तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026: भाजपा ने एआईएडीएमके को सौंपी 72 सीटों की सूची
सारांश
Key Takeaways
- भाजपा ने एआईएडीएमके को 72 सीटों की सूची सौंपी।
- भाजपा का लक्ष्य 30-35 सीटों पर चुनाव लड़ना है।
- गठबंधन दोनों दलों के लिए रणनीतिक महत्व रखता है।
- भाजपा की विश लिस्ट में प्रमुख शहरी सीटें शामिल हैं।
- द्रमुक का भी सीट बंटवारे में तेजी से काम चल रहा है।
चेन्नई, २४ फ़रवरी (राष्ट्र प्रेस)। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव २०२६ के लिए सीट बंटवारे की प्रक्रिया में तेजी आ गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को औपचारिक रूप से ७२ विधानसभा सीटों की सूची अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) को सौंपी है।
जानकारी के अनुसार, भाजपा ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के तहत सीधे ३० से ३५ सीटों पर चुनाव लड़ने की इच्छा व्यक्त की है। यह सूची एआईएडीएमके के महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नैनार नागेंथ्रन और केंद्रीय मंत्री एवं तमिलनाडु के चुनाव प्रभारी पीयूष गोयल ने चेन्नई में हुई बैठक के दौरान प्रस्तुत की।
तमिलनाडु में एआईएडीएमके, भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए की मुख्य सहयोगी है। दोनों दलों ने २०२६ के विधानसभा चुनाव से पहले अपने गठबंधन को और मजबूत करने का संकेत दिया है।
भाजपा की ‘विश लिस्ट’ में चेन्नई के प्रमुख शहरी क्षेत्रों जैसे थाउजेंड लाइट्स, टी. नगर और वेलाचेरी शामिल हैं। अन्य महत्वपूर्ण सीटों में तिरुवल्लूर जिले की तिरुत्तनी, अवडी, कांचीपुरम, दक्षिण तमिलनाडु की आलंगुलम और तेनकासी जैसी सीटें भी शामिल हैं।
भाजपा ने तिरुवन्नामलाई, सिंगानल्लूर, अरवाकुरिची, पलानी, विलावनकोड और नागरकोइल जैसी सीटों में भी रुचि दिखाई है, जहां पार्टी को अपने बढ़ते जनाधार और संगठनात्मक मजबूती के आधार पर बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।
पार्टी के सूत्रों का कहना है कि ३०-३५ सीटों की मांग तमिलनाडु में भाजपा की राजनीतिक पकड़ को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां पार्टी ने पिछले चुनावों में अपनी उपस्थिति बढ़ाई है।
हालांकि, अंतिम सीट बंटवारा एआईएडीएमके नेतृत्व के साथ बातचीत और गठबंधन की व्यापक रणनीति पर निर्भर करेगा।
दूसरी ओर, द्रमुक (डीएमके) के नेतृत्व वाला गठबंधन भी सीट बंटवारे की प्रक्रिया में तेजी ला रहा है। ऐसे में २०२६ के उच्च दांव वाले मुकाबले से पहले तमिलनाडु की राजनीति में जोरदार मोलभाव और रणनीतिक हलचल देखने को मिल सकती है।