भारत अपने नागरिकों के संकट में हमेशा खड़ा रहता है: सीएम योगी का जापान में संबोधन
सारांश
Key Takeaways
- उत्तर प्रदेश में अंधेरे से उजाले की ओर विकास यात्रा।
- मुख्यमंत्री योगी का जापान में भारतीय समुदाय के प्रति संदेश।
- निवेश के नए अवसर और सांस्कृतिक पुनर्जागरण।
- भारत की शक्ति विश्व में मैत्री और करुणा का प्रसार करना।
- महाकुंभ और अयोध्या के राम मंदिर का महत्व।
टोक्यो/लखनऊ, 25 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। “पहले यूपी में सड़कें नहीं थीं, बिजली की आपूर्ति नहीं थी। अंधेरे में काम करने वालों को उजाला पसंद नहीं आता। जब डकैती की प्रवृत्ति होती है, तो प्रदेश को अंधेरे में रखा जाता है। लेकिन, हमने यह निर्णय लिया कि उत्तर प्रदेश को भय और भ्रष्टाचार से मुक्त करना है, इसलिए इसे उजाले में लाना होगा। हम सूर्यपुत्र हैं, हमें सूर्य जैसी रोशनी चाहिए।” जापान में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के 'अंधेरे से उजाले' तक के परिवर्तन की कहानी को प्रस्तुत किया। उन्होंने राज्य में कानून-व्यवस्था, इंफ्रास्ट्रक्चर, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और निवेश के नए अवसरों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज यूपी दंगों या कर्फ्यू की खबरों से आगे बढ़कर दीपोत्सव, महाकुंभ और वैश्विक निवेश की पहचान बन चुका है और यही परिवर्तन भारत को विकसित राष्ट्र की दिशा में आगे बढ़ा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले कनेक्टिविटी की समस्या थी, सड़कें नहीं थीं, और बिजली की आपूर्ति भी अक्सर बाधित रहती थी। पहले की सरकारें अंधकार में रहने की आदी थीं, क्योंकि उनके सारे कार्य अंधेरे में होते थे। क्या उजाले में डकैती हो सकती है? जब प्रवृत्ति डकैती करने की थी, तो वह अंधेरे में ही संभव थी, इसीलिए बिजली की आपूर्ति नहीं की जाती थी। हमने उत्तर प्रदेश को डकैती और भय से मुक्त करने का संकल्प लिया है, जिसके लिए उजाला आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि आज भारत प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में नई ऊँचाइयों को छू रहा है। उत्तर प्रदेश, जो 25 करोड़ की आबादी वाला राज्य है, अब विकास के नए मानक स्थापित कर रहा है। पहले कर्फ्यू और दंगों की खबरें आती थीं, लेकिन आज उत्सवों की खबरें आती हैं। अयोध्या में दीपोत्सव, काशी में देव दीपावली, मथुरा-वृंदावन में रंगोत्सव, ये सभी सकारात्मक परिवर्तन के प्रतीक हैं। हमने कानून-व्यवस्था में सुधार किया, कनेक्टिविटी को बेहतर बनाया, और बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित की। आज निवेशक उत्तर प्रदेश में सेमीकंडक्टर, डाटा सेंटर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ग्रीन हाइड्रोजन, लॉजिस्टिक्स पार्क और अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट जैसे क्षेत्रों में निवेश कर रहे हैं।
उन्होंने भारतीय समुदाय को होली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महाकुंभ और अयोध्या का भव्य राम मंदिर हमारी क्षमता का प्रतीक है। काशी विश्वनाथ धाम का पुनर्विकास आधुनिकता और परंपरा का सुंदर संगम है। भारत की शक्ति विश्व को मैत्री और करुणा के मार्ग पर ले जाने की है, किसी पर प्रभुत्व स्थापित करने की नहीं। 'जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी' हमारी प्रेरणा है। विश्व में जहां भी भारतीय मूल के लोग संकट में होते हैं, भारत उनके साथ खड़ा रहता है। हमें अपने देश और विश्व के कल्याण के लिए योगदान देना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि हम जापान में हैं, जिसे उगते सूरज की धरती कहा जाता है। यहां सूर्य की पहली किरण पड़ती है। वहीं भारत सूर्यपुत्र की भूमि है। भगवान श्रीराम सूर्यवंशी परंपरा में अवतरित हुए।
उन्होंने कहा कि 24 जनवरी को उत्तर प्रदेश दिवस मनाया जाता है। प्रधानमंत्री मोदी की प्रेरणा से सभी राज्यों ने अपने स्थापना दिवस को मनाने का निर्णय लिया है। पिछले वर्षों में अयोध्या में दीपावली का कोई विशेष आयोजन नहीं होता था, लेकिन हमने दीपोत्सव की शुरुआत की। आज 25 से 30 लाख दीपक एक साथ प्रज्ज्वलित होते हैं।
कार्यक्रम की शुरुआत सांस्कृतिक आयोजन के साथ हुई, जहां बेटियों की प्रस्तुति ने सीएम योगी का दिल जीत लिया। उन्होंने कहा कि भारत से दूर रहकर इन बेटियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जो सराहनीय है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अपने साथ आए प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख सहयोगियों का भी परिचय कराया और जापान में भारत की राजदूत नगमा मलिक और उनकी पूरी टीम का आभार व्यक्त किया।