अन्नामलाई ने भाजपा छोड़ी, नई पार्टी 'वी द लीडर्स' लॉन्च; 2026 तमिलनाडु चुनाव लड़ने का ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु भाजपा के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने 6 जून 2025 को भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से औपचारिक इस्तीफा दे दिया और उसी दिन दोपहर को एक नए राजनीतिक संगठन 'वी द लीडर्स' की स्थापना की घोषणा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह नई पार्टी तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में मैदान में उतरेगी। यह कदम तमिलनाडु की राजनीति में एक नए समीकरण की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।
भाजपा से अलगाव की पृष्ठभूमि
अन्नामलाई ने सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो संदेश में बताया कि उन्होंने दिसंबर 2025 में ही भाजपा नेतृत्व को पार्टी छोड़ने के अपने इरादे से अवगत करा दिया था। उनके अनुसार, वरिष्ठ नेताओं ने उनसे अनुरोध किया था कि वे तमिलनाडु विधानसभा चुनाव तक पार्टी के साथ बने रहें। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि पिछले 18 महीनों में कई मुद्दों पर भाजपा के साथ उनके मतभेद रहे।
गौरतलब है कि ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कझगम (AIADMK) के साथ चुनाव-पूर्व गठबंधन के भाजपा के फैसले के विरोध में अन्नामलाई ने पार्टी पदों से पहले ही इस्तीफा दे दिया था। हालाँकि, उन्होंने विधानसभा चुनावों में भाजपा के प्रचार-प्रसार में भाग लिया था — जो उनके रुख की जटिलता को दर्शाता है।
'वी द लीडर्स' का घोषणापत्र और दृष्टिकोण
नई पार्टी की नींव रखते हुए अन्नामलाई ने कहा कि उनका मिशन तमिलनाडु में सकारात्मक बदलाव लाना और जन-कल्याण पर केंद्रित राजनीति करना है। उन्होंने तर्क दिया कि राष्ट्रीय पार्टियाँ अक्सर तमिलनाडु के लोगों की भावनाओं और अपेक्षाओं को पूरी तरह समझने में विफल रहती हैं। उन्होंने व्यक्ति-पूजा और वंशवादी राजनीति को खारिज करते हुए कहा कि 'राजनीति को किसी एक परिवार तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए।'
अपनी राजनीतिक यात्रा को 'अकेले लड़ी जाने वाली लड़ाई' बताते हुए उन्होंने कहा कि वह तमिलनाडु की पहचान और आकांक्षाओं के प्रति प्रतिबद्ध रहते हुए आम लोगों के साथ मिलकर एक नया रास्ता बनाना चाहते हैं।
DMK और मुख्यमंत्री विजय पर हमला
अन्नामलाई ने द्रविड़ मुनेत्र कझगम (DMK) और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि व्यक्ति-केंद्रित और परिवार-केंद्रित राजनीति का दौर समाप्त होना चाहिए और उन्होंने घोषणा की कि वह अब पूरी तरह लोगों पर केंद्रित राजनीति के लिए संकल्पित हैं।
रजनीकांत समेत कई हस्तियों का आग्रह ठुकराया
अन्नामलाई ने दावा किया कि सुपरस्टार रजनीकांत समेत कई बड़ी हस्तियों ने उन्हें अपनी पार्टी में शामिल होने का आग्रह किया था, लेकिन उन्होंने अपना स्वतंत्र राजनीतिक मार्ग चुनने का निर्णय किया। यह बयान राज्य की राजनीति में उनकी स्वतंत्र छवि बनाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
अन्नामलाई का राजनीतिक सफर
कर्नाटक कैडर के पूर्व भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी के. अन्नामलाई ने 2019 में IPS से इस्तीफा दिया था। 2020 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रेरित होकर वे भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हुए और एक वर्ष के भीतर ही तमिलनाडु भाजपा के अध्यक्ष नियुक्त हो गए — पार्टी के सबसे युवा राज्य प्रमुखों में से एक बनकर। अब उनका यह नया कदम यह संकेत देता है कि तमिलनाडु का 2026 विधानसभा चुनाव पहले से कहीं अधिक बहुकोणीय होने वाला है।