28 अगस्त 2026
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असम बाढ़ राहत में राजनीतिक भेदभाव का आरोप, कांग्रेस नेता मनोज चौहान बोले — ₹15,000 की सहायता से वंचित हैं BJP-विरोधी परिवार

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असम बाढ़ राहत में राजनीतिक भेदभाव का आरोप, कांग्रेस नेता मनोज चौहान बोले — ₹15,000 की सहायता से वंचित हैं BJP-विरोधी परिवार

सारांश

कांग्रेस महासचिव मनोज चौहान ने पाँच दिन के असम दौरे के बाद आरोप लगाया कि बाढ़ पीड़ितों में से BJP-विरोधी माने जाने वाले परिवारों को ₹15,000 की सहायता और राहत सामग्री नहीं मिल रही। 80-85 वर्षीय बुजुर्गों ने इस बाढ़ को अभूतपूर्व बताया। चौहान ने केंद्र से बड़े राहत पैकेज की माँग की।

मुख्य बातें

कांग्रेस महासचिव मनोज चौहान ने 28 अगस्त 2026 को आरोप लगाया कि असम बाढ़ राहत वितरण में राजनीतिक भेदभाव हो रहा है।
कथित तौर पर BJP-विरोधी माने जाने वाले परिवारों को घोषित ₹15,000 की सहायता और राहत सामग्री नहीं दी जा रही।
चौहान ने चराईदेव, जोरहाट और शिवसागर जिलों का पाँच दिवसीय दौरा किया; 80-85 वर्षीय बुजुर्गों ने बाढ़ को अभूतपूर्व बताया।
केंद्र सरकार से असम के लिए बड़े राहत पैकेज और नेपाल में फँसे भारतीयों की मदद के लिए समन्वय की माँग।
सामान्य स्थिति बहाल होने में 10 से 15 दिन और लग सकते हैं; स्कूल अभी भी बंद, बच्चों की पढ़ाई प्रभावित।
नगांव उपचुनाव में कांग्रेस ने जीत का दावा किया, पिछले लोकसभा चुनाव में 2.5 लाख मतों की बढ़त का हवाला दिया।

कांग्रेस महासचिव मनोज चौहान ने 28 अगस्त 2026 को गुवाहाटी में आरोप लगाया कि असम सरकार बाढ़ राहत वितरण में राजनीतिक आधार पर भेदभाव कर रही है — जिन परिवारों को भाजपा-विरोधी माना जाता है, उन्हें कथित तौर पर घोषित ₹15,000 की सहायता राशि और राहत सामग्री से वंचित रखा जा रहा है। अपर असम के चराईदेव, जोरहाट और शिवसागर जिलों के पाँच दिवसीय दौरे के बाद उन्होंने यह बात कही।

दौरे में क्या देखा

चौहान ने बताया कि उन्होंने गाँव-गाँव जाकर बाढ़ पीड़ितों से सुबह से रात तक मुलाकात की। उन्होंने कहा कि 80 से 85 वर्ष की उम्र के बुजुर्गों ने भी इस बाढ़ को अभूतपूर्व बताया — अपर असम में इस तरह की तबाही पहले कभी नहीं देखी गई। कई परिवारों का सामान पूरी तरह नष्ट हो गया है और कई स्कूल अभी भी बंद हैं।

कांग्रेस के सेवा दल के कार्यकर्ता प्रभावित इलाकों में बच्चों के बीच सक्रिय हैं — किताबें, स्कूल बैग उपलब्ध करा रहे हैं और कुछ स्कूलों में कंप्यूटर लगाने का काम भी किया जा रहा है। चौहान ने कहा कि सामान्य स्थिति बहाल होने में अभी 10 से 15 दिन और लग सकते हैं।

राहत वितरण में भेदभाव के आरोप

चौहान ने आरोप लगाया कि जिन लोगों को भाजपा समर्थक नहीं माना जा रहा, उन्हें कथित तौर पर राहत सामग्री और घोषित ₹15,000 की सहायता नहीं दी जा रही। उन्होंने मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा से सीधी अपील की कि आपदा के समय किसी भी प्रकार का भेदभाव स्वीकार्य नहीं है। चौहान के शब्दों में, 'बाढ़ प्रभावित लोगों के दुख और आँसुओं में अंतर करना बेहद पीड़ादायक है।'

उन्होंने राज्य सरकार से राहत वितरण को पूरी तरह निष्पक्ष बनाने की माँग की। यह ऐसे समय में आया है जब असम में नगांव उपचुनाव भी निकट है, जिसे लेकर राजनीतिक तनाव पहले से बना हुआ है।

केंद्र सरकार से बड़े पैकेज की माँग

चौहान ने केंद्र सरकार से असम के लिए बड़े राहत पैकेज की घोषणा करने की माँग की। साथ ही, नेपाल में आई आपदा का उल्लेख करते हुए उन्होंने भारत सरकार से वहाँ फँसे और लापता भारतीयों की मदद के लिए नेपाल सरकार के साथ समन्वय करने की अपील की।

नगांव उपचुनाव और राजनीतिक दावे

नगांव में होने वाले उपचुनाव को लेकर चौहान ने कांग्रेस की जीत का दावा किया। उन्होंने पिछले लोकसभा चुनाव के आँकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि नगांव क्षेत्र में कांग्रेस लगभग 2.5 लाख मतों से आगे रही थी। उन्होंने यह भी कहा कि युवा वर्ग और नई पीढ़ी कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ खड़ी है।

'वन नेशन, वन इलेक्शन' पर चौहान ने कहा कि इसे लागू करना आसान नहीं होगा और आरोप लगाया कि सरकार परिसीमन के ज़रिये चुनावी सीटों की संख्या को अपने राजनीतिक हितों के अनुरूप बदलने का प्रयास कर रही है। कांग्रेस 543 लोकसभा सीटों की मौजूदा संख्या बनाए रखने के पक्ष में है और चाहती है कि 2029 के लोकसभा चुनाव में महिलाओं को एक-तिहाई आरक्षण दिया जाए।

असम की यह बाढ़ त्रासदी और उस पर उठे राजनीतिक सवाल आने वाले हफ्तों में राज्य की राजनीति को और गहरे प्रभावित कर सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह भी ध्यान देने योग्य है कि ये आरोप नगांव उपचुनाव की पूर्व संध्या पर आए हैं — जो उनकी राजनीतिक विश्वसनीयता पर स्वाभाविक प्रश्न खड़ा करता है। बाढ़ राहत में भेदभाव की शिकायतें भारत में नई नहीं हैं — विभिन्न राज्यों में, विभिन्न दलों की सरकारों के दौरान, ऐसे आरोप बार-बार लगते रहे हैं। असली कमी यह है कि राहत वितरण का कोई पारदर्शी, सार्वजनिक रूप से सत्यापन-योग्य डेटाबेस नहीं होता — जिसके अभाव में आरोप और खंडन दोनों बेनतीजा रहते हैं। यदि राज्य सरकार लाभार्थी सूचियाँ सार्वजनिक करे और स्वतंत्र जाँच की अनुमति दे, तभी इस विवाद का निष्पक्ष समाधान संभव है।
RashtraPress
28 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम बाढ़ राहत में भेदभाव का आरोप किसने और क्यों लगाया?
कांग्रेस महासचिव मनोज चौहान ने 28 अगस्त 2026 को यह आरोप लगाया। चराईदेव, जोरहाट और शिवसागर के पाँच दिवसीय दौरे के बाद उन्होंने कहा कि BJP-विरोधी माने जाने वाले परिवारों को ₹15,000 की घोषित सहायता और राहत सामग्री कथित तौर पर नहीं दी जा रही।
असम सरकार ने बाढ़ पीड़ितों के लिए कितनी सहायता राशि घोषित की है?
असम सरकार ने बाढ़ प्रभावित परिवारों को ₹15,000 प्रति परिवार की सहायता राशि घोषित की है। कांग्रेस का आरोप है कि इस राशि का वितरण राजनीतिक आधार पर हो रहा है।
अपर असम की इस बाढ़ को इतना गंभीर क्यों माना जा रहा है?
80 से 85 वर्ष की उम्र के बुजुर्गों ने भी इस बाढ़ को अभूतपूर्व बताया है। कई परिवारों का सामान पूरी तरह नष्ट हो गया है, स्कूल बंद हैं और सामान्य स्थिति बहाल होने में 10 से 15 दिन और लग सकते हैं।
कांग्रेस ने केंद्र सरकार से क्या माँग की है?
कांग्रेस महासचिव चौहान ने केंद्र सरकार से असम के लिए बड़े राहत पैकेज की घोषणा करने की माँग की। इसके अलावा उन्होंने नेपाल में फँसे और लापता भारतीयों की मदद के लिए नेपाल सरकार के साथ समन्वय करने की भी अपील की।
नगांव उपचुनाव को लेकर कांग्रेस का क्या दावा है?
कांग्रेस महासचिव मनोज चौहान ने नगांव उपचुनाव में कांग्रेस की जीत का दावा किया है। उन्होंने पिछले लोकसभा चुनाव के आँकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि नगांव क्षेत्र में कांग्रेस लगभग 2.5 लाख मतों से आगे रही थी।
राष्ट्र प्रेस
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