किरिट सोमैया ने ब्लॉसम स्कूल ट्रस्टियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई, फर्जी दस्तावेज और धोखाधड़ी के आरोप
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता किरिट सोमैया ने 15 जून 2026 को मुंबई के शिवाजी नगर पुलिस स्टेशन में ब्लॉसम इंग्लिश स्कूल के ट्रस्टियों के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। गोवंडी के बैंगनवाड़ी इलाके में स्थित इस स्कूल पर फर्जी दस्तावेज तैयार करने, धोखाधड़ी और कथित अवैध संचालन के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने पुलिस से एफआईआर दर्ज कर विस्तृत जांच की मांग की है।
शिकायत में क्या आरोप लगाए गए
सोमैया द्वारा पुलिस को सौंपे गए पत्र में आरोप लगाया गया है कि स्कूल की स्थापना और संचालन से जुड़े दस्तावेजों में गंभीर अनियमितताएं हैं। कथित तौर पर स्कूल ने प्रवेश प्रमाण पत्र और लीविंग सर्टिफिकेट में अलग-अलग वर्षों का उल्लेख कर भ्रम की स्थिति उत्पन्न की, जिससे सरकारी दस्तावेजों के दुरुपयोग की आशंका व्यक्त की गई है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि इन दस्तावेजों का उपयोग सरकारी लाभ और अन्य अधिकार प्राप्त करने में किया गया हो सकता है।
नामित ट्रस्टी और मांगी गई कार्रवाई
शिकायत में तीन ट्रस्टियों के नाम शामिल हैं — नजमुस्सहर अब्दुल जब्बार खान, जबीउल्लाह अंसारी (बल्लू) और मौलाना मोहम्मद आरिफ साकिबी। इन पर फर्जी दस्तावेज तैयार करने, धोखाधड़ी और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में संलिप्तता के आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करने और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
बीएमसी नोटिस के बावजूद संचालन जारी रहने के आरोप
गौरतलब है कि मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने 2 मार्च 2026 को ही स्कूल को बंद करने का नोटिस जारी किया था। इसके बावजूद स्कूल का संचालन जारी रहने के आरोप लगाए गए हैं। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि स्कूल के खिलाफ पहले से कई नोटिस और पत्राचार किए जा चुके हैं, किंतु कथित अवैध गतिविधियां थमी नहीं हैं।
छात्रों के भविष्य पर संकट की आशंका
शिकायत में चिंता जताई गई है कि शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम 2009 के तहत अवैध घोषित किए जा चुके इस स्कूल में पढ़ रहे छात्रों को आगे की शिक्षा और परीक्षाओं में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। यह स्थिति छात्रों के शैक्षणिक भविष्य के साथ खिलवाड़ के समान बताई गई है।
आगे क्या होगा
अब सभी की नजरें शिवाजी नगर पुलिस पर हैं कि वह शिकायत पर एफआईआर दर्ज करती है या नहीं। यह मामला मुंबई में अनधिकृत शैक्षणिक संस्थानों पर नकेल कसने की व्यापक बहस को नई धार दे सकता है।