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कामराज की 124वीं जयंती: अन्नामलाई बोले — स्कूल नामांकन 3.33 लाख से 9.46 लाख तक पहुँचाया

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कामराज की 124वीं जयंती: अन्नामलाई बोले — स्कूल नामांकन 3.33 लाख से 9.46 लाख तक पहुँचाया

सारांश

के. अन्नामलाई ने कामराज की 124वीं जयंती पर याद दिलाया कि जिस नेता को खुद उच्च शिक्षा नहीं मिली, उसने नौ साल में तमिलनाडु में स्कूल नामांकन तीन गुना किया — 3.33 लाख से 9.46 लाख। यह विरासत आज भी बेमिसाल है।

मुख्य बातें

अन्नामलाई ने 15 जुलाई 2026 को कर्मवीर के.
कामराज की 124वीं जयंती पर श्रद्धांजलि देते हुए उनकी शैक्षिक उपलब्धियाँ गिनाईं।
1954 में मुख्यमंत्री बनने पर तमिलनाडु में केवल 45% बच्चे स्कूल जाते थे; 1963 तक यह आँकड़ा 80% हो गया।
स्कूल नामांकन 3.33 लाख से बढ़कर 9.46 लाख छात्रों तक पहुँचा — करीब तीन गुना वृद्धि।
कामराज ने लगभग नौ वर्ष मुख्यमंत्री के रूप में और लगभग उतने ही वर्ष स्वतंत्रता संग्राम में जेल में बिताए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित देश के कई नेताओं ने 124वीं जयंती पर कामराज को श्रद्धांजलि दी।

'वी द लीडर्स' के प्रमुख के. अन्नामलाई ने 15 जुलाई 2026 को स्वतंत्रता सेनानी एवं तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री कर्मवीर के. कामराज की 124वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनकी शैक्षिक विरासत को रेखांकित किया। अन्नामलाई ने कहा कि विरुधुनगर में जन्मे कामराज को स्वयं उच्च शिक्षा का अवसर नहीं मिला, फिर भी उन्होंने मुख्यमंत्री के रूप में भारत के इतिहास में शिक्षा की सबसे मजबूत नींव रखी।

शिक्षा में ऐतिहासिक बदलाव

अन्नामलाई ने अपने बयान में ठोस आँकड़े पेश किए। उनके अनुसार, जब 1954 में कामराज तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बने, तब राज्य में केवल 45 प्रतिशत बच्चे ही स्कूल जाते थे। 1963 में पद छोड़ने तक यह आँकड़ा बढ़कर 80 प्रतिशत हो गया था — यानी नौ वर्षों में 35 प्रतिशत अंकों की उल्लेखनीय वृद्धि।

स्कूली नामांकन के मामले में भी यह बदलाव उतना ही चौंकाने वाला था। कामराज के सत्ता में आने से पहले स्कूलों में मात्र 3.33 लाख छात्र नामांकित थे, जो उनके कार्यकाल के अंत तक बढ़कर लगभग 9.46 लाख छात्र हो गए — लगभग तीन गुना वृद्धि।

कामराज का जीवन और संघर्ष

अन्नामलाई ने कामराज के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 1902 में जन्मे और 1975 में निधन पाए कामराज ने जितने वर्ष मुख्यमंत्री के रूप में सेवा दी, लगभग उतने ही वर्ष — करीब नौ वर्ष — जेल में भी बिताए। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान उन्हें महात्मा गांधी सहित देश के प्रमुख नेताओं के साथ काम करने का सौभाग्य मिला।

अन्नामलाई ने कहा, 1920 से 1950 के दशक के बीच कामराज ने धीरे-धीरे खुद को भारत के प्रमुख जन-नेताओं में स्थापित किया। उनका जन्म उस काल में हुआ जब देश में स्वाधीनता की चाहत अपने चरम पर थी।

समकालीन नेतृत्व से तुलना

अन्नामलाई ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि आज का कोई भी मुख्यमंत्री डेटा के साथ ऐसी ठोस और प्रभावशाली उपलब्धियों की बात नहीं कर सकता। यह बयान समकालीन राजनीतिक नेतृत्व और कामराज की विरासत के बीच स्पष्ट तुलना खींचता है।

व्यापक श्रद्धांजलि

कामराज की 124वीं जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत देश के कई वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। यह जयंती एक बार फिर कामराज की उस विरासत को केंद्र में ले आई जो शिक्षा, सेवा और सादगी पर टिकी थी।

संपादकीय दृष्टिकोण

एक राजनीतिक संदेश भी है — जब वे कहते हैं कि 'आज का कोई मुख्यमंत्री डेटा के साथ ऐसी उपलब्धियाँ नहीं गिना सकता', तो निशाना स्पष्ट है। गौरतलब है कि तमिलनाडु में वर्तमान में DMK सत्ता में है और कामराज कांग्रेस के प्रतीक पुरुष रहे हैं — ऐसे में विपक्षी नेता द्वारा कांग्रेसी विरासत को सराहना, राजनीतिक परिदृश्य की जटिलता को उजागर करता है। कामराज के आँकड़े प्रामाणिक और प्रभावशाली हैं, लेकिन यह भी ध्यान देने योग्य है कि उस युग की तुलना आज की शासन-व्यवस्था से करना संदर्भ से परे हो सकता है — तब की चुनौतियाँ और संसाधन दोनों भिन्न थे।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

के. कामराज कौन थे और उनकी 124वीं जयंती क्यों मनाई जा रही है?
के. कामराज तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और स्वतंत्रता सेनानी थे, जिनका जन्म 1902 में विरुधुनगर में हुआ था। 15 जुलाई 2026 को उनकी 124वीं जयंती पर देशभर के नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।
कामराज के कार्यकाल में तमिलनाडु की शिक्षा में क्या बदलाव आया?
1954 से 1963 के बीच कामराज के मुख्यमंत्री रहते स्कूल जाने वाले बच्चों का प्रतिशत 45% से बढ़कर 80% हो गया। स्कूली नामांकन 3.33 लाख से बढ़कर लगभग 9.46 लाख छात्रों तक पहुँचा।
के. अन्नामलाई ने कामराज जयंती पर क्या कहा?
अन्नामलाई ने कहा कि कामराज को स्वयं उच्च शिक्षा का अवसर नहीं मिला, फिर भी उन्होंने भारत के इतिहास में शिक्षा की सबसे मजबूत नींव रखी। उन्होंने यह भी कहा कि आज का कोई भी मुख्यमंत्री डेटा के साथ ऐसी ठोस उपलब्धियाँ नहीं गिना सकता।
कामराज ने स्वतंत्रता आंदोलन में क्या भूमिका निभाई?
कामराज ने 1920 से 1950 के दशक के बीच स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भाग लिया और महात्मा गांधी सहित कई प्रमुख नेताओं के साथ काम किया। उन्होंने लगभग नौ वर्ष जेल में बिताए।
कामराज की 124वीं जयंती पर किन-किन नेताओं ने श्रद्धांजलि दी?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत देश के कई वरिष्ठ नेताओं ने 15 जुलाई 2026 को कामराज की 124वीं जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की। 'वी द लीडर्स' के प्रमुख के. अन्नामलाई ने विशेष बयान जारी कर उनकी शैक्षिक विरासत को रेखांकित किया।
राष्ट्र प्रेस
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