अभिषेक बनर्जी ने BJP मंत्री अग्निमित्रा पॉल को भेजा कानूनी नोटिस, सुमित रॉय विवाद में झूठे बयान का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर से लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी ने 10 अगस्त 2026 को पश्चिम बंगाल की नगर विकास एवं शहरी मामलों की मंत्री अग्निमित्रा पॉल को कानूनी नोटिस भेजा। नोटिस में आरोप लगाया गया है कि मंत्री ने मीडिया में अभिषेक बनर्जी और उनके निजी सहायक सुमित रॉय के बारे में तथ्यहीन और भ्रामक बयान दिए।
नोटिस में क्या है
अभिषेक बनर्जी के वकील अर्क कुमार नाग द्वारा भेजे गए इस कानूनी नोटिस में कहा गया है कि अग्निमित्रा पॉल ने कथित तौर पर यह दावा किया कि अभिषेक बनर्जी ने सुमित रॉय की मृत्यु की बात कही थी। नोटिस में इस दावे को पूरी तरह निराधार बताया गया है।
नोटिस के अनुसार, मंत्री ने यह भी कथित तौर पर जोड़ा कि अभिषेक बनर्जी का आँखों के इलाज के लिए विदेश जाने हेतु सर्वोच्च न्यायालय जाना, सुमित रॉय को बचाने की कोशिश से जुड़ा है — जिसे नोटिस में तथ्यहीन करार दिया गया है।
नोटिस में स्पष्ट किया गया: 'मेरे मुवक्किल यह स्पष्ट करते हैं कि उन्होंने कभी भी ऐसा कोई बयान नहीं दिया है, जैसा कि आपने सार्वजनिक रूप से उनके नाम से जोड़ा है। उन्होंने कभी यह नहीं कहा कि सुमित रॉय की मृत्यु हो गई है, और न ही उन्होंने ऐसा कोई बयान दिया है जिससे यह संकेत मिलता हो कि सुमित रॉय और उनके विदेश में चिकित्सा उपचार के लिए सर्वोच्च न्यायालय जाने के बीच कोई संबंध है।'
सुमित रॉय मामले की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि सुमित रॉय लंबे समय से फरार थे और उनके खिलाफ कथित अवैध भूमि कब्जा मामले में प्राथमिकी दर्ज है। 10 अगस्त 2026 को वे लगातार तीसरे दिन पश्चिम बंगाल पुलिस के अपराध जाँच विभाग (CID) के कार्यालय में पूछताछ के लिए उपस्थित हुए।
इसी दिन, सर्वोच्च न्यायालय की एक खंडपीठ ने अभिषेक बनर्जी को आँखों के इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति प्रदान की — यह दोनों घटनाएँ एक ही दिन होने से राजनीतिक विवाद और गहरा हो गया।
मंत्री से क्या माँगा गया है
नोटिस में अग्निमित्रा पॉल से तीन स्पष्ट माँगें रखी गई हैं। पहली — अपने बयान को सार्वजनिक रूप से वापस लें। दूसरी — बिना किसी अस्पष्टता के सही तथ्य सामने रखें, विशेष रूप से यह स्पष्ट करें कि अभिषेक बनर्जी ने कभी सुमित रॉय की मृत्यु की बात नहीं कही। तीसरी — यह स्पष्टीकरण उसी सार्वजनिक मंच पर जारी हो, जहाँ 9 अगस्त 2026 को मूल बयान दिया गया था।
नोटिस में यह भी कहा गया है कि भविष्य में उनके बारे में कोई भी जानकारी सार्वजनिक करने से पहले उसकी पूरी तरह पुष्टि की जाए।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और आगे की स्थिति
इस मामले पर 10 अगस्त तक मंत्री अग्निमित्रा पॉल की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब पश्चिम बंगाल में TMC और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच राजनीतिक तनाव पहले से चरम पर है। आलोचकों का कहना है कि यह कानूनी कदम TMC की ओर से BJP नेताओं के बयानों पर कड़ी प्रतिक्रिया देने की रणनीति का हिस्सा है। आने वाले दिनों में मंत्री की प्रतिक्रिया और न्यायिक प्रक्रिया इस विवाद की दिशा तय करेगी।