क्या मुंबई में फर्जी जन्म प्रमाणपत्र घोटाले का खुलासा हुआ? भाजपा नेता किरीट सोमैया ने गंभीर आरोप लगाए

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क्या मुंबई में फर्जी जन्म प्रमाणपत्र घोटाले का खुलासा हुआ? भाजपा नेता किरीट सोमैया ने गंभीर आरोप लगाए

सारांश

मुंबई में फर्जी जन्म प्रमाणपत्रों का मामला एक नई सियासी हलचल का कारण बना है। भाजपा नेता किरीट सोमैया ने आरोप लगाया है कि बीएमसी ने बांग्लादेशी नागरिकों को बड़े पैमाने पर फर्जी प्रमाणपत्र दिए हैं। इस मामले में नई जानकारी और आरोपों से राजनीतिक माहौल गरमा गया है।

मुख्य बातें

फर्जी जन्म प्रमाणपत्र का मामला गंभीर है।
भाजपा नेता किरीट सोमैया ने आरोप लगाए हैं।
बीएमसी ने विशेष जांच टीम का गठन करने का आश्वासन दिया है।
इस मामले में चुनाव आयोग भी सक्रिय है।
पहले भी ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं।

मुंबई, 3 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र में फर्जी जन्म प्रमाणपत्र के मामले ने अब सियासी हलचल को तेज कर दिया है। मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) पर बांग्लादेशी नागरिकों को फर्जी प्रमाणपत्र जारी करने के गंभीर आरोप लगे हैं। भाजपा नेता किरीट सोमैया का कहना है कि बीएमसी ने बड़ी संख्या में बांग्लादेशी नागरिकों को फर्जी जन्म प्रमाणपत्र प्रदान किए हैं।

इस मुद्दे पर सोमवार को मुंबई में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इसमें मुंबई के पालकमंत्री आशीष शेलर, बीएमसी आयुक्त भूषण गगरानी और मुंबई पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए किरीट सोमैया ने कहा कि बांग्लादेशी नागरिकों को फर्जी प्रमाणपत्र देने का बड़ा घोटाला उजागर हुआ है। उनके पास इस मामले के ठोस सबूत हैं, जिन्हें उन्होंने बीएमसी आयुक्त को सौंपा है। उन्होंने बताया कि उन्होंने अब तक एक हजार से अधिक फर्जी प्रमाणपत्रों की सूची उन्हें दी है।

सोमैया ने आगे कहा कि बीएमसी आयुक्त ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया है कि 24 घंटे के भीतर मामला दर्ज किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि बीएमसी के दो अधिकारी इस फर्जीवाड़े में संलिप्त पाए गए हैं, जिनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए बीएमसी आयुक्त एक विशेष जांच टीम का गठन करेंगे।

गौरतलब है कि 2024 में भी महाराष्ट्र में जन्म प्रमाणपत्र घोटाले के 2 लाख से अधिक मामले सामने आए थे, जिन्हें बाद में रद्द कर दिया गया था और उनकी जांच अभी भी जारी है। नए मामले के सामने आने पर एक बार फिर हड़कंप मच गया है।

भाजपा नेता सोमैया ने इस पूरे मामले की शिकायत चुनाव आयोग से भी की है। चुनाव आयोग ने उन्हें आश्वासन दिया है कि जब राज्य में विशेष पुनरीक्षण (एसआईआर) होगा, तब ऐसे फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर बने नाम मतदाता सूची से हटाए जाएंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह देश की सुरक्षा और नागरिकता की प्रक्रिया को भी प्रभावित करता है। सरकार को इस मामले की गंभीरता को समझते हुए त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए।
RashtraPress
20 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फर्जी जन्म प्रमाणपत्र घोटाला क्या है?
फर्जी जन्म प्रमाणपत्र घोटाला एक ऐसा मामला है जिसमें बांग्लादेशी नागरिकों को बिना सही दस्तावेज के जन्म प्रमाणपत्र जारी किए गए हैं।
कौन से नेता इस घोटाले में शामिल हैं?
भाजपा नेता किरीट सोमैया ने इस घोटाले का खुलासा किया है और बीएमसी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
बीएमसी इस मामले में क्या कर रही है?
बीएमसी आयुक्त ने आश्वासन दिया है कि मामले की जांच की जाएगी और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
क्या चुनाव आयोग इस मामले में कार्रवाई करेगा?
हां, चुनाव आयोग ने आश्वासन दिया है कि विशेष पुनरीक्षण के दौरान फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर बने नाम हटाए जाएंगे।
क्या पहले भी ऐसा कोई मामला सामने आया है?
हां, 2024 में भी महाराष्ट्र में जन्म प्रमाणपत्र घोटाले के 2 लाख से अधिक मामले सामने आए थे।
राष्ट्र प्रेस
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