21 अक्टूबर 2026
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पुलिस स्मृति दिवस पर योगी का ऐलान: नए UP में कानून से ऊपर कोई नहीं, 2.26 लाख भर्तियाँ

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पुलिस स्मृति दिवस पर योगी का ऐलान: नए UP में कानून से ऊपर कोई नहीं, 2.26 लाख भर्तियाँ

सारांश

पुलिस स्मृति दिवस पर CM योगी का एक्स पोस्ट महज़ श्रद्धांजलि नहीं था — यह उनके शासन-मॉडल का सार्वजनिक लेखा-जोखा था। 2.26 लाख भर्तियाँ, 88,973 अपराधियों पर कार्रवाई और ₹15,000 करोड़ की ज़ब्ती के आँकड़ों के साथ योगी ने 2027 चुनाव से पहले 'कानून-व्यवस्था' को अपनी पहचान के रूप में पुनः स्थापित किया।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 21 अक्टूबर 2026 को पुलिस स्मृति दिवस पर शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी और एक्स पर पोस्ट साझा किया।
उन्होंने कहा कि नए उत्तर प्रदेश में कानून से ऊपर कोई नहीं है और प्रदेश 'उपद्रव से उत्सव प्रदेश' बन चुका है।
2017 से अब तक 2.26 लाख से अधिक पुलिस भर्तियाँ, प्रशिक्षण क्षमता में 10 गुना वृद्धि।
गैंगस्टर एक्ट के तहत 88,973 अपराधियों पर कार्रवाई; ₹15,000 करोड़ से अधिक की अवैध संपत्ति ज़ब्त।
7 शहरों में कमिश्नरेट प्रणाली, हर जनपद में साइबर थाना, हर थाने में महिला हेल्प डेस्क स्थापित।
मुख्यमंत्री ने 2017 से पूर्व के 'माफिया राज' और मथुरा जवाहर बाग कांड का उल्लेख कर पूर्ववर्ती सरकार पर निशाना साधा।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 21 अक्टूबर 2026 को पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर कर्तव्य की वेदी पर शहीद हुए पुलिस कर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा करते हुए स्पष्ट किया कि नए उत्तर प्रदेश में कानून से ऊपर कोई नहीं है और प्रदेश 'उपद्रव से उत्सव प्रदेश' में बदल चुका है।

शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा, 'आज पुलिस स्मृति दिवस पर मैं उन सभी वीर पुलिस कार्मिकों को कृतज्ञतापूर्वक नमन करता हूँ, जिन्होंने देश की सुरक्षा, समाज की शांति और नागरिकों के जीवन की रक्षा करते हुए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया।' उन्होंने इन शहीदों के शौर्य, साहस और समर्पण को सभी के लिए प्रेरणास्रोत बताया।

पुलिस स्मृति दिवस प्रति वर्ष 21 अक्टूबर को उन पुलिसकर्मियों की याद में मनाया जाता है जिन्होंने ड्यूटी के दौरान अपना जीवन बलिदान किया। यह परंपरा 1959 के लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स में हुई घटना की स्मृति में शुरू हुई थी।

2017 से पहले 'माफिया राज' का आरोप

मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पूर्व प्रदेश में माफिया राज था। उन्होंने मथुरा के जवाहर बाग की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौर में अराजक तत्वों के हौसले इतने बुलंद थे कि कानून की रक्षा करते हुए वीर पुलिस अधिकारियों को अपने प्राण न्योछावर करने पड़े। गौरतलब है कि जवाहर बाग कांड जून 2016 में हुआ था, जिसमें पुलिस अधिकारियों सहित कई लोगों की जान गई थी।

पुलिस सुधार के आँकड़े

मुख्यमंत्री ने 2017 के बाद हुए पुलिस सुधारों का विस्तृत ब्यौरा दिया। उनके अनुसार प्रदेश में 2.26 लाख से अधिक पुलिस भर्तियाँ की गई हैं और प्रशिक्षण क्षमता में 10 गुना वृद्धि दर्ज की गई है। इसके साथ ही 7 बड़े शहरों में कमिश्नरेट प्रणाली लागू की गई, प्रत्येक जनपद में साइबर थाने और प्रत्येक थाने में महिला हेल्प डेस्क स्थापित की गई है।

अपराध नियंत्रण के मोर्चे पर मुख्यमंत्री ने बताया कि गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत 88,973 अपराधियों पर कार्रवाई की गई है और ₹15 हजार करोड़ से अधिक की अवैध संपत्ति ज़ब्त की जा चुकी है। योगी ने इसे अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया।

पुलिस को कार्रवाई की स्वतंत्रता

मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि वर्तमान सरकार ने पुलिस बल को अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की स्वतंत्रता दी है। उन्होंने कहा कि पुलिस व्यवस्था अब अधिक सक्षम, आधुनिक और जवाबदेह बनी है। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में निवेश और औद्योगिक गतिविधियों में वृद्धि के बीच कानून-व्यवस्था की छवि एक प्रमुख मानदंड बनी हुई है।

आगे की राह

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संकल्प व्यक्त किया कि शहीद पुलिसकर्मियों के बलिदान और उनके परिवारों के त्याग को सदैव स्मरण रखते हुए उत्तर प्रदेश को सुरक्षित, न्यायपूर्ण और भयमुक्त बनाए रखने के लिए कार्य जारी रहेगा। आलोचकों का कहना है कि इन आँकड़ों के साथ ज़मीनी स्तर पर आम नागरिकों की सुरक्षा-अनुभूति का स्वतंत्र मूल्यांकन भी आवश्यक है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 88,973 गैंगस्टर एक्ट कार्रवाइयों और ₹15,000 करोड़ की ज़ब्ती जैसे दावों की स्वतंत्र सत्यापन की ज़रूरत है — सरकारी घोषणाएँ और ज़मीनी हकीकत हमेशा एक नहीं होती। यह भी उल्लेखनीय है कि 2017 से पहले के 'माफिया राज' का बार-बार उल्लेख एक राजनीतिक आख्यान है जिसे विपक्ष चुनौती देता रहा है। 2.26 लाख भर्तियाँ अगर सही हैं, तो यह निस्संदेह बड़ा संख्यात्मक विस्तार है, पर पुलिस की जवाबदेही, एनकाउंटर विवाद और अल्पसंख्यक समुदायों की शिकायतें मुख्यधारा कवरेज में अक्सर अनुपस्थित रहती हैं।
RashtraPress
21 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुलिस स्मृति दिवस क्या है और यह कब मनाया जाता है?
पुलिस स्मृति दिवस प्रत्येक वर्ष 21 अक्टूबर को मनाया जाता है। यह दिवस उन पुलिसकर्मियों की स्मृति को समर्पित है जिन्होंने कर्तव्य का पालन करते हुए अपना जीवन बलिदान किया, विशेषतः 1959 की लद्दाख घटना की याद में।
CM योगी ने UP पुलिस सुधार के तहत क्या-क्या दावे किए?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि 2017 से अब तक 2.26 लाख से अधिक पुलिस भर्तियाँ हुई हैं, प्रशिक्षण क्षमता 10 गुना बढ़ी है, 7 शहरों में कमिश्नरेट प्रणाली लागू हुई है और हर जनपद में साइबर थाना तथा हर थाने में महिला हेल्प डेस्क स्थापित की गई है।
UP में गैंगस्टर एक्ट के तहत कितनी कार्रवाई हुई?
मुख्यमंत्री योगी के अनुसार गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत 88,973 अपराधियों पर कार्रवाई की जा चुकी है और ₹15,000 करोड़ से अधिक की अवैध संपत्ति ज़ब्त की गई है। यह आँकड़ा सरकार की ओर से दिया गया है।
योगी ने जवाहर बाग कांड का उल्लेख क्यों किया?
मुख्यमंत्री ने मथुरा के जवाहर बाग कांड का उल्लेख 2017 से पहले के शासन पर निशाना साधने के लिए किया। जून 2016 में हुए इस कांड में पुलिस अधिकारियों सहित कई लोगों की जान गई थी, जिसे योगी ने तत्कालीन 'माफिया राज' का प्रतीक बताया।
एक्स पर योगी के पोस्ट में मुख्य संदेश क्या था?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि नए उत्तर प्रदेश में कानून से ऊपर कोई नहीं है, पुलिस को अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की स्वतंत्रता मिली है और प्रदेश 'उपद्रव से उत्सव प्रदेश' बन चुका है।
राष्ट्र प्रेस
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