एस. जानकी के निधन पर तृषा कृष्णन भावुक: 'आपकी आवाज़ हमेशा अमर रहेगी'
सारांश
मुख्य बातें
दिग्गज पार्श्व गायिका एस. जानकी के 12 जुलाई 2026 को 88 वर्ष की आयु में निधन के बाद दक्षिण भारतीय फिल्म और संगीत जगत गहरे शोक में डूब गया है। अभिनेत्री तृषा कृष्णन ने उन्हें हृदयस्पर्शी श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि इस महान कलाकार का स्नेह और आशीर्वाद पाना उनके जीवन की सबसे अनमोल धरोहरों में से एक है।
तृषा कृष्णन की भावभीनी श्रद्धांजलि
तृषा कृष्णन ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए एस. जानकी के साथ अपने रिश्ते को बेहद खास बताया। उन्होंने लिखा, 'मेरी सबसे खास फिल्मों में से एक में आपका नाम जुड़ना हमेशा मेरे जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहेगा। लेकिन आपको जानना और आपका स्नेह पाना ऐसी याद है, जिसे मैं हमेशा अपने दिल में संजोकर रखूंगी।'
तृषा ने आगे लिखा, 'आपकी गर्मजोशी भरी झप्पियाँ, आपकी दयालुता, आपकी हँसी और यह सीख कि सबसे बड़े कलाकार वही होते हैं जो सबसे विनम्र होते हैं — मैं कभी नहीं भूलूंगी। आपकी आवाज़ हमेशा अमर रहेगी। आपकी बहुत याद आएगी।'
एस. जानकी का निधन और अंतिम यात्रा
एस. जानकी को दिल का दौरा पड़ने के बाद मैसूर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहाँ उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए मैसूर के महाराजा कॉलेज ग्राउंड में रखा गया, जहाँ बड़ी संख्या में प्रशंसक, संगीत प्रेमी, कलाकार और फिल्म जगत से जुड़े लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुँचे।
एस. जानकी की अविस्मरणीय विरासत
गौरतलब है कि एस. जानकी को 'दक्षिण भारत की बुलबुल' कहा जाता था। उन्होंने हिंदी, तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ सहित अनेक भारतीय भाषाओं में 48,000 से अधिक गीत गाए। वे चार बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित हो चुकी थीं — एक ऐसा कीर्तिमान जो भारतीय संगीत जगत में विरले ही किसी को हासिल होता है।
फिल्म जगत में शोक की लहर
यह ऐसे समय में आया है जब दक्षिण भारतीय सिनेमा अपने स्वर्णिम युग की कई महान हस्तियों को खो चुका है। एस. जानकी की आवाज़ ने पाँच दशकों से अधिक समय तक करोड़ों श्रोताओं के दिलों को छुआ। तृषा कृष्णन के अलावा दक्षिण भारतीय सिनेमा की अनेक अन्य हस्तियों ने भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। उनकी आवाज़ की गूँज आने वाली पीढ़ियों तक संगीत प्रेमियों के मन में बनी रहेगी।