31 जुलाई 2026
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किरिट सोमैया ने ब्लॉसम स्कूल ट्रस्टियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई, फर्जी दस्तावेज और धोखाधड़ी के आरोप

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किरिट सोमैया ने ब्लॉसम स्कूल ट्रस्टियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई, फर्जी दस्तावेज और धोखाधड़ी के आरोप

सारांश

BJP नेता किरिट सोमैया ने मुंबई के गोवंडी स्थित ब्लॉसम इंग्लिश स्कूल के तीन ट्रस्टियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। BMC पहले ही 2 मार्च 2026 को बंद करने का नोटिस दे चुकी थी, फिर भी स्कूल चलता रहा — और अब फर्जी दस्तावेजों व धोखाधड़ी के आरोपों के साथ छात्रों के भविष्य पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।

मुख्य बातें

BJP नेता किरिट सोमैया ने 15 जून 2026 को शिवाजी नगर पुलिस स्टेशन में ब्लॉसम इंग्लिश स्कूल के ट्रस्टियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत में नजमुस्सहर अब्दुल जब्बार खान , जबीउल्लाह अंसारी (बल्लू) और मौलाना मोहम्मद आरिफ साकिबी पर फर्जी दस्तावेज और धोखाधड़ी के आरोप।
मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने 2 मार्च 2026 को स्कूल बंद करने का नोटिस जारी किया था, किंतु कथित तौर पर संचालन जारी रहा।
स्कूल को RTE अधिनियम 2009 के तहत अवैध घोषित किया जा चुका है।
शिकायतकर्ता ने एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता किरिट सोमैया ने 15 जून 2026 को मुंबई के शिवाजी नगर पुलिस स्टेशन में ब्लॉसम इंग्लिश स्कूल के ट्रस्टियों के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। गोवंडी के बैंगनवाड़ी इलाके में स्थित इस स्कूल पर फर्जी दस्तावेज तैयार करने, धोखाधड़ी और कथित अवैध संचालन के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने पुलिस से एफआईआर दर्ज कर विस्तृत जांच की मांग की है।

शिकायत में क्या आरोप लगाए गए

सोमैया द्वारा पुलिस को सौंपे गए पत्र में आरोप लगाया गया है कि स्कूल की स्थापना और संचालन से जुड़े दस्तावेजों में गंभीर अनियमितताएं हैं। कथित तौर पर स्कूल ने प्रवेश प्रमाण पत्र और लीविंग सर्टिफिकेट में अलग-अलग वर्षों का उल्लेख कर भ्रम की स्थिति उत्पन्न की, जिससे सरकारी दस्तावेजों के दुरुपयोग की आशंका व्यक्त की गई है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि इन दस्तावेजों का उपयोग सरकारी लाभ और अन्य अधिकार प्राप्त करने में किया गया हो सकता है।

नामित ट्रस्टी और मांगी गई कार्रवाई

शिकायत में तीन ट्रस्टियों के नाम शामिल हैं — नजमुस्सहर अब्दुल जब्बार खान, जबीउल्लाह अंसारी (बल्लू) और मौलाना मोहम्मद आरिफ साकिबी। इन पर फर्जी दस्तावेज तैयार करने, धोखाधड़ी और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में संलिप्तता के आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करने और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

बीएमसी नोटिस के बावजूद संचालन जारी रहने के आरोप

गौरतलब है कि मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने 2 मार्च 2026 को ही स्कूल को बंद करने का नोटिस जारी किया था। इसके बावजूद स्कूल का संचालन जारी रहने के आरोप लगाए गए हैं। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि स्कूल के खिलाफ पहले से कई नोटिस और पत्राचार किए जा चुके हैं, किंतु कथित अवैध गतिविधियां थमी नहीं हैं।

छात्रों के भविष्य पर संकट की आशंका

शिकायत में चिंता जताई गई है कि शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम 2009 के तहत अवैध घोषित किए जा चुके इस स्कूल में पढ़ रहे छात्रों को आगे की शिक्षा और परीक्षाओं में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। यह स्थिति छात्रों के शैक्षणिक भविष्य के साथ खिलवाड़ के समान बताई गई है।

आगे क्या होगा

अब सभी की नजरें शिवाजी नगर पुलिस पर हैं कि वह शिकायत पर एफआईआर दर्ज करती है या नहीं। यह मामला मुंबई में अनधिकृत शैक्षणिक संस्थानों पर नकेल कसने की व्यापक बहस को नई धार दे सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

किरिट सोमैया ने ब्लॉसम स्कूल के खिलाफ क्या शिकायत दर्ज कराई है?
BJP नेता किरिट सोमैया ने 15 जून 2026 को मुंबई के शिवाजी नगर पुलिस स्टेशन में ब्लॉसम इंग्लिश स्कूल के तीन ट्रस्टियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में फर्जी दस्तावेज तैयार करने, धोखाधड़ी और अवैध संचालन के आरोप लगाए गए हैं तथा एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है।
ब्लॉसम इंग्लिश स्कूल कहाँ स्थित है और इसे अवैध क्यों बताया गया?
यह स्कूल मुंबई के गोवंडी इलाके के बैंगनवाड़ी में स्थित है। शिकायत के अनुसार इसे RTE अधिनियम 2009 के तहत अवैध घोषित किया जा चुका है और मुंबई महानगरपालिका ने 2 मार्च 2026 को इसे बंद करने का नोटिस भी जारी किया था।
शिकायत में किन ट्रस्टियों के नाम हैं?
शिकायत में तीन ट्रस्टियों — नजमुस्सहर अब्दुल जब्बार खान, जबीउल्लाह अंसारी (बल्लू) और मौलाना मोहम्मद आरिफ साकिबी — के नाम शामिल हैं। इन पर फर्जी दस्तावेज तैयार करने और धोखाधड़ी के आरोप लगाए गए हैं।
इस विवाद से छात्रों पर क्या असर पड़ सकता है?
शिकायत में चेतावनी दी गई है कि RTE अधिनियम के तहत अवैध घोषित स्कूल के छात्रों को आगे की शिक्षा, प्रवेश प्रक्रियाओं और परीक्षाओं में गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। कथित फर्जी प्रमाण पत्रों के कारण उनके शैक्षणिक भविष्य पर भी प्रश्नचिह्न लग सकता है।
अब इस मामले में आगे क्या होगा?
शिवाजी नगर पुलिस को यह तय करना है कि शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की जाए या नहीं। यदि FIR दर्ज होती है तो ट्रस्टियों के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराओं के तहत जांच शुरू होगी।
राष्ट्र प्रेस
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