिफिकेशन गाइडलाइन जारी की है। इस गाइडलाइन में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि आधार कार्ड को जन्म या मृत्यु प्रमाण पत्र के रूप में अकेले स्वीकार नहीं किया जा सकता है। इसके अलावा, 11 अगस्त 2023 के संशोधन के बाद राजस्व विभाग में कनिष्ठ या सहायक अधिकारियों द्वारा जारी किए गए सभी जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रेशन आदेश को तुरंत वापस लेने का आदेश दिया गया है।

नई गाइडलाइनों के अनुसार, यदि किसी जन्म या मृत्यु के प्रमाण पत्र में आधार कार्ड पर दी गई जानकारी और आवेदन की जानकारी में अंतर पाया जाता है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज की जाएगी।

राजस्व विभाग ने 14 संवेदनशील जगहों की पहचान की है, जिनमें अमरावती, अकोला, सिल्लोड, छत्रपति संभाजीनगर और अन्य स्थान शामिल हैं, जहां अब कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि यह न केवल अवैध प्रवासियों के खिलाफ है, बल्कि यह सरकारी लाभों के दुरुपयोग को भी रोकने की दिशा में एक ठोस कदम है। यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि सभी प्रमाण पत्र सही और वैध हों ताकि राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा न हो।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फर्जी जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र क्या होते हैं?
फर्जी जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र वे दस्तावेज होते हैं जो बिना वैध प्रक्रिया के बनाए जाते हैं और जिनका इस्तेमाल अवैध लाभ लेने के लिए किया जाता है।
महाराष्ट्र सरकार इस मुद्दे पर क्या कदम उठा रही है?
महाराष्ट्र सरकार ने संदिग्ध प्रमाण पत्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है और सभी संदिग्ध प्रमाण पत्रों को निरस्त करने के निर्देश दिए हैं।
क्या इस कार्रवाई से अवैध प्रवासियों पर असर पड़ेगा?
हाँ, यह कार्रवाई अवैध प्रवासियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है और इनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस