पुलिस स्मृति दिवस 2026: सीएम योगी ने लखनऊ में शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि, 154 बलिदानियों में UP के 6 शामिल
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 21 अक्टूबर 2026 को पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर लखनऊ पुलिस लाइन में आयोजित समारोह में कर्तव्य पालन के दौरान प्राण न्यौछावर करने वाले पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने शहीद जवानों के परिजनों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
राष्ट्रीय बलिदान का आँकड़ा
1 सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 के बीच देशभर में 154 पुलिसकर्मियों ने कर्तव्य निर्वहन के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया। इनमें उत्तर प्रदेश के 6 पुलिसकर्मी शामिल हैं। गौरतलब है कि यह दिन प्रतिवर्ष उन जवानों की स्मृति में मनाया जाता है जिन्होंने वर्दी में रहते हुए देश की सेवा में जीवन का बलिदान किया।
उत्तर प्रदेश के शहीद पुलिसकर्मी
इस वर्ष उत्तर प्रदेश से शहीद घोषित किए गए जवानों में कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर के फायर सर्विस चालक तीर्थपाल सिंह और फायरमैन रोहित यादव शामिल हैं। इसके अलावा जालौन से उपनिरीक्षक मोहित कुमार यादव, उपनिरीक्षक सत्यभान सिंह, आरक्षी अशोक कुमार और आरक्षी प्रदीप कुमार भी इस सूची में हैं।
शहीद परिजनों की आपबीती
शहीद आरक्षी प्रदीप कुमार की पत्नी मयूरी वर्मा ने बताया कि उनके पति जालौन में तैनात थे और वर्ष 2026 में ड्यूटी के दौरान सड़क दुर्घटना में उनकी मृत्यु हुई। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन की ओर से उन्हें निरंतर सहयोग मिला है और पेंशन शुरू हो गई है, नौकरी के लिए आवेदन हो चुका है तथा सहायता राशि भी प्राप्त हो गई है।
शहीद फायरमैन रोहित यादव की पत्नी निशा यादव ने बताया कि उनके पति की मृत्यु एक कंपनी में आग लगने की घटना में हुई थी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने परिवार को सम्मान दिया और उनकी पूरी बात ध्यानपूर्वक सुनी।
सीएम योगी का आश्वासन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहीद परिजनों को भरोसा दिलाया कि भविष्य में किसी भी कठिनाई के समय उनके परिवारों को पूरा प्रशासनिक सहयोग प्रदान किया जाएगा। परिजनों ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी माँगें भी रखीं, जिन पर हर संभव सहायता का आश्वासन दिया गया।
आगे की राह
यह समारोह केवल श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं रहा — परिजनों की लंबित माँगों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर सक्रियता का भी संकेत मिला। उत्तर प्रदेश पुलिस बल ने इन वीर जवानों के साहस और समर्पण पर गर्व व्यक्त किया। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि शहीद परिजनों की सभी लंबित माँगें किस गति से पूरी होती हैं।