11 अगस्त 2026
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अभिषेक बनर्जी ने BJP मंत्री अग्निमित्रा पॉल को भेजा कानूनी नोटिस, सुमित रॉय विवाद में झूठे बयान का आरोप

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अभिषेक बनर्जी ने BJP मंत्री अग्निमित्रा पॉल को भेजा कानूनी नोटिस, सुमित रॉय विवाद में झूठे बयान का आरोप

सारांश

TMC सांसद अभिषेक बनर्जी ने BJP मंत्री अग्निमित्रा पॉल पर निशाना साधते हुए कानूनी नोटिस भेजा — आरोप है कि मंत्री ने उनके नाम से झूठे बयान जोड़े, जिसमें सुमित रॉय की 'मृत्यु' का दावा भी शामिल है। यह विवाद सुमित रॉय की CID पूछताछ और अभिषेक की विदेश इलाज अनुमति के बीच उभरा।

मुख्य बातें

अभिषेक बनर्जी ने 10 अगस्त 2026 को BJP मंत्री अग्निमित्रा पॉल को कानूनी नोटिस भेजा।
नोटिस में आरोप — मंत्री ने कहा कि अभिषेक ने सुमित रॉय की मृत्यु की बात कही थी, जिसे नोटिस में पूरी तरह गलत बताया गया।
नोटिस वकील अर्क कुमार नाग के ज़रिए भेजा गया; मंत्री से सार्वजनिक खंडन और बयान वापसी की माँग।
सुमित रॉय कथित अवैध भूमि कब्जा मामले में पश्चिम बंगाल CID के सामने लगातार तीसरे दिन पेश हुए।
सर्वोच्च न्यायालय ने 10 अगस्त को अभिषेक बनर्जी को आँखों के इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति दी।
मंत्री अग्निमित्रा पॉल की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर से लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी ने 10 अगस्त 2026 को पश्चिम बंगाल की नगर विकास एवं शहरी मामलों की मंत्री अग्निमित्रा पॉल को कानूनी नोटिस भेजा। नोटिस में आरोप लगाया गया है कि मंत्री ने मीडिया में अभिषेक बनर्जी और उनके निजी सहायक सुमित रॉय के बारे में तथ्यहीन और भ्रामक बयान दिए।

नोटिस में क्या है

अभिषेक बनर्जी के वकील अर्क कुमार नाग द्वारा भेजे गए इस कानूनी नोटिस में कहा गया है कि अग्निमित्रा पॉल ने कथित तौर पर यह दावा किया कि अभिषेक बनर्जी ने सुमित रॉय की मृत्यु की बात कही थी। नोटिस में इस दावे को पूरी तरह निराधार बताया गया है।

नोटिस के अनुसार, मंत्री ने यह भी कथित तौर पर जोड़ा कि अभिषेक बनर्जी का आँखों के इलाज के लिए विदेश जाने हेतु सर्वोच्च न्यायालय जाना, सुमित रॉय को बचाने की कोशिश से जुड़ा है — जिसे नोटिस में तथ्यहीन करार दिया गया है।

नोटिस में स्पष्ट किया गया: 'मेरे मुवक्किल यह स्पष्ट करते हैं कि उन्होंने कभी भी ऐसा कोई बयान नहीं दिया है, जैसा कि आपने सार्वजनिक रूप से उनके नाम से जोड़ा है। उन्होंने कभी यह नहीं कहा कि सुमित रॉय की मृत्यु हो गई है, और न ही उन्होंने ऐसा कोई बयान दिया है जिससे यह संकेत मिलता हो कि सुमित रॉय और उनके विदेश में चिकित्सा उपचार के लिए सर्वोच्च न्यायालय जाने के बीच कोई संबंध है।'

सुमित रॉय मामले की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि सुमित रॉय लंबे समय से फरार थे और उनके खिलाफ कथित अवैध भूमि कब्जा मामले में प्राथमिकी दर्ज है। 10 अगस्त 2026 को वे लगातार तीसरे दिन पश्चिम बंगाल पुलिस के अपराध जाँच विभाग (CID) के कार्यालय में पूछताछ के लिए उपस्थित हुए।

इसी दिन, सर्वोच्च न्यायालय की एक खंडपीठ ने अभिषेक बनर्जी को आँखों के इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति प्रदान की — यह दोनों घटनाएँ एक ही दिन होने से राजनीतिक विवाद और गहरा हो गया।

मंत्री से क्या माँगा गया है

नोटिस में अग्निमित्रा पॉल से तीन स्पष्ट माँगें रखी गई हैं। पहली — अपने बयान को सार्वजनिक रूप से वापस लें। दूसरी — बिना किसी अस्पष्टता के सही तथ्य सामने रखें, विशेष रूप से यह स्पष्ट करें कि अभिषेक बनर्जी ने कभी सुमित रॉय की मृत्यु की बात नहीं कही। तीसरी — यह स्पष्टीकरण उसी सार्वजनिक मंच पर जारी हो, जहाँ 9 अगस्त 2026 को मूल बयान दिया गया था।

नोटिस में यह भी कहा गया है कि भविष्य में उनके बारे में कोई भी जानकारी सार्वजनिक करने से पहले उसकी पूरी तरह पुष्टि की जाए।

राजनीतिक प्रतिक्रिया और आगे की स्थिति

इस मामले पर 10 अगस्त तक मंत्री अग्निमित्रा पॉल की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब पश्चिम बंगाल में TMC और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच राजनीतिक तनाव पहले से चरम पर है। आलोचकों का कहना है कि यह कानूनी कदम TMC की ओर से BJP नेताओं के बयानों पर कड़ी प्रतिक्रिया देने की रणनीति का हिस्सा है। आने वाले दिनों में मंत्री की प्रतिक्रिया और न्यायिक प्रक्रिया इस विवाद की दिशा तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे मंत्री के बयान ने और हवा दी। ध्यान देने वाली बात यह है कि नोटिस में मंत्री से माफी नहीं, बल्कि सार्वजनिक तथ्य-सुधार माँगा गया है — जो कानूनी रणनीति कम, राजनीतिक संदेश अधिक लगता है। मुख्यधारा की कवरेज इस पहलू को अक्सर नज़रअंदाज़ करती है कि ऐसे नोटिस अदालत से पहले जनमत की अदालत में लड़े जाते हैं।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अभिषेक बनर्जी ने अग्निमित्रा पॉल को कानूनी नोटिस क्यों भेजा?
अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने मीडिया में उनके नाम से झूठे बयान जोड़े — जिसमें यह दावा शामिल था कि अभिषेक ने कहा था कि सुमित रॉय की मृत्यु हो गई है। नोटिस में इन बयानों को तथ्यहीन और भ्रामक बताते हुए सार्वजनिक खंडन की माँग की गई है।
सुमित रॉय कौन हैं और उनके खिलाफ क्या मामला है?
सुमित रॉय, अभिषेक बनर्जी के निजी सहायक हैं। उनके खिलाफ कथित अवैध भूमि कब्जा मामले में प्राथमिकी दर्ज है। वे 10 अगस्त 2026 को लगातार तीसरे दिन पश्चिम बंगाल पुलिस के CID कार्यालय में पूछताछ के लिए उपस्थित हुए।
सर्वोच्च न्यायालय ने अभिषेक बनर्जी को विदेश जाने की अनुमति क्यों दी?
सर्वोच्च न्यायालय की एक खंडपीठ ने 10 अगस्त 2026 को अभिषेक बनर्जी को आँखों के इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति दी। यह अनुमति चिकित्सा आधार पर दी गई थी।
नोटिस में अग्निमित्रा पॉल से क्या माँगा गया है?
नोटिस में मंत्री से तीन माँगें रखी गई हैं — अपने बयान को वापस लें, सार्वजनिक रूप से सही तथ्य स्पष्ट करें, और यह स्पष्टीकरण उसी मंच पर दें जहाँ 9 अगस्त 2026 को मूल बयान दिया गया था। साथ ही भविष्य में बयान देने से पहले तथ्यों की पुष्टि करने की सलाह भी दी गई है।
क्या मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने नोटिस पर कोई प्रतिक्रिया दी है?
10 अगस्त 2026 तक मंत्री अग्निमित्रा पॉल की ओर से इस कानूनी नोटिस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राष्ट्र प्रेस
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