बीएमसी में 87,149 फर्जी जन्म प्रमाणपत्र रद्द होंगे, 6 अधिकारी निलंबित; किरीट सोमैया ने किया खुलासा
सारांश
Key Takeaways
मुंबई नगर निगम (बीएमसी) में जन्म प्रमाणपत्रों से जुड़ा एक बड़ा घोटाला सामने आया है, जिसमें कुल 87,149 जन्म प्रमाणपत्रों को रद्द करने की तैयारी की जा रही है। आरोप है कि ये प्रमाणपत्र बीएमसी के पुराने और बंद हो चुके एसएपी सिस्टम के ज़रिए अवैध रूप से जारी किए गए, जबकि 1 जनवरी 2016 से सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (सीआरएस) पोर्टल को आधिकारिक प्रणाली के रूप में अपनाया जा चुका था। अब तक 6 स्वास्थ्य अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है।
घोटाले का खुलासा कैसे हुआ
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व सांसद किरीट सोमैया के अनुसार, वे जुलाई 2025 से इस घोटाले को उजागर करने में लगे हुए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) के माध्यम से इस मामले की जानकारी साझा की और जाँच के आदेश देने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तथा बीएमसी कमिश्नर का आभार व्यक्त किया। यह ऐसे समय में सामने आया है जब महाराष्ट्र में नागरिक पंजीकरण प्रणाली की विश्वसनीयता पहले से ही सवालों के घेरे में है।
आँकड़े क्या कहते हैं
ताज़ा जाँच रिपोर्ट के अनुसार, 2024 से 2026 के बीच एसएपी सिस्टम में कुल 87,149 एंट्री दर्ज की गईं, जबकि आधिकारिक सीआरएस पोर्टल पर केवल 33,772 एंट्री ही दर्ज हैं। वर्षवार आँकड़ों के अनुसार, साल 2024 में 30,507, साल 2025 में 48,705 और साल 2026 में 7,135 जन्म प्रमाणपत्र पुराने प्रतिबंधित सिस्टम के ज़रिए दोबारा दर्ज किए गए। गौरतलब है कि यह पूरी प्रक्रिया नियमों के विरुद्ध बताई जा रही है।
अब तक की कार्रवाई
इस मामले में कार्रवाई तेज़ हो चुकी है। हाल ही में डॉ. शैलेन्द्र गुजर को भी निलंबित किया गया है। इससे पहले एम-ईस्ट वार्ड के दो अन्य अधिकारियों पर भी कार्रवाई की गई थी। जाँच रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि कई वार्डों के मेडिकल ऑफिसर्स ने बिना अनुमति के पुरानी एसएपी-नागरिक पंजीकरण प्रणाली में बदलाव किए, जबकि यह कार्य सीआरएस पोर्टल के ज़रिए होना अनिवार्य था।
राष्ट्रीय सुरक्षा की चिंता
मेयर ऋतु तावड़े और किरीट सोमैया ने इस मामले को 'राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला' करार दिया है। उनका कहना है कि कथित तौर पर इन फर्जी प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल अवैध घुसपैठियों को कानूनी पहचान दिलाने के लिए किया गया हो सकता है। हालाँकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी बाकी है।
आगे क्या होगा
बीएमसी प्रशासन 87,149 फर्जी प्रमाणपत्रों को औपचारिक रूप से रद्द करने की प्रक्रिया में है। जाँच का दायरा और बढ़ने की संभावना है, क्योंकि कई और वार्डों के मेडिकल ऑफिसर्स की भूमिका की समीक्षा जारी है। यह मामला बीएमसी की डिजिटल प्रशासन प्रणाली में गहरी खामियों को उजागर करता है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।