15 जुलाई 2026
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बांकीपुर उपचुनाव से पहले जन सुराज को झटका: के.सी. सिन्हा, बिट्टू सिंह समेत दर्जनों नेता भाजपा में शामिल

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बांकीपुर उपचुनाव से पहले जन सुराज को झटका: के.सी. सिन्हा, बिट्टू सिंह समेत दर्जनों नेता भाजपा में शामिल

सारांश

बांकीपुर उपचुनाव से ठीक पहले जन सुराज के वरिष्ठ नेता के.सी. सिन्हा और बिट्टू सिंह समेत दर्जनों नेता भाजपा में शामिल हो गए — यह उस पार्टी के लिए सीधा राजनीतिक आघात है जिसके संस्थापक प्रशांत किशोर खुद इसी सीट से मैदान में हैं।

मुख्य बातें

सिन्हा और रितेश रंजन उर्फ बिट्टू सिंह समेत जन सुराज के दर्जनों नेताओं ने 15 जुलाई को भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने पटना में आयोजित कार्यक्रम में सभी को पार्टी में शामिल किया।
जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर स्वयं बांकीपुर उपचुनाव में प्रत्याशी हैं।
यह उपचुनाव नितिन नवीन के राज्यसभा सदस्य बनने के बाद विधायक पद छोड़ने से आवश्यक हुआ; वे इस सीट से लगातार चार बार विधायक रहे।
मतदान 30 जुलाई 2025 को निर्धारित है।

बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को होने वाले उपचुनाव से पहले जन सुराज पार्टी को बड़ा राजनीतिक धक्का लगा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता के.सी. सिन्हा और रितेश रंजन उर्फ बिट्टू सिंह समेत दर्जनों नेताओं एवं सैकड़ों समर्थकों ने बुधवार, 15 जुलाई को भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सदस्यता ग्रहण कर ली। यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर स्वयं बांकीपुर उपचुनाव में प्रत्याशी के रूप में मैदान में हैं।

मुख्य घटनाक्रम

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने पटना में आयोजित एक कार्यक्रम में सभी नेताओं को पार्टी की सदस्यता दिलाई और उनका स्वागत किया। भाजपा में शामिल होने वालों में के.सी. सिन्हा — जो पिछले विधानसभा चुनाव में कुम्हरार सीट से जन सुराज के अधिकृत प्रत्याशी थे — और रितेश रंजन उर्फ बिट्टू सिंह — जिन्होंने दीघा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा था — प्रमुख हैं। दोनों नेताओं का अपने-अपने क्षेत्रों में उल्लेखनीय जनाधार माना जाता है।

इनके अतिरिक्त गोपाल सिंह (मनेर विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी), विनीता बिट्टू सिंह (पूर्व मेयर प्रत्याशी), डॉ. किशोर कुमार, ब्रज किशोर सिन्हा, ब्रह्मदेव मांझी, सुनील यादव, राजू यादव, रंजीत सिंह, राम बाबू यादव, शुभम सिंह, मंटू राय और साधु जी समेत कई अन्य नेताओं ने भी भाजपा की सदस्यता ली।

उपचुनाव की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि यह उपचुनाव नितिन नवीन के बांकीपुर विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद आवश्यक हुआ है। नवीन ने राज्यसभा सदस्य निर्वाचित होने के बाद विधायक पद छोड़ा था। वे बांकीपुर से लगातार चार बार विधायक रह चुके हैं, जो इस सीट पर भाजपा की पकड़ को दर्शाता है। मतदान 30 जुलाई को निर्धारित है।

भाजपा की प्रतिक्रिया

सरावगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के कार्यों और भाजपा की नीतियों से प्रभावित होकर विभिन्न दलों के नेता बड़ी संख्या में पार्टी से जुड़ रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि 'पूरे देश में विपक्षी दलों में भगदड़ की स्थिति है और जनप्रतिनिधि लगातार भाजपा से जुड़ रहे हैं।' सरावगी ने विश्वास जताया कि नए सदस्य संगठन को और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे।

जन सुराज पर असर और चुनावी समीकरण

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, बांकीपुर उपचुनाव से ठीक पहले जन सुराज के इन प्रमुख नेताओं का पार्टी छोड़ना चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। यह ऐसे समय में हुआ है जब प्रशांत किशोर खुद इस सीट से ताल ठोंक रहे हैं और पार्टी अपनी पहचान स्थापित करने की कोशिश में है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि 30 जुलाई के मतदान में मतदाता इस राजनीतिक उठापटक को किस नज़रिए से देखते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि प्रशांत किशोर की चुनावी रणनीति पर सीधा प्रश्नचिह्न है — जो खुद उसी सीट से लड़ रहे हैं जहाँ उनकी पार्टी का आधार खिसक रहा है। गौरतलब है कि के.सी. सिन्हा और बिट्टू सिंह जैसे नेता जन सुराज के पिछले विधानसभा चुनाव के अधिकृत प्रत्याशी थे — यानी यह संगठन की आंतरिक दरारों को उजागर करता है, न कि केवल बाहरी दबाव को। बांकीपुर सीट पर भाजपा की चार-चुनाव पुरानी पकड़ को देखते हुए, जन सुराज के लिए यह मुकाबला पहले से ही कठिन था; अब यह और भी असमान हो गया है।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बांकीपुर उपचुनाव क्यों हो रहा है?
बांकीपुर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक नितिन नवीन के राज्यसभा सदस्य निर्वाचित होने के बाद विधायक पद से इस्तीफा देने के कारण यह उपचुनाव आवश्यक हुआ है। नवीन इस सीट से लगातार चार बार विधायक रह चुके हैं।
जन सुराज से कौन-से प्रमुख नेता भाजपा में शामिल हुए?
के.सी. सिन्हा (कुम्हरार सीट के पूर्व जन सुराज प्रत्याशी) और रितेश रंजन उर्फ बिट्टू सिंह (दीघा विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी) सहित गोपाल सिंह, विनीता बिट्टू सिंह, डॉ. किशोर कुमार और अन्य दर्जनों नेता 15 जुलाई को भाजपा में शामिल हुए। इनके साथ सैकड़ों समर्थकों ने भी भाजपा की सदस्यता ली।
प्रशांत किशोर बांकीपुर उपचुनाव में क्यों लड़ रहे हैं?
जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने बांकीपुर उपचुनाव को अपनी पार्टी की चुनावी परीक्षा के रूप में चुना है। वे स्वयं इस सीट से प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरे हैं।
बांकीपुर उपचुनाव में मतदान कब होगा?
बांकीपुर विधानसभा सीट के लिए मतदान 30 जुलाई 2025 को निर्धारित है।
इन नेताओं के भाजपा में शामिल होने से चुनाव पर क्या असर पड़ेगा?
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, जन सुराज के प्रमुख नेताओं का उपचुनाव से ठीक पहले भाजपा में जाना पार्टी के चुनावी समीकरणों को कमज़ोर कर सकता है। के.सी. सिन्हा और बिट्टू सिंह का अपने-अपने क्षेत्रों में प्रभाव माना जाता है, जिससे जन सुराज की जमीनी ताकत प्रभावित हो सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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