5 अक्टूबर 2026
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एसआईआर पर विपक्ष फर्जी नैरेटिव फैला रहा — संजय निरुपम का शरद पवार और राज ठाकरे पर हमला

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एसआईआर पर विपक्ष फर्जी नैरेटिव फैला रहा — संजय निरुपम का शरद पवार और राज ठाकरे पर हमला

सारांश

शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने एसआईआर विरोध को 'फर्जी नैरेटिव' और 'हार छिपाने का राजनीतिक स्टंट' बताया। शरद पवार, राज ठाकरे और राहुल गांधी — तीनों पर एक साथ हमला बोलते हुए उन्होंने कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी को राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक बताया।

मुख्य बातें

शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने 5 अक्टूबर 2026 को एसआईआर ( विशेष गहन पुनरीक्षण ) के विरोध को 'फर्जी नैरेटिव' और 'राजनीतिक स्टंट' करार दिया।
शरद पवार के 'मिलकर समाधान ढूंढने' वाले बयान को निरुपम ने विपक्ष की चुनावी हार छिपाने की कोशिश बताया।
निरुपम ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में है और बिहार में भी इसे न्यायालय की स्वीकृति मिल चुकी है।
राज ठाकरे के चुनाव बहिष्कार के इरादे पर कटाक्ष करते हुए कहा कि लगातार हार के बाद न लड़ना ही उनकी 'इज्जत बचाने' का रास्ता है।
कैप्टन स्मित मच्छार ने सह-पायलट के हमले के बावजूद करीब 174 यात्रियों की जान बचाई — निरुपम ने इसे राष्ट्रीय गौरव बताया।
राहुल गांधी द्वारा कैप्टन मच्छार की प्रशंसा न करने पर निरुपम ने कड़ी निंदा की।

शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने 5 अक्टूबर 2026 को मुंबई में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरोध में चल रहे विपक्षी अभियान को 'फर्जी नैरेटिव' करार दिया। उन्होंने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) प्रमुख शरद पवार और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) अध्यक्ष राज ठाकरे पर सीधा निशाना साधा, साथ ही कांग्रेस नेता राहुल गांधी की चुप्पी पर भी सवाल खड़े किए।

एसआईआर पर विपक्ष की आलोचना

निरुपम ने कहा, 'एसआईआर के खिलाफ जो एक फर्जी नैरेटिव चल रहा है — अपनी हार छिपाने के लिए विपक्ष की तरफ से जो आंदोलन चल रहा है, उस आंदोलन में शरद पवार कूद गए और कहा कि सभी राजनीतिक पार्टियों को मिलकर समाधान ढूंढना चाहिए।' उन्होंने इसे 'केवल राजनीतिक स्टंट' बताया।

उनके अनुसार, मतदाता सूची में कई प्रकार की अशुद्धियाँ मौजूद हैं — जिनमें मृत मतदाताओं के नाम, निवास बदल चुके लोगों के नाम और कथित तौर पर गैर-नागरिकों द्वारा फर्जी तरीके से दर्ज नाम शामिल हैं। निरुपम ने कहा कि एसआईआर इन्हीं विसंगतियों को दूर करने की संवैधानिक प्रक्रिया है।

सुप्रीम कोर्ट की निगरानी का हवाला

निरुपम ने यह भी स्पष्ट किया कि यह प्रक्रिया सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में संचालित हो रही है। उन्होंने बिहार के उदाहरण का उल्लेख करते हुए कहा कि जब वहाँ एसआईआर लागू हुआ था, तब कई दलों ने न्यायालय में चुनौती दी थी, किंतु कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि किसी भी वैध मतदाता का नाम सूची से नहीं हटाया जाना चाहिए। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि फर्जी वोट हटने के डर से ही वे इस प्रक्रिया का विरोध कर रहे हैं।

राज ठाकरे पर तीखा प्रहार

निरुपम ने MNS प्रमुख राज ठाकरे के चुनाव बहिष्कार वाले बयान पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पिछले कई चुनावों में MNS का प्रदर्शन लगातार कमज़ोर रहा है — न कोई विधायक आया, न कोई सांसद। उन्होंने कहा, 'राज ठाकरे जहाँ रहते हैं, उस क्षेत्र से उनके बेटे ने चुनाव लड़ा और वे तीसरे स्थान पर रहे।' निरुपम के अनुसार, ऐसे में चुनाव न लड़ना ही राज ठाकरे के लिए राजनीतिक रूप से बेहतर विकल्प है।

कैप्टन स्मित मच्छार की सराहना

निरुपम ने कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उनके अनुसार, कैप्टन मच्छार ने सह-पायलट द्वारा जानलेवा हमले के बावजूद विमान को क्रैश होने से बचाया और करीब 174 यात्रियों की जान सुरक्षित की। निरुपम ने कहा कि पूरे देश में उनके लिए मंदिरों में महामृत्युंजय जाप किया जा रहा है और विश्व के कई देशों के प्रमुख उनकी सराहना कर रहे हैं।

राहुल गांधी की चुप्पी पर सवाल

निरुपम ने कांग्रेस नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि जब पूरा देश कैप्टन मच्छार की प्रशंसा कर रहा है, तब राहुल गांधी ने प्रशंसा का एक शब्द नहीं लिखा। उन्होंने कहा, 'यह साबित करता है कि जब भारत का गौरव बढ़ता है, तो कांग्रेस को तकलीफ होती है।' निरुपम ने इस रवैये की कड़े शब्दों में निंदा की। यह विवाद एसआईआर और राष्ट्रीय गौरव की राजनीतिक व्याख्या को लेकर आने वाले दिनों में और गहरा हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि विपक्ष इसे मताधिकार पर हमला बता रहा है। गौरतलब है कि सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी का हवाला देकर निरुपम विपक्ष की कानूनी दलीलों को भी कमज़ोर करने की कोशिश कर रहे हैं। हालाँकि, 'फर्जी वोट' के दावों को स्वतंत्र सत्यापन की ज़रूरत है — महज़ राजनीतिक बयानबाज़ी से नहीं बल्कि ठोस आँकड़ों से। कैप्टन मच्छार की बहादुरी पर राहुल गांधी की चुप्पी को चुनावी हथियार के रूप में इस्तेमाल करना बताता है कि राष्ट्रीय भावना अब सीधे राजनीतिक स्कोरकार्ड बन चुकी है।
RashtraPress
5 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) क्या है और इसका विरोध क्यों हो रहा है?
एसआईआर यानी विशेष गहन पुनरीक्षण, मतदाता सूची में मृत, स्थानांतरित या गैर-नागरिक व्यक्तियों के नाम हटाने की प्रक्रिया है, जो सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में चलती है। विपक्षी दल इसे वैध मतदाताओं के नाम हटाने का खतरा बताते हुए विरोध कर रहे हैं, जबकि सत्तापक्ष इसे मतदाता सूची की शुद्धता के लिए ज़रूरी बता रहा है।
संजय निरुपम ने शरद पवार पर क्या आरोप लगाए?
निरुपम ने कहा कि शरद पवार ने एसआईआर विरोधी आंदोलन में कूदकर सभी दलों को 'समाधान ढूंढने' की अपील की, जिसे उन्होंने विपक्ष की चुनावी हार छिपाने का 'राजनीतिक स्टंट' करार दिया। उनके अनुसार, फर्जी वोट हटने के डर से ही विपक्ष इस प्रक्रिया का विरोध कर रहा है।
राज ठाकरे के चुनाव बहिष्कार वाले बयान पर निरुपम ने क्या कहा?
निरुपम ने कटाक्ष करते हुए कहा कि पिछले कई चुनावों में MNS को कोई विधायक या सांसद नहीं मिला और राज ठाकरे के बेटे अपने ही क्षेत्र से तीसरे स्थान पर रहे। उनके अनुसार, ऐसे में चुनाव न लड़ना ही राज ठाकरे की 'इज्जत बचाने' का एकमात्र तरीका है।
कैप्टन स्मित मच्छार कौन हैं और उनकी बहादुरी क्यों चर्चा में है?
कैप्टन स्मित मच्छार वे पायलट हैं जिन्होंने सह-पायलट द्वारा जानलेवा हमले के बावजूद विमान को क्रैश होने से बचाया और करीब 174 यात्रियों की जान सुरक्षित की। उनकी बहादुरी की देश-विदेश में व्यापक सराहना हो रही है और मंदिरों में उनके लिए महामृत्युंजय जाप किया जा रहा है।
राहुल गांधी की चुप्पी पर निरुपम ने क्या कहा?
निरुपम ने कहा कि जब पूरा देश कैप्टन स्मित मच्छार की प्रशंसा कर रहा है, तब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक भी शब्द नहीं लिखा। उन्होंने इसे 'भारत के गौरव से कांग्रेस की असहजता' का प्रमाण बताते हुए कड़ी निंदा की।
राष्ट्र प्रेस
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