एस. जानकी की पोती अप्सरा वैद्युला का भावुक पोस्ट: 'आंसुओं से मत आंकिए दादी के लिए मेरा प्यार'
सारांश
मुख्य बातें
दिग्गज पार्श्व गायिका एस. जानकी के निधन के बाद जहाँ देशभर में उनके प्रशंसक श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं, वहीं उनकी पोती अप्सरा वैद्युला ने 14 जुलाई 2026 को इंस्टाग्राम पर एक लंबा और भावुक पोस्ट साझा किया। इस पोस्ट में उन्होंने अपनी दादी को श्रद्धांजलि देने के साथ-साथ उन लोगों को भी करारा जवाब दिया जो उनके शोक जताने के तरीके पर सवाल उठा रहे थे।
बहन वर्षा को किया याद
अप्सरा ने अपनी पोस्ट की शुरुआत अपनी दिवंगत बड़ी बहन वर्षा को याद करते हुए की। उन्होंने लिखा, 'मेरी दादी की दुनिया में सबसे पसंदीदा शख्स मेरी बड़ी बहन वर्षा थीं। दोनों एक-दूसरे से बहुत मिलती-जुलती थीं। उनके बीच ऐसा रिश्ता था, जिसे शब्दों में पूरी तरह बयाँ नहीं किया जा सकता। ऐसा लगता था जैसे वे एक-दूसरे के लिए ही बनी थीं।'
अप्सरा ने यह भी स्पष्ट किया कि आज वह जिस भूमिका में हैं, वह वास्तव में वर्षा की होनी चाहिए थी। उन्होंने लिखा, 'वही हमारी दादी की देखभाल करती और वह सारी जिम्मेदारियाँ निभाती, जो आज मेरे हिस्से में हैं।'
वर्षा के निधन का दर्द
अगस्त 2023 में वर्षा के असामयिक निधन का उल्लेख करते हुए अप्सरा ने लिखा कि परिवार आज तक उस दुख से पूरी तरह उबर नहीं पाया है। उन्होंने कहा, 'दुख कभी खत्म नहीं होता, बस इंसान उसके साथ जीना सीख जाता है। मुझे सिर्फ इस बात से सुकून मिलता है कि अब दादी और वर्षा फिर से एक-दूसरे के साथ हैं।' यह पोस्ट इसलिए भी खास है क्योंकि यह परिवार के भीतर दोहरे शोक की पीड़ा को उजागर करती है।
आलोचकों को जवाब
अप्सरा ने उन लोगों पर भी प्रतिक्रिया दी जो उनकी आँखों में आँसू न देखकर उनके प्यार पर सवाल उठा रहे थे। उन्होंने लिखा, 'कृपया मेरी दादी के लिए मेरे प्यार को मेरे आँसुओं से मत आँकिए।' उन्होंने आगे कहा, 'दुख हमेशा शोर मचाकर सामने नहीं आता। कई बार वह शांत, स्थिर और पूरी तरह निजी होता है।'
अप्सरा ने यह भी कहा कि सार्वजनिक जीवन का हिस्सा होने का मतलब अक्सर अफवाहों और अटकलों के साथ जीना होता है। उन्होंने लिखा, 'यह देखकर दुख होता है कि लोग ऐसे परिवार के बारे में राय बना लेते हैं, जिसे वे वास्तव में जानते तक नहीं हैं।'
दादी की विरासत
अप्सरा ने एस. जानकी के व्यक्तित्व को याद करते हुए लिखा कि वह बेहद सरल, दयालु और विनम्र थीं और हर व्यक्ति में अच्छाई देखती थीं। उन्होंने कहा, 'मेरी दादी और बहन, दोनों में एक मासूम और बच्चों जैसी खुशी हमेशा बनी रहती थी। वे जहाँ भी जाती थीं, एक अलग तरह की सकारात्मक ऊर्जा लेकर जाती थीं।' अप्सरा का यह पोस्ट तेज़ी से वायरल हो गया और हज़ारों लोगों ने उनके साथ संवेदनाएँ साझा कीं।
एस. जानकी की आवाज़ और उनकी विरासत दशकों तक भारतीय सिनेमा में गूँजती रहेगी — और उनकी पोती का यह पोस्ट इस बात का प्रमाण है कि उनका परिवार उनकी स्मृति को उतनी ही गहराई और गरिमा से सँजो रहा है।