14 जुलाई 2026
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किरीट सोमैया का आरोप: बांद्रा ईस्ट एसआईआर में ध्वस्त गरीब नगर के 1,296 वोटरों की 'अवैध मैपिंग'

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किरीट सोमैया का आरोप: बांद्रा ईस्ट एसआईआर में ध्वस्त गरीब नगर के 1,296 वोटरों की 'अवैध मैपिंग'

सारांश

भाजपा नेता किरीट सोमैया ने महाराष्ट्र के मुख्य चुनाव अधिकारी को पत्र लिखकर दावा किया कि बांद्रा ईस्ट में ध्वस्त गरीब नगर बस्ती के 1,296 वोटरों को एसआईआर प्रक्रिया में शामिल किया गया — जबकि बस्ती पहले ही गिराई जा चुकी थी। उन्होंने चुनाव आयोग से जाँच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की माँग की है।

मुख्य बातें

BJP नेता किरीट सोमैया ने 14 जुलाई 2026 को महाराष्ट्र के मुख्य चुनाव अधिकारी एस.
चोकलिंगम को पत्र लिखा।
आरोप है कि बांद्रा ईस्ट की ध्वस्त गरीब नगर बस्ती के 2,412 में से 1,296 वोटरों की एसआईआर मैपिंग को मंजूरी दी गई।
गरीब नगर रेलवे की भूमि पर अनधिकृत बस्ती थी, जिसे बीएमसी और मुंबई पुलिस की मदद से रेलवे ने ध्वस्त किया था।
सोमैया का दावा है कि ईआरओ और बीएलओ को ध्वस्तीकरण की जानकारी पहले दी गई थी, फिर भी मैपिंग जारी रही।
सोमैया ने भारत के चुनाव आयोग (ECI) से जाँच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की माँग की है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता किरीट सोमैया ने 14 जुलाई 2026 को महाराष्ट्र के मुख्य चुनाव अधिकारी एस. चोकलिंगम को औपचारिक पत्र लिखकर बांद्रा ईस्ट विधानसभा क्षेत्र में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (एसआईआर) प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि पहले ही गिराई जा चुकी गरीब नगर बस्ती के 2,412 में से 1,296 वोटरों की मैपिंग को ब्लॉक-स्तरीय अधिकारियों ने कथित तौर पर जानबूझकर मंजूरी दी।

गरीब नगर बस्ती और विवाद की पृष्ठभूमि

गरीब नगर मुंबई में रेलवे की भूमि पर स्थित एक अनधिकृत बस्ती थी। कुछ सप्ताह पूर्व रेलवे अधिकारियों ने बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) और मुंबई पुलिस की सहायता से इस बस्ती को ध्वस्त कर दिया था। सोमैया का कहना है कि ध्वस्तीकरण के बावजूद एसआईआर के पहले दौर में स्थानीय अधिकारियों ने वहाँ कैंप लगाकर वोटरों के नाम मैपिंग प्रक्रिया में शामिल कर लिए।

मुख्य आरोप: क्या कहते हैं सोमैया

सोमैया ने अपने पत्र में लिखा, 'हमें हैरानी है कि एसआईआर के पहले राउंड में ब्लॉक-लेवल के अधिकारियों ने बांद्रा ईस्ट के गरीब नगर के 2,412 वोटरों में से 1,296 वोटरों की मैपिंग को मंज़ूरी दे दी है।' उन्होंने यह भी कहा, 'जब बीएलओ और ईआरओ समेत सभी को पता है कि गरीब नगर को गिरा दिया गया है और वहाँ कोई नहीं रह रहा है, तब भी एसआईआर के पहले राउंड में उन्होंने मैपिंग का काम पूरा कर लिया।'

सोमैया का आरोप है कि बांद्रा ईस्ट के इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ईआरओ) और संबंधित बूथ लेवल ऑफिसर्स (बीएलओ) को बस्ती के ध्वस्त होने की जानकारी पहले ही दी जा चुकी थी। इसके बावजूद, कथित तौर पर इस जानकारी को नजरअंदाज कर मैपिंग जारी रखी गई।

सोमैया की माँग: चुनाव आयोग से जाँच और कार्रवाई

भाजपा नेता ने भारत के चुनाव आयोग (ECI) से इस मामले की जाँच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध उचित कदम उठाने का आग्रह किया है। उन्होंने पत्र में स्पष्ट किया, 'हम भारत के चुनाव आयोग से अनुरोध करते हैं कि वह अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करे।' उन्होंने यह भी कहा कि उन वोटरों के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने चाहिए थे।

व्यापक संदर्भ: महाराष्ट्र में एसआईआर प्रक्रिया

यह आरोप ऐसे समय में सामने आए हैं जब महाराष्ट्र में एसआईआर प्रक्रिया के तहत मतदाता रिकॉर्ड को अद्यतन करने का व्यापक अभियान चल रहा है। गौरतलब है कि मतदाता सूची की शुद्धता को लेकर देशभर में बहस तेज है, और ध्वस्त बस्तियों के निवासियों के मतदाता अधिकारों का प्रश्न कानूनी एवं प्रशासनिक दोनों दृष्टियों से संवेदनशील है। अब देखना होगा कि चुनाव आयोग इस शिकायत पर क्या रुख अपनाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो मतदाता सूची की शुद्धता की रीढ़ मानी जाती हैं। ध्वस्त बस्ती के वोटरों को सूची में बनाए रखना — चाहे लापरवाही से हो या जानबूझकर — दोनों ही स्थितियों में चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को कमज़ोर करता है। यह मामला इस बड़े सवाल की ओर भी इशारा करता है कि अनधिकृत बस्तियों के विस्थापित निवासियों के मतदाता अधिकारों का क्या होता है — और क्या मौजूदा एसआईआर ढाँचे में इसके लिए कोई स्पष्ट प्रोटोकॉल है। चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया इस मामले की दिशा तय करेगी।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

किरीट सोमैया ने गरीब नगर वोटर मैपिंग पर क्या आरोप लगाए हैं?
सोमैया ने आरोप लगाया है कि बांद्रा ईस्ट की ध्वस्त गरीब नगर बस्ती के 2,412 में से 1,296 वोटरों की एसआईआर प्रक्रिया में मैपिंग को ब्लॉक-स्तरीय अधिकारियों ने मंजूरी दी, जबकि बस्ती पहले ही गिराई जा चुकी थी। उनका कहना है कि ईआरओ और बीएलओ को इसकी जानकारी पहले दी गई थी, फिर भी मैपिंग जारी रही।
गरीब नगर बस्ती क्या थी और इसे क्यों गिराया गया?
गरीब नगर मुंबई में रेलवे की भूमि पर स्थित एक अनधिकृत बस्ती थी। रेलवे अधिकारियों ने बीएमसी और मुंबई पुलिस की मदद से इसे ध्वस्त किया क्योंकि यह सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा था।
एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिविजन) प्रक्रिया क्या है?
स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (एसआईआर) चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची को अद्यतन करने की एक विशेष प्रक्रिया है, जिसमें बूथ-स्तरीय अधिकारी घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन और मैपिंग करते हैं। महाराष्ट्र में इस समय यह प्रक्रिया चल रही है।
सोमैया ने चुनाव आयोग से क्या माँग की है?
सोमैया ने भारत के चुनाव आयोग से इस मामले की जाँच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। उन्होंने यह भी माँग की है कि ध्वस्त बस्ती से जुड़े वोटरों के नाम मतदाता सूची से हटाए जाएँ।
इस मामले में अब आगे क्या होगा?
महाराष्ट्र के मुख्य चुनाव अधिकारी एस. चोकलिंगम को सोमैया का पत्र मिल चुका है। अब चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया और संभावित जाँच पर नजर रहेगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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