अमरनाथ यात्रा 2025: रामबन में 5,000 से अधिक श्रद्धालुओं को मिला मुफ्त इलाज, 24 घंटे तैनात है मेडिकल टीम
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में अमरनाथ यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक चिकित्सा सुरक्षा-कवच तैयार किया है, जिसके तहत बनिहाल क्षेत्र के चंदेरकोट और लैंबर समेत यात्रा के प्रमुख पड़ावों पर मेडिकल कैंप, मिनी अस्पताल और 24 घंटे स्वास्थ्य सेवाएं संचालित हैं। 15 जुलाई तक लैंबर के मिनी अस्पताल में अकेले 5,000 से अधिक श्रद्धालुओं का निःशुल्क उपचार किया जा चुका है।
मुख्य चिकित्सा व्यवस्था
लैंबर मिनी अस्पताल में डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ की टीम चौबीसों घंटे तैनात है। यात्रियों को मुफ्त परामर्श, दवाइयाँ, रक्तचाप जाँच और अन्य आवश्यक नैदानिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी के अनुसार, चंदेरकोट सहित अन्य चिकित्सा केंद्रों पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपचार के लिए पहुँच रहे हैं।
अधिकारी ने बताया कि यात्रा मार्ग के हर महत्वपूर्ण पड़ाव पर पर्याप्त डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ और एंबुलेंस तैनात रखने की व्यवस्था की गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता मिल सके। सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर हेल्पलाइन नंबर और आवश्यक सूचनाएं भी प्रदर्शित की जा रही हैं।
श्रद्धालुओं की प्रतिक्रिया
मध्य प्रदेश के खरगोन से आए श्रद्धालु नारायण सैपट्टा ने बताया कि यात्रा के दौरान उन्हें पेट संबंधी परेशानी हुई। मेडिकल कैंप पर पहुँचते ही डॉक्टरों ने तत्काल जाँच की, दवाइयाँ दीं और पूरा इलाज किया — वह भी बिना किसी शुल्क के। उन्होंने कहा कि इन सुविधाओं से यात्रियों को बड़ी राहत मिल रही है।
महाराष्ट्र के नागपुर से आए श्रद्धालु धीरज ने बताया कि अमरनाथ दर्शन के बाद शरीर में थकान महसूस होने पर उन्हें सीआरपीएफ बेस कैंप के निकट स्वास्थ्य विभाग की निःशुल्क चिकित्सा सुविधा की जानकारी मिली। उन्होंने कहा कि अस्पताल में उन्हें निजी अस्पताल जैसी सुविधाएं मिलीं और चिकित्सकों का व्यवहार भी अत्यंत सहयोगपूर्ण रहा।
आम जनता पर असर
यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब अमरनाथ यात्रा हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं को उच्च-ऊँचाई वाले कठिन मार्गों पर ले जाती है, जहाँ ऑक्सीजन की कमी, थकान और मौसम की अनिश्चितता स्वास्थ्य जोखिम बढ़ा देती है। गौरतलब है कि पिछले वर्षों में यात्रा के दौरान स्वास्थ्य कारणों से कई श्रद्धालुओं की मृत्यु की घटनाएं सामने आई थीं, जिसके बाद चिकित्सा व्यवस्था को और सुदृढ़ किया गया है।
एक अन्य श्रद्धालु ने भी सरकार की व्यवस्था की सराहना करते हुए बताया कि यात्रा मार्ग पर किसी भी यात्री को स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर डॉक्टरों की टीम तुरंत इलाज शुरू कर देती है और आवश्यक दवाइयाँ भी निःशुल्क प्रदान की जाती हैं।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, उच्च-ऊँचाई वाले तीर्थ मार्गों पर 24 घंटे सक्रिय चिकित्सा सहायता न केवल आपात स्थितियों में जीवनरक्षक होती है, बल्कि यह श्रद्धालुओं के मनोबल को भी बनाए रखती है। रामबन में स्थापित यह व्यवस्था इस दिशा में एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत करती है।
आगे क्या
स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य है कि यात्रा की समाप्ति तक सभी चिकित्सा केंद्र पूरी क्षमता से संचालित रहें। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि आवश्यकतानुसार अतिरिक्त चिकित्सा दल तैनात किए जाएंगे और एंबुलेंस सेवाओं को और सुदृढ़ किया जाएगा।