15 जुलाई 2026
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भारत-यूके सीईटीए लागू: फिक्की ने किया स्वागत, सामान-सेवाओं में नए मौकों की उम्मीद

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भारत-यूके सीईटीए लागू: फिक्की ने किया स्वागत, सामान-सेवाओं में नए मौकों की उम्मीद

सारांश

भारत-यूके सीईटीए के लागू होते ही भारत के 99% निर्यात को शुल्क-मुक्त यूके बाज़ार मिला। फिक्की ने इसे एफटीए यात्रा का अहम पड़ाव बताया और उद्योग जगत को इनोवेशन, टेक्नोलॉजी व टैलेंट मोबिलिटी में बड़े फायदे की उम्मीद है।

मुख्य बातें

भारत-यूके सीईटीए 15 जुलाई 2026 से प्रभावी; भारत के 99% निर्यात को यूके में शून्य शुल्क पर बाज़ार पहुँच।
समझौता द्विपक्षीय व्यापार मूल्य के लगभग 100% को कवर करता है।
फिक्की सेक्रेटरी जनरल अनंत स्वरूप ने इसे भारत की एफटीए यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव बताया।
फिक्की अध्यक्ष अनंत गोयनका ने कहा — यह समझौता 'विकसित भारत' के विज़न को मजबूत करेगा।
इनोवेशन, टेक्नोलॉजी और टैलेंट मोबिलिटी में सहयोग से भारतीय उद्योग की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ने की उम्मीद।

फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) ने 15 जुलाई 2026 को भारत-यूके व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (सीईटीए) के लागू होने का स्वागत किया और कहा कि यह ऐतिहासिक समझौता भारतीय उद्योग के लिए सामान और सेवाओं, दोनों क्षेत्रों में नए अवसरों के द्वार खोलेगा। समझौते के प्रभावी होने के साथ ही भारत के लगभग 99 प्रतिशत निर्यात को यूके के बाज़ार में शुल्क-मुक्त प्रवेश मिल गया है, जिसमें द्विपक्षीय व्यापार मूल्य का लगभग 100 प्रतिशत हिस्सा शामिल है।

फिक्की की प्रतिक्रिया और उद्योग जगत का नज़रिया

फिक्की के सेक्रेटरी जनरल अनंत स्वरूप ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई देते हुए कहा, 'भारत-यूके सीईटीए के लागू होने पर फिक्की की ओर से पीएम मोदी को बहुत-बहुत बधाई। यह समझौता भारतीय इंडस्ट्री के लिए सामान और सेवाओं, दोनों में नए मौके खोलेगा। इनोवेशन, टेक्नोलॉजी और टैलेंट मोबिलिटी में सहयोग से भारतीय इंडस्ट्री की प्रतिस्पर्धा क्षमता बढ़ेगी।'

स्वरूप ने इस समझौते को भारत की मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) यात्रा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव करार दिया। उनके अनुसार, इससे ग्लोबल वैल्यू चेन में देश की भागीदारी गहरी होगी और भारत तथा यूके, दोनों में इनोवेशन-आधारित विकास को बल मिलेगा।

विकसित भारत के विज़न से जुड़ाव

फिक्की के अध्यक्ष अनंत गोयनका ने कहा कि यह समझौता 'विकसित भारत' के विज़न को साकार करने में सहायक होगा। उन्होंने कहा, 'जैसे-जैसे भारत एक विकसित अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, उच्च-गुणवत्ता वाली आर्थिक साझेदारियाँ व्यापार के अवसरों को बढ़ाने, औद्योगिक क्षमताओं को मजबूत करने और वैश्विक व्यापार एवं निवेश नेटवर्क में देश की भागीदारी को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।'

फिक्की ने इस समझौते को आर्थिक जुड़ाव के प्रति एक दूरदर्शी दृष्टिकोण बताया, जो भारत की समृद्धि, नवाचार और आर्थिक रूपांतरण की यात्रा को गति देगा।

समझौते के मुख्य प्रावधान

भारत-यूके सीईटीए के तहत भारत के लगभग 99% निर्यात उत्पादों को यूके में शून्य शुल्क पर बाज़ार पहुँच मिलेगी। यह समझौता द्विपक्षीय व्यापार मूल्य के लगभग 100% को कवर करता है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी एफटीए नीति को वैश्विक स्तर पर विस्तार दे रहा है और प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के साथ व्यापार संबंध गहरे कर रहा है।

आगे की संभावनाएँ

आलोचकों का कहना है कि समझौते के वास्तविक लाभ घरेलू उद्योग की क्षमता और कार्यान्वयन की गति पर निर्भर करेंगे। विशेषज्ञों के अनुसार, टैलेंट मोबिलिटी और सेवा क्षेत्र के प्रावधान भारतीय आईटी, फार्मा और वित्तीय सेवाओं के लिए विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध हो सकते हैं। स्थानीय सेवाओं और सामानों की बढ़ती माँग के साथ यह समझौता भारत के निर्यात पारिस्थितिकी तंत्र को नई दिशा देने का अवसर लेकर आया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा कागज़ी प्रावधानों को ज़मीनी लाभ में बदलने की होगी। 99% शुल्क-मुक्त पहुँच आकर्षक है, परंतु भारतीय एमएसएमई और सेवा निर्यातकों की यूके बाज़ार में वास्तविक पैठ बनाने की क्षमता अभी भी सीमित बुनियादी ढाँचे और अनुपालन लागत की चुनौतियों से घिरी है। टैलेंट मोबिलिटी के प्रावधानों पर यूके की घरेलू राजनीति की प्रतिक्रिया भी देखनी होगी। फिक्की का उत्साह स्वाभाविक है, लेकिन क्रियान्वयन की गति और क्षेत्रवार रोडमैप ही तय करेंगे कि यह समझौता 'विकसित भारत' की दिशा में वाकई सूई हिलाता है या नहीं।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत-यूके सीईटीए क्या है और यह कब से लागू हुआ?
भारत-यूके सीईटीए (व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता) एक द्विपक्षीय मुक्त व्यापार समझौता है जो 15 जुलाई 2026 से प्रभावी हो गया। इसके तहत भारत के लगभग 99% निर्यात उत्पादों को यूके में शून्य शुल्क पर बाज़ार पहुँच मिलती है।
इस समझौते से भारतीय उद्योग को क्या फायदा होगा?
फिक्की के अनुसार, यह समझौता सामान और सेवाओं, दोनों क्षेत्रों में नए व्यापारिक अवसर खोलेगा। इनोवेशन, टेक्नोलॉजी और टैलेंट मोबिलिटी में सहयोग से भारतीय उद्योग की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी और ग्लोबल वैल्यू चेन में देश की भागीदारी मजबूत होगी।
भारत-यूके सीईटीए से कितने निर्यात को शुल्क-मुक्त पहुँच मिलेगी?
इस समझौते के तहत भारत के लगभग 99% निर्यात उत्पादों को यूके बाज़ार में बिना किसी शुल्क के प्रवेश मिलेगा। यह द्विपक्षीय व्यापार मूल्य के लगभग 100% हिस्से को कवर करता है।
फिक्की ने इस समझौते को 'विकसित भारत' से कैसे जोड़ा?
फिक्की अध्यक्ष अनंत गोयनका के अनुसार, उच्च-गुणवत्ता वाली आर्थिक साझेदारियाँ भारत की औद्योगिक क्षमताओं को मजबूत करेंगी और वैश्विक व्यापार नेटवर्क में देश की भागीदारी बढ़ाएंगी। यह समझौता भारत की आर्थिक वृद्धि और 'विकसित भारत' के विज़न को पूरा करने में सहायक माना जा रहा है।
भारत की एफटीए नीति में यह समझौता कितना अहम है?
फिक्की सेक्रेटरी जनरल अनंत स्वरूप ने इसे भारत की मुक्त व्यापार समझौता यात्रा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव बताया है। यह समझौता भारत के उन प्रयासों का हिस्सा है जिनके तहत वह प्रमुख वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं के साथ व्यापारिक संबंध गहरे कर रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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