28 अगस्त 2026
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कलकत्ता हाईकोर्ट ने TMC बिलबोर्ड विवाद में अंतरिम राहत देने से किया इनकार, अभिषेक बनर्जी के दफ्तर से हटाया गया था होर्डिंग

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कलकत्ता हाईकोर्ट ने TMC बिलबोर्ड विवाद में अंतरिम राहत देने से किया इनकार, अभिषेक बनर्जी के दफ्तर से हटाया गया था होर्डिंग

सारांश

कोलकाता के कैमक स्ट्रीट पर TMC सांसद अभिषेक बनर्जी के दफ्तर की छत से KMC द्वारा अवैध बिलबोर्ड हटाए जाने के बाद उपजे विवाद में कलकत्ता हाईकोर्ट ने TMC को कोई अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया। झड़प के बाद 13 TMC कार्यकर्ता गिरफ्तार और तीन FIR दर्ज।

मुख्य बातें

कलकत्ता हाईकोर्ट की जस्टिस राजा बसु चौधरी की बेंच ने 28 अगस्त को TMC की अंतरिम राहत की माँग खारिज की।
KMC ने कैमक स्ट्रीट पर अभिषेक बनर्जी के दफ्तर की छत से बिना अनुमति लगाया गया बिलबोर्ड हटाया।
बिलबोर्ड हटाने के दौरान कोलकाता पुलिस और TMC कार्यकर्ताओं के बीच दो बार झड़प हुई।
कोलकाता पुलिस ने TMC के 13 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया और तीन मामले दर्ज किए।
मामलों में अभिषेक बनर्जी , डेरेक ओ'ब्रायन , हुमायूँ कबीर और बैश्वानर चटर्जी के नाम शामिल।
अदालत ने कहा — सभी पक्षों के हलफनामे दाखिल होने के बाद ही अगली सुनवाई संभव।

कलकत्ता हाईकोर्ट की सिंगल-जज स्पेशल बेंच ने 28 अगस्त 2026 को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के ममता बनर्जी गुट की उस याचिका पर कोई अंतरिम आदेश देने से साफ इनकार कर दिया, जिसमें कैमक स्ट्रीट, सेंट्रल कोलकाता स्थित पार्टी कार्यालय की छत से हटाए गए एक बिलबोर्ड को पुनः स्थापित करने की माँग की गई थी। यह बिलबोर्ड TMC के महासचिव और डायमंड हार्बर के सांसद अभिषेक बनर्जी के दफ्तर की छत पर लगा था, जिसे कोलकाता नगर निगम (KMC) के कर्मचारियों ने गुरुवार शाम हटाया था।

मुख्य घटनाक्रम

गुरुवार को KMC अधिकारी और कोलकाता पुलिस कर्मी कैमक स्ट्रीट स्थित अभिषेक बनर्जी के कार्यालय पहुँचे और बिना अनुमति लगाए गए बिलबोर्ड को हटाने की कार्रवाई की। इस दौरान पुलिस और TMC कार्यकर्ताओं के बीच दो बार झड़प हुई, जिसके बाद बिलबोर्ड हटाया जा सका। KMC अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नगर निगम क्षेत्र में कोई भी होर्डिंग या बिलबोर्ड लगाने से पूर्व अनुमति लेना और संबंधित कर अदा करना अनिवार्य है, परंतु इस मामले में इन नियमों का पालन नहीं किया गया था।

अदालत का रुख

जस्टिस राजा बसु चौधरी की अध्यक्षता वाली सिंगल-जज स्पेशल बेंच ने शुक्रवार को याचिका की सुनवाई के बाद कोई भी अंतरिम आदेश पारित करने से इनकार कर दिया। जस्टिस चौधरी ने कहा कि चूँकि मामला अभी प्रारंभिक चरण में है, इसलिए सभी संबंधित पक्षों के हलफनामे दाखिल होने से पहले कोई राहत नहीं दी जा सकती। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हलफनामे दाखिल होने के बाद ही याचिकाकर्ता विस्तृत सुनवाई के लिए अदालत का ध्यान पुनः आकर्षित कर सकेगा।

TMC की माँगें और अदालत का जवाब

TMC के ममता बनर्जी गुट ने याचिका में बिलबोर्ड बहाली के अलावा यह भी माँग की थी कि अदालत उन KMC कर्मचारियों और कोलकाता पुलिस कर्मियों के नाम सार्वजनिक करे, जो गुरुवार को कार्रवाई के लिए गए थे। अदालत ने इस माँग को भी खारिज कर दिया।

गिरफ्तारियाँ और मामले

शुक्रवार सुबह कोलकाता पुलिस ने एक बयान में बताया कि कैमक स्ट्रीट विवाद के सिलसिले में TMC के 13 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है और तीन मामले दर्ज किए गए हैं। शेक्सपियर सरणी पुलिस स्टेशन के अधिकारी और KMC की शिकायतों पर दर्ज दो मामलों में अभिषेक बनर्जी, TMC के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ'ब्रायन, और पार्टी नेताओं हुमायूँ कबीरबैश्वानर चटर्जी समेत अन्य के नाम शामिल हैं। पार्क स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी की शिकायत पर दर्ज तीसरा मामला अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध है।

आगे क्या होगा

अभिषेक बनर्जी ने गुरुवार को ही संकेत दिया था कि वे इस मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएँगे। अब जब अदालत ने अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया है, तो TMC गुट को सभी पक्षों के हलफनामे दाखिल होने के बाद ही अगली सुनवाई का इंतजार करना होगा। यह विवाद पश्चिम बंगाल में TMC के आंतरिक दबाव और नगर निगम प्राधिकरण के बीच बढ़ते तनाव का ताज़ा उदाहरण बनकर उभरा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी परतें गहरी हैं — KMC और कोलकाता पुलिस दोनों राज्य सरकार के अधीन हैं, और TMC के ही एक प्रमुख नेता के दफ्तर के खिलाफ यह कार्रवाई पार्टी के भीतर अभिषेक बनर्जी और ममता बनर्जी खेमे के बीच चल रहे तनाव की ओर इशारा करती है। अदालत का अंतरिम राहत देने से इनकार TMC को तत्काल कोई राजनीतिक राहत नहीं देता। असली सवाल यह है कि क्या यह प्रशासनिक कार्रवाई राज्य में सत्तारूढ़ दल के भीतर बढ़ती दरार का संकेत है, जिसे मुख्यधारा की कवरेज अक्सर नज़रअंदाज कर देती है।
RashtraPress
28 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कलकत्ता हाईकोर्ट ने TMC बिलबोर्ड मामले में क्या फैसला सुनाया?
जस्टिस राजा बसु चौधरी की सिंगल-जज स्पेशल बेंच ने 28 अगस्त को TMC के ममता बनर्जी गुट की याचिका पर कोई अंतरिम आदेश देने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि सभी पक्षों के हलफनामे दाखिल होने के बाद ही मामले की विस्तृत सुनवाई होगी।
कैमक स्ट्रीट पर बिलबोर्ड क्यों हटाया गया?
KMC अधिकारियों के अनुसार, नगर निगम क्षेत्र में कोई भी होर्डिंग या बिलबोर्ड लगाने के लिए पूर्व अनुमति लेना और संबंधित कर अदा करना अनिवार्य है। अभिषेक बनर्जी के कार्यालय की छत पर लगा बिलबोर्ड बिना अनुमति के लगाया गया था, इसलिए इसे हटाया गया।
TMC के कितने कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया और किन पर मामले दर्ज हुए?
कोलकाता पुलिस ने शुक्रवार सुबह TMC के 13 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया और तीन FIR दर्ज कीं। दो मामलों में अभिषेक बनर्जी, राज्यसभा सांसद डेरेक ओ'ब्रायन, और नेताओं हुमायूँ कबीर व बैश्वानर चटर्जी के नाम शामिल हैं; तीसरा मामला अज्ञात लोगों के खिलाफ है।
अब इस मामले में आगे क्या होगा?
अदालत के निर्देशानुसार, सभी संबंधित पक्षों को हलफनामे दाखिल करने होंगे, जिसके बाद याचिकाकर्ता विस्तृत सुनवाई के लिए अदालत का ध्यान आकर्षित कर सकेगा। तब तक बिलबोर्ड की पुनः स्थापना के लिए कोई कानूनी राहत उपलब्ध नहीं है।
अभिषेक बनर्जी कौन हैं और इस विवाद से उनका क्या संबंध है?
अभिषेक बनर्जी तृणमूल कांग्रेस के महासचिव, डायमंड हार्बर लोकसभा सदस्य और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे हैं। विवादित बिलबोर्ड कैमक स्ट्रीट स्थित उन्हीं के कार्यालय की छत पर लगा था, जिसे KMC ने हटाया।
राष्ट्र प्रेस
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