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यमुना में डूबे चार बच्चे: अलीपुर के पास तीन शव बरामद, चौथे की तलाश जारी

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यमुना में डूबे चार बच्चे: अलीपुर के पास तीन शव बरामद, चौथे की तलाश जारी

सारांश

दिल्ली के अलीपुर में यमुना की तेज़ धारा ने रविवार शाम चार नाबालिगों को निगल लिया — तीन के शव बरामद हो चुके हैं, एक अभी भी लापता है। उसी दिन मुखमेलपुर में दो और बच्चे पानी भरे गड्ढे में डूबे। मानसून में दिल्ली के लिए यह एक काली शाम रही।

मुख्य बातें

15 जुलाई को शाम 4:30 बजे दिल्ली के हिरंकी गांव, अलीपुर के पास यमुना नदी में चार नाबालिग बच्चे डूब गए।
अब तक तीन शव बरामद; चौथे बच्चे की तलाश जारी।
NDRF , दिल्ली फायर सर्विस और स्थानीय एजेंसियों ने संयुक्त बचाव अभियान चलाया; रात 10:30 बजे खराब दृश्यता के कारण अभियान रोका गया।
उसी दिन मुखमेलपुर गांव में पानी भरे गड्ढे में गिरने से 8 और 10 साल के दो लड़कों की मौत हुई।
जाँचकर्ताओं के अनुसार, गड्ढे को ठीक से सुरक्षित नहीं किया गया था — यह खेतों से बारिश का पानी जमा करने के लिए खोदा गया था।
अधिकारियों ने इलाका सील कर निवासियों को यमुना के पास न जाने की चेतावनी दी।

नई दिल्ली के अलीपुर इलाके के निकट हिरंकी गांव में ठोकर नंबर 24 के पास यमुना नदी में नहाते समय रविवार, 15 जुलाई को चार नाबालिग बच्चे बह गए, जिनमें से अब तक तीन के शव बरामद किए जा चुके हैं और चौथे बच्चे की तलाश जारी है। घटना शाम करीब 4:30 बजे हुई, जब बाहरी उत्तरी दिल्ली के अलीपुर पुलिस स्टेशन क्षेत्र में नदी की तेज़ धारा ने बच्चों को अपनी चपेट में ले लिया।

मुख्य घटनाक्रम

घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली फायर सर्विस, नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) और अन्य एजेंसियों ने संयुक्त बचाव अभियान शुरू किया। कई घंटों की गहन तलाशी के बाद रविवार को ही नदी से दो शव बरामद किए गए। खराब दृश्यता और अंधेरे के कारण रात करीब 10:30 बजे अभियान अस्थायी रूप से रोकना पड़ा। सोमवार को बचाव दल की वापसी के बाद एक और शव बरामद किया गया, जिससे मृतकों की संख्या तीन हो गई।

बचाव दल की प्रतिक्रिया

ईस्ट दिल्ली बोट क्लब के इंचार्ज हरीश ने बताया कि अलीपुर पुलिस स्टेशन क्षेत्र में यमुना में डूबे चार नाबालिगों में से एक का शव बरामद कर लिया गया है, जबकि दूसरे की तलाश अभी भी जारी है। स्थानीय अधिकारियों ने इलाके को सील कर दिया है और निवासियों से यमुना में न उतरने की सख्त अपील की है। अधिकारियों के अनुसार, नदी का जलस्तर खतरनाक रूप से ऊँचा है और बहाव अत्यंत तेज़ है।

दूसरी दुर्घटना: मुखमेलपुर में दो और बच्चों की मौत

इसी दिन एक अलग घटना में, मुखमेलपुर गांव में पानी से भरे गड्ढे में गिरने से 8 और 10 साल के दो लड़कों की मौत हो गई। पुलिस को शाम 6:08 बजे और दिल्ली फायर सर्विस को शाम 5:55 बजे घटना की सूचना मिली। स्थानीय लोगों ने बच्चों को गड्ढे से निकाला और नरेला के सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र अस्पताल पहुँचाया, जहाँ डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।

गड्ढे की लापरवाही पर सवाल

जाँचकर्ताओं के अनुसार, बच्चे शाम करीब 4 बजे एक घर के पीछे खेतों में खेलने गए थे, जब वे गलती से उस गड्ढे में जा गिरे। यह गड्ढा आसपास के खेतों से अतिरिक्त बारिश का पानी जमा करने के लिए खोदा गया था। जाँचकर्ताओं को संदेह है कि खुदाई वाली जगह को ठीक से सुरक्षित नहीं किया गया था, जिससे यह इलाके के बच्चों के लिए जानलेवा साबित हुई।

आगे क्या होगा

यमुना में लापता चौथे बच्चे की तलाश सोमवार को भी जारी रही। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि मानसून के दौरान नदियों और जलभराव वाले स्थानों के पास जाना अत्यंत खतरनाक है। यह घटना दिल्ली में मानसून सीज़न के दौरान बच्चों की सुरक्षा और खुले जलस्रोतों के रखरखाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी स्थायी समाधान नहीं निकलता। मुखमेलपुर में खुले गड्ढे की घटना बताती है कि निर्माण और कृषि-खुदाई स्थलों की सुरक्षा के लिए कोई प्रभावी निगरानी तंत्र नहीं है। जब तक नदी-किनारों की नियमित गश्त और खुले जलस्रोतों की अनिवार्य बाड़ेबंदी को ज़मीनी स्तर पर लागू नहीं किया जाता, ये त्रासदियाँ हर बरसात की नियति बनी रहेंगी।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली के अलीपुर में यमुना नदी डूबने की घटना क्या है?
15 जुलाई को शाम 4:30 बजे बाहरी उत्तरी दिल्ली के हिरंकी गांव में ठोकर नंबर 24 के पास यमुना नदी में नहाते समय चार नाबालिग बच्चे तेज़ धारा में बह गए। अब तक तीन शव बरामद किए जा चुके हैं और चौथे बच्चे की तलाश जारी है।
बचाव अभियान में कौन-कौन सी एजेंसियाँ शामिल हैं?
दिल्ली फायर सर्विस, NDRF और स्थानीय पुलिस ने मिलकर बचाव अभियान चलाया। रात करीब 10:30 बजे खराब दृश्यता और अंधेरे के कारण अभियान अस्थायी रूप से रोका गया और अगले दिन फिर शुरू किया गया।
मुखमेलपुर गांव में क्या हुआ?
उसी दिन मुखमेलपुर गांव में 8 और 10 साल के दो लड़के पानी से भरे गड्ढे में गिर गए। स्थानीय लोगों ने उन्हें निकालकर नरेला के सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र अस्पताल पहुँचाया, जहाँ डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
मुखमेलपुर का गड्ढा खतरनाक क्यों था?
जाँचकर्ताओं के अनुसार यह गड्ढा खेतों से अतिरिक्त बारिश का पानी जमा करने के लिए खोदा गया था, लेकिन इसे ठीक से सुरक्षित नहीं किया गया था। बच्चे शाम करीब 4 बजे पास के खेतों में खेलते-खेलते गलती से उसमें जा गिरे।
अधिकारियों ने स्थानीय लोगों को क्या चेतावनी दी है?
स्थानीय अधिकारियों ने घटनास्थल के आसपास का इलाका सील कर दिया है और निवासियों से यमुना नदी के पास न जाने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि मानसून के दौरान नदी का जलस्तर खतरनाक रूप से ऊँचा है और बहाव बेहद तेज़ है।
राष्ट्र प्रेस
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