उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने मंसूर अली खान और रजनीश कुमार अग्रवाल को दिलाई राज्यसभा की शपथ
सारांश
मुख्य बातें
उपराष्ट्रपति एवं राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने 15 जुलाई 2026 को संसद भवन, नई दिल्ली में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में दो नवनिर्वाचित राज्यसभा सदस्यों — मंसूर अली खान (कर्नाटक, कांग्रेस) और रजनीश कुमार अग्रवाल (मध्य प्रदेश, भारतीय जनता पार्टी) — को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस शपथ ग्रहण के साथ ही दोनों सांसदों ने औपचारिक रूप से उच्च सदन में अपनी जिम्मेदारियाँ संभाल लीं।
मुख्य घटनाक्रम
बुधवार को संसद भवन में आयोजित इस समारोह में उपराष्ट्रपति कार्यालय ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट के माध्यम से इसकी जानकारी साझा की। दोनों सदस्यों ने संविधान के अनुसार पद की शपथ लेते हुए राज्यसभा की सदस्यता ग्रहण की। यह शपथ ग्रहण संसद के आगामी सत्र से पहले संपन्न हुआ।
मंसूर अली खान: परिचय और पृष्ठभूमि
मंसूर अली खान कर्नाटक से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के राज्यसभा सांसद हैं। वह पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में शुमार हैं और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) में केरल और लक्षद्वीप के सचिव का दायित्व निभा रहे हैं। राजनीतिक भूमिका के साथ-साथ वह एक शिक्षाविद के रूप में भी जाने जाते हैं।
रजनीश कुमार अग्रवाल: संगठन में दीर्घ अनुभव
रजनीश कुमार अग्रवाल मध्य प्रदेश से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राज्यसभा सांसद हैं। भाजपा संगठन में उनका लंबा अनुभव रहा है — वह भाजपा मध्य प्रदेश के प्रदेश सचिव, बूथ मैनेजमेंट प्रभारी, प्रदेश प्रवक्ता, प्रदेश महासचिव और प्रदेश उपाध्यक्ष जैसे अहम पदों पर कार्य कर चुके हैं। इसके अतिरिक्त, वह भारतीय जनता युवा मोर्चा में राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के प्रदेश सचिव भी रह चुके हैं।
मध्य प्रदेश भाजपा की प्रतिक्रिया
मध्य प्रदेश भाजपा ने एक्स पर पोस्ट कर रजनीश कुमार अग्रवाल को बधाई दी। पार्टी ने लिखा कि 'मध्य प्रदेश भाजपा के प्रदेश मंत्री रजनीश कुमार अग्रवाल ने आज संसद में मध्य प्रदेश से राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण की।' यह बधाई संदेश राज्य इकाई की ओर से संगठनात्मक उपलब्धि के रूप में रेखांकित किया गया।
आगे की राह
संसद के आगामी सत्रों में दोनों सदस्य अपने-अपने राज्यों — कर्नाटक और मध्य प्रदेश — तथा अपने राजनीतिक दलों का प्रतिनिधित्व करते हुए उच्च सदन की कार्यवाही में भाग लेंगे। दोनों के शामिल होने से राज्यसभा में क्षेत्रीय और दलीय प्रतिनिधित्व का संतुलन और सुदृढ़ होगा।