नेब सराय में शॉर्ट सर्किट से भड़की आग, तीन पुलिसकर्मियों की तत्परता से टला बड़ा हादसा
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिणी दिल्ली के नेब सराय थाना क्षेत्र में 10 अगस्त को डुग्गल कॉलोनी, गेट नंबर-2 में कथित तौर पर शॉर्ट सर्किट के कारण आग भड़क उठी। स्थानीय पुलिसकर्मियों की त्वरित सूझबूझ और साहसिक कार्रवाई ने आग को अन्य मकानों तक फैलने से रोक दिया और एक संभावित बड़े अग्निकांड को टाल दिया।
घटनाक्रम: कैसे मिली जानकारी, कैसे हुई कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, आग लगने की सूचना मिलते ही हेड कांस्टेबल जितेंद्र और हेड कांस्टेबल विष्णु ने पीसीआर कॉल का इंतजार किए बिना तत्काल घटनास्थल की ओर प्रस्थान किया। वहीं, नेब सराय थाने में तैनात हेड कांस्टेबल विनोद को भी सूचना मिलते ही राहत और बचाव कार्य में शामिल हो गए।
तीनों पुलिसकर्मियों ने मौके पर पहुँचकर सबसे पहले प्रभावित घर के आसपास रहने वाले निवासियों को सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया और खतरे वाले इलाके को तत्काल खाली कराया।
आग पर नियंत्रण: फायर ब्रिगेड से पहले ही काबू
तीनों पुलिसकर्मियों ने मिलकर प्रभावित क्षेत्र की बिजली आपूर्ति तुरंत कटवाई और आग को फैलने से रोकने के लिए निरंतर प्रयास किए। दिल्ली पुलिस के अनुसार, फायर ब्रिगेड के पहुँचने से पहले ही आग पर काफी हद तक नियंत्रण पा लिया गया, जिससे आग पड़ोसी मकानों तक नहीं फैल सकी।
गौरतलब है कि घनी आबादी वाले आवासीय इलाकों में आग का तेज़ी से फैलना आम बात है, और ऐसे में पहले कुछ मिनटों की कार्रवाई निर्णायक होती है।
वरिष्ठ अधिकारी की सराहना
दक्षिणी जिले के डीसीपी अनंत मित्तल ने तीनों पुलिसकर्मियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि हेड कांस्टेबल जितेंद्र, विष्णु और विनोद का कार्य दिल्ली पुलिस की उस भावना को दर्शाता है, जिसमें हर परिस्थिति में नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि होती है। उन्होंने कहा कि इनकी समय पर की गई कार्रवाई ने न केवल जान-माल की रक्षा की, बल्कि यह भी साबित किया कि दिल्ली पुलिस जरूरत के समय हमेशा जनता के साथ खड़ी रहती है।
आम जनता पर असर और आगे की स्थिति
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि तीनों पुलिसकर्मियों की बहादुरी और कर्तव्यनिष्ठा अन्य कर्मियों के लिए प्रेरणा का उदाहरण है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब गर्मियों और मानसून के मौसम में बिजली के उपकरणों से शॉर्ट सर्किट की घटनाएँ दिल्ली में बढ़ जाती हैं। विशेषज्ञ अक्सर घनी आबादी वाले इलाकों में पुरानी बिजली वायरिंग को ऐसी घटनाओं का प्रमुख कारण मानते हैं। स्थानीय निवासियों से अपील की गई है कि वे अपने घरों की विद्युत व्यवस्था की नियमित जाँच कराएँ।