'वी द लीडर्स' आंदोलन से तीन दिनों में 17 लाख सदस्य जुड़े: अन्नामलाई का दावा
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने 8 जून 2026 को दावा किया कि उनके नवगठित राजनीतिक आंदोलन 'वी द लीडर्स' से लॉन्च के महज तीन दिनों के भीतर करीब 17 लाख लोग जुड़ चुके हैं। उन्होंने इस व्यापक समर्थन को तमिलनाडु में राजनीतिक बदलाव की जनइच्छा का प्रबल संकेत बताया।
आंदोलन का उद्देश्य और समर्थकों का आभार
सोशल मीडिया पर साझा किए गए संदेश में अन्नामलाई ने लिखा, 'मेरे सभी भाइयों, बहनों और मित्रों का हृदय से धन्यवाद। तमिलनाडु में राजनीतिक बदलाव लाने के उद्देश्य से शुरू किया गया हमारा 'वी द लीडर्स' आंदोलन आपके प्यार और समर्थन के कारण मात्र तीन दिनों में 17 लाख सदस्यों के आंकड़े के करीब पहुंच गया है।' उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल एक शुरुआत है और यह आंदोलन भविष्य में राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण शक्ति बनकर उभरेगा।
संगठनात्मक ढाँचा और पदों की व्यवस्था
अन्नामलाई ने स्पष्ट किया कि फिलहाल आंदोलन में किसी को कोई आधिकारिक पद या जिम्मेदारी नहीं दी गई है। उनके अनुसार, 'उपयुक्त व्यक्तियों का चयन कर उन्हें जल्द जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी।' उन्होंने यह भी बताया कि संगठन में स्थायी पदों की कोई व्यवस्था नहीं होगी।
आंदोलन का पहला महीना पूरी तरह सदस्यता अभियान को समर्पित किया गया है, जिसमें पूरे तमिलनाडु में सदस्य संख्या बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
अनधिकृत संगठनों के विरुद्ध चेतावनी
अन्नामलाई ने अपने समर्थकों को उन संगठनों और समूहों से सावधान रहने की सलाह दी जो कथित तौर पर उनकी अनुमति के बिना उनके नाम और तस्वीर का उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ स्वयंसेवकों ने उनके नाम पर अलग-अलग संगठन बनाकर जिला स्तर के पदाधिकारियों की नियुक्ति तक कर दी है, जबकि उनका 'वी द लीडर्स' से कोई संबंध नहीं है।
उन्होंने विशेष रूप से अन्नामलाई अन्बु कूट्टम, अन्नामलाई चैरिटेबल फाउंडेशन और अन्नामलाई पीपुल्स मूवमेंट जैसे संगठनों का उल्लेख करते हुए स्पष्ट किया कि इनका उनके नए आंदोलन से कोई आधिकारिक संबंध नहीं है। उन्होंने बताया कि कुछ संगठनों को कई महीने पहले ही पत्र भेजकर उनके नाम के उपयोग को बंद करने का अनुरोध किया जा चुका था।
आधिकारिक पंजीकरण की अपील
अन्नामलाई ने आंदोलन से जुड़ने के इच्छुक लोगों से स्पष्ट अपील की कि वे केवल आंदोलन की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ही पंजीकरण कराएं। उन्होंने किसी भी अनधिकृत मंच या संगठन के जरिए सदस्यता न लेने की सख्त हिदायत दी और सभी अनधिकृत समूहों से तत्काल प्रभाव से उनके नाम, तस्वीर और ब्रांडिंग का उपयोग बंद करने की माँग की।
आगे की राह
गौरतलब है कि अन्नामलाई ने हाल ही में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के तमिलनाडु प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद यह स्वतंत्र आंदोलन शुरू किया है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) की सरकार के खिलाफ विपक्षी स्थान को लेकर राजनीतिक पुनर्संरेखण की चर्चाएं तेज हैं। आंदोलन की दिशा और संभावित चुनावी रणनीति आने वाले हफ्तों में स्पष्ट होने की उम्मीद है।