भारत-यूके सीईटीए: पीयूष गोयल बोले — 170 उद्योगपतियों का ऐतिहासिक प्रतिनिधिमंडल लेकर पहुंचे लंदन, कारोबार को मिलेगी नई रफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 26 जून 2026 को लंदन में कहा कि भारत-यूके व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (सीईटीए) को लेकर ब्रिटेन में जबरदस्त उत्साह है और यह समझौता दोनों देशों के बीच व्यापार एवं निवेश को नई गति देगा। वे भारत के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा कारोबारी प्रतिनिधिमंडल — लगभग 170 उद्योगपति और कारोबारी — लेकर ब्रिटेन पहुंचे हैं।
समझौते का दायरा और महत्त्व
गोयल ने स्पष्ट किया कि भारत-यूके सीईटीए केवल वस्तुओं और सेवाओं के आदान-प्रदान तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार, यह समझौता दोनों देशों के बीच एक व्यापक आर्थिक साझेदारी की नींव रखेगा और द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत और ब्रिटेन के कारोबारी समुदाय में इस समझौते को लेकर व्यापक आशावाद है।
170 उद्योगपतियों का ऐतिहासिक प्रतिनिधिमंडल
मंत्री ने बताया कि देश के अलग-अलग राज्यों और विभिन्न क्षेत्रों से करीब 170 उद्योगपति एवं कारोबारी उनके साथ लंदन पहुंचे हैं, जो भारत के किसी भी व्यापारिक दौरे का अब तक का सबसे बड़ा प्रतिनिधिमंडल है। लंदन में उनकी ब्रिटिश कंपनियों और भारतीय उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ कई महत्वपूर्ण बैठकें संपन्न हुई हैं।
प्रधानमंत्री मोदी का संदेश — 'यही सही समय है'
गोयल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस संदेश का हवाला दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि 'यही सही समय है।' मंत्री ने कहा कि भारत-यूके साझेदारी के संदर्भ में इससे बेहतर संदेश नहीं हो सकता। उन्होंने दोनों देशों के कारोबारियों से अपील की कि जीवन में कुछ अवसर ऐसे होते हैं जो दोबारा नहीं आते — इस मौके को हाथ से जाने देना उचित नहीं होगा।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर स्थिति
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर पूछे गए सवाल के जवाब में गोयल ने बताया कि हाल ही में अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) भारत आए थे, जिनके साथ दो दिनों तक विस्तृत वार्ता हुई। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित समझौते के अधिकांश महत्वपूर्ण बिंदुओं पर दोनों देशों के बीच व्यापक सहमति बन चुकी है।
हालाँकि, एक अहम मुद्दा अभी विचाराधीन है — भारत चाहता है कि उसे अमेरिकी बाज़ार में आसियान देशों की तुलना में बेहतर और अधिक प्रतिस्पर्धी बाज़ार पहुँच मिले। गोयल ने बताया कि अमेरिकी पक्ष ने इस विषय पर समाधान निकालने का भरोसा दिया है और जैसे ही यह मुद्दा सुलझेगा, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को अंतिम रूप दिया जा सकेगा।
आगे क्या
भारत-यूके सीईटीए और भारत-अमेरिका व्यापार समझौता — दोनों मोर्चों पर एक साथ सक्रिय कूटनीति भारत की वैश्विक व्यापार रणनीति का संकेत देती है। विशेषज्ञों के अनुसार, इन समझौतों के लागू होने पर भारतीय निर्यातकों को — विशेषकर कपड़ा, फार्मा और आईटी सेवाओं में — सीधा लाभ मिल सकता है। अगले कुछ महीनों में इन समझौतों की प्रगति पर सभी की नज़रें टिकी रहेंगी।