कोलकाता पुलिस ने डेरेक ओ'ब्रायन को जारी किया नोटिस, अभिषेक बनर्जी के बाद बिलबोर्ड विवाद में TMC नेता तलब
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता पुलिस ने रविवार, 30 अगस्त को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ'ब्रायन को कैमक स्ट्रीट स्थित अभिषेक बनर्जी के पार्टी कार्यालय की छत से अवैध बिलबोर्ड हटाने के मामले में दर्ज एफआईआर के सिलसिले में पूछताछ नोटिस जारी किया। शेक्सपियर सरानी पुलिस स्टेशन के अधिकारी सुबह 9 बजे के कुछ देर बाद दक्षिण कोलकाता के प्रिंस अनवर शाह रोड स्थित ओ'ब्रायन के आवास पर पहुँचे। यह नोटिस उसी रात अभिषेक बनर्जी को जारी किए गए समन के ठीक एक दिन बाद आया है।
नोटिस की विषय-वस्तु और पेशी की तारीख
ओ'ब्रायन को जारी नोटिस में उन्हें 31 अगस्त को दोपहर तक शेक्सपियर सरानी पुलिस स्टेशन में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। पुलिस के अनुसार, कई बार दरवाज़ा खटखटाने के बाद ओ'ब्रायन का एक प्रतिनिधि बाहर आया, जिसे अधिकारियों ने नोटिस सौंपा। इससे पहले शनिवार रात को उसी थाने के पुलिसकर्मी TMC महासचिव और डायमंड हार्बर लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी के आवास पर पहुँचे थे और उन्हें 1 सितंबर को दोपहर तक पेश होने का नोटिस दिया था।
मुख्य घटनाक्रम: गुरुवार को कैमक स्ट्रीट में क्या हुआ
गुरुवार दोपहर को कोलकाता नगर निगम (KMC) के कर्मचारी पुलिसकर्मियों के साथ कैमक स्ट्रीट स्थित अभिषेक बनर्जी के पार्टी कार्यालय की छत पर लगे अवैध बिलबोर्ड को हटाने पहुँचे। हालाँकि, अभिषेक बनर्जी, डेरेक ओ'ब्रायन और TMC के अन्य नेताओं के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने कड़ा प्रतिरोध किया। इस दौरान पुलिसकर्मियों और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच झड़प भी हुई।
तीन एफआईआर, 14 गिरफ्तारियाँ
इस मामले में शेक्सपियर सरानी पुलिस स्टेशन में तीन एफआईआर दर्ज की गई हैं। पुलिस ने TMC कार्यकर्ताओं पर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर हमला करने और एक महिला पुलिस अधिकारी की गरिमा को ठेस पहुँचाने के प्रयास का आरोप लगाया है। तीन में से दो एफआईआर में अभिषेक बनर्जी, डेरेक ओ'ब्रायन के अलावा TMC नेता हुमायूँ कबीर और बैश्वनार चटर्जी का नाम दर्ज है। अब तक इस मामले में 14 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
राजनीतिक संदर्भ और आगे की स्थिति
गौरतलब है कि अभिषेक बनर्जी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे हैं और TMC के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक माने जाते हैं। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब कोलकाता नगर निगम अवैध होर्डिंग और बिलबोर्ड के खिलाफ अभियान चला रहा है। हालाँकि, न तो बनर्जी और न ही ओ'ब्रायन ने यह स्पष्ट किया है कि वे पुलिस स्टेशन में पेश होंगे या नहीं। इस मामले में आगे की कार्रवाई पर सभी की नज़रें टिकी हैं।