16 सितंबर 2026
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कलकत्ता हाईकोर्ट ने रद्द किया अभिषेक बनर्जी के कैमक स्ट्रीट कार्यालय का बेदखली नोटिस

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कलकत्ता हाईकोर्ट ने रद्द किया अभिषेक बनर्जी के कैमक स्ट्रीट कार्यालय का बेदखली नोटिस

सारांश

कलकत्ता हाईकोर्ट ने TMC सांसद अभिषेक बनर्जी के कैमक स्ट्रीट दफ्तर को मिला बेदखली नोटिस रद्द कर दिया। न्यायमूर्ति कृष्णा राव ने अग्निशमन विभाग को पहले अग्रिम नोटिस और दिशानिर्देश देने का आदेश दिया। यह विवाद कार्यालय भवन से अवैध बिलबोर्ड हटाने और TMC नेताओं पर दर्ज तीन एफआईआर से जुड़ा है।

मुख्य बातें

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने 16 सितंबर 2026 को अभिषेक बनर्जी के कैमक स्ट्रीट कार्यालय का बेदखली नोटिस रद्द कर दिया।
न्यायमूर्ति कृष्णा राव ने पश्चिम बंगाल अग्निशमन सेवा विभाग को निर्देश दिया कि वह निरीक्षण से पहले अग्रिम नोटिस जारी करे।
विभाग को अग्नि सुरक्षा दिशानिर्देश पहले TMC को बताने होंगे; अनुपालन न होने पर कानूनी कार्रवाई संभव।
कोलकाता नगर निगम (KMC) द्वारा छत से अवैध बिलबोर्ड हटाने के बाद TMC कार्यकर्ताओं और पुलिस-KMC कर्मचारियों के बीच झड़प हुई थी।
अभिषेक बनर्जी , डेरेक ओ'ब्रायन , हुमायूं कबीर और बैश्वनार चटर्जी के खिलाफ तीन एफआईआर दर्ज हैं।

कलकत्ता उच्च न्यायालय की एकल-न्यायाधीश पीठ ने बुधवार, 16 सितंबर 2026 को पश्चिम बंगाल अग्निशमन सेवा विभाग द्वारा तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महासचिव एवं डायमंड हार्बर के सांसद अभिषेक बनर्जी के कैमक स्ट्रीट स्थित कार्यालय को जारी बेदखली नोटिस को रद्द कर दिया। न्यायमूर्ति कृष्णा राव की पीठ ने यह फैसला उस अंतरिम रोक को अंतिम रूप देते हुए सुनाया, जो अदालत ने पहले उसी नोटिस पर लगाई थी।

अदालत के निर्देश और शर्तें

न्यायमूर्ति राव ने राज्य अग्निशमन सेवा विभाग को स्पष्ट निर्देश दिया कि वह तृणमूल कांग्रेस को किसी भी निरीक्षण से पहले अग्रिम नोटिस जारी करे, जिसमें निरीक्षण की तिथि का उल्लेख हो। अदालत ने यह भी कहा कि विभाग को पार्टी को कार्यालय में अपनाए जाने वाले अग्नि सुरक्षा उपायों के बारे में विधिवत सूचित करना होगा।

पीठ ने आगे निर्देश दिया कि सूचना मिलने के बाद तृणमूल कांग्रेस को उन दिशानिर्देशों के अनुसार आवश्यक सुरक्षा कदम उठाने होंगे। यदि पार्टी तब भी अनुपालन में विफल रहती है, तो अग्निशमन विभाग कानूनी प्रावधानों के तहत उचित कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र होगा।

विवाद की पृष्ठभूमि

यह मामला पिछले महीने उस समय सुर्खियों में आया जब कोलकाता नगर निगम (KMC) के कर्मचारियों और पुलिस ने कैमक स्ट्रीट कार्यालय की इमारत की छत से एक कथित अवैध बिलबोर्ड हटाया था। इस कार्रवाई के दौरान अभिषेक बनर्जी, राज्यसभा सदस्य डेरेक ओ'ब्रायन और नेता हुमायूं कबीर एवं बैश्वनार चटर्जी के नेतृत्व में TMC कार्यकर्ताओं की KMC कर्मचारियों और पुलिसकर्मियों के साथ झड़प हुई थी।

एफआईआर और अग्नि सुरक्षा ऑडिट

झड़प के बाद शेक्सपियर सरानी पुलिस थाने में अभिषेक बनर्जी, डेरेक ओ'ब्रायन, हुमायूं कबीर और बैश्वनार चटर्जी के खिलाफ तीन एफआईआर दर्ज की गईं। उसी दौरान राज्य अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने कार्यालय का अग्नि सुरक्षा ऑडिट किया और तत्पश्चात बेदखली का नोटिस थमाया था।

गौरतलब है कि यह पूरा विवाद ऐसे समय में सामने आया जब तृणमूल कांग्रेस और राज्य प्रशासन के बीच आंतरिक टकराव की खबरें बीच-बीच में आती रही हैं। अदालत का यह फैसला पार्टी के लिए बड़ी राहत है।

आगे क्या होगा

अदालत के निर्देशानुसार, पश्चिम बंगाल अग्निशमन सेवा विभाग अब नए सिरे से प्रक्रिया शुरू करेगा — पहले अग्रिम नोटिस देकर, फिर निरीक्षण और उसके बाद दिशानिर्देश जारी करके। तृणमूल कांग्रेस को उन मानकों के अनुरूप सुरक्षा उपाय लागू करने होंगे, अन्यथा विभाग कानूनी कार्रवाई का अधिकार सुरक्षित रखेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी राजनीतिक पृष्ठभूमि नज़रअंदाज़ नहीं की जा सकती — बेदखली नोटिस उसी समय आया जब TMC कार्यकर्ताओं और राज्य एजेंसियों के बीच टकराव तेज़ था। यह ऐसे समय में हुआ जब KMC और पुलिस — दोनों राज्य सरकार के अधीन — की भूमिका पर सवाल उठ रहे थे। अदालत ने नोटिस को प्रक्रियागत आधार पर रद्द किया, न कि इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित माना; यह सूक्ष्म अंतर महत्वपूर्ण है। आगे की असली परीक्षा यह होगी कि अग्निशमन विभाग नए निर्देशों का पालन करते हुए निष्पक्ष ऑडिट करता है या नहीं।
RashtraPress
16 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कलकत्ता हाईकोर्ट ने अभिषेक बनर्जी के कार्यालय का बेदखली नोटिस क्यों रद्द किया?
न्यायमूर्ति कृष्णा राव की एकल-न्यायाधीश पीठ ने पाया कि अग्निशमन विभाग ने बेदखली नोटिस जारी करने से पहले तृणमूल कांग्रेस को निरीक्षण की तारीख और अग्नि सुरक्षा दिशानिर्देशों की जानकारी नहीं दी थी। अदालत ने इसे उचित प्रक्रिया का उल्लंघन माना और नोटिस निरस्त कर दिया।
अभिषेक बनर्जी का कैमक स्ट्रीट कार्यालय विवाद क्या है?
विवाद की शुरुआत तब हुई जब कोलकाता नगर निगम (KMC) के कर्मचारियों और पुलिस ने कार्यालय की इमारत की छत से एक कथित अवैध बिलबोर्ड हटाया। इसके बाद TMC नेताओं और KMC-पुलिस कर्मचारियों के बीच झड़प हुई और अभिषेक बनर्जी सहित कई नेताओं के खिलाफ तीन एफआईआर दर्ज हुईं।
अग्निशमन विभाग को अब क्या करना होगा?
अदालत के निर्देश के अनुसार, पश्चिम बंगाल अग्निशमन सेवा विभाग को पहले तृणमूल कांग्रेस को निरीक्षण की तारीख का अग्रिम नोटिस देना होगा। इसके बाद विभाग को अग्नि सुरक्षा के लिए अपनाए जाने वाले उपायों की जानकारी देनी होगी, और TMC के अनुपालन न करने पर ही कानूनी कार्रवाई की जा सकेगी।
अभिषेक बनर्जी के खिलाफ दर्ज एफआईआर में किन अन्य नेताओं के नाम हैं?
शेक्सपियर सरानी पुलिस थाने में दर्ज तीन एफआईआर में अभिषेक बनर्जी के अलावा TMC के राज्यसभा सदस्य डेरेक ओ'ब्रायन, हुमायूं कबीर और बैश्वनार चटर्जी के नाम शामिल हैं।
क्या अग्निशमन विभाग भविष्य में दोबारा कार्रवाई कर सकता है?
हाँ, न्यायमूर्ति राव ने स्पष्ट किया कि यदि तृणमूल कांग्रेस अग्नि सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन नहीं करती, तो विभाग कानूनी प्रावधानों के अनुसार उचित कार्रवाई करने का अधिकार रखता है। इस बार नोटिस प्रक्रियागत खामी के कारण रद्द हुआ, न कि विभाग के अधिकार क्षेत्र की कमी के कारण।
राष्ट्र प्रेस
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