पुलिस स्मृति दिवस 2026: CM योगी का बड़ा ऐलान — तीन भत्ते बढ़े, माफिया की ₹15,000 करोड़ संपत्ति जब्त
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 21 अक्टूबर 2026 को लखनऊ की रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित पुलिस स्मृति दिवस-2026 की स्मृति परेड को संबोधित करते हुए पुलिसकर्मियों के तीन प्रमुख भत्तों में वृद्धि की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने शहीद पुलिसकर्मियों को पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और बीते एक वर्ष में देशभर के 154 शहीद पुलिसकर्मियों को याद किया।
भत्तों में क्या-क्या बदला
मुख्यमंत्री योगी ने तीन महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं। फील्ड ड्यूटी पर तैनात उपनिरीक्षकों और निरीक्षकों का मोटरसाइकिल भत्ता ₹700 से बढ़ाकर ₹1,000 प्रतिमाह किया जाएगा। पीपीएस अधिकारियों का वर्दी भत्ता ₹6,400 से बढ़ाकर ₹15,000 रुपए प्रतिमाह होगा। फील्ड ड्यूटी पर तैनात आरक्षियों व मुख्य आरक्षियों का सिम भत्ता ₹2,000 से बढ़ाकर ₹2,500 रुपए किया जाएगा। साथ ही, पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के लिए 5 लाख कैशलेस हेल्थ कार्ड भी बन चुके हैं।
पुराने दौर पर तीखा प्रहार
मुख्यमंत्री योगी ने अपने संबोधन में कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में एक ऐसा दौर था जब थानेदार या एसपी भी किसी अपराधी पर हाथ डालने से पहले सोचते थे। उन्होंने कहा कि अपराधी को छूते ही सत्ता के गलियारों से फोन आने लगते थे और कुछ ही घंटों में अपराधी के बजाय पुलिस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई हो जाती थी। उनके अनुसार, उस दौर में अपराधी पुलिस की खुली जीप में ऑटोमेटिक हथियार लहराते थे, जबकि पुलिसकर्मी जंग लगी राइफल लेकर अपनी जान बचाने को मजबूर थे।
गौरतलब है कि योगी ने 2012 से 2017 के बीच प्रदेश में 815 दंगों का उल्लेख किया। उन्होंने मथुरा के जवाहर बाग कांड का हवाला देते हुए कहा कि इसमें पुलिस अधीक्षक मुकुल द्विवेदी और थानाध्यक्ष संतोष यादव को अपने प्राण गंवाने पड़े थे।
माफिया और अपराध नियंत्रण के दावे
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 के बाद से सरकार ने पुलिस के हाथों की राजनीतिक बेड़ियाँ तोड़ते हुए अपराधियों और माफिया के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई। उनके अनुसार, अब तक माफिया की ₹15,000 करोड़ से अधिक की अवैध संपत्ति जब्त की जा चुकी है। प्रयागराज में माफिया से मुक्त कराई गई भूमि पर 602 आवासों के निर्माण के लिए भूमि पूजन किया गया है।
पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने बताया कि उत्तर प्रदेश पुलिस आईगॉट कर्मयोगी पोर्टल पर एक करोड़ पाठ्यक्रम पूरे करने वाला देश का पहला विभाग बन चुका है। इस वर्ष 6,000 से अधिक नशा तस्कर गिरफ्तार हुए हैं और 26 कार्टेल ध्वस्त किए गए हैं।
बल का विस्तार और आधुनिकीकरण
मुख्यमंत्री योगी ने बताया कि प्रदेश पुलिस में 2.26 लाख से अधिक भर्तियाँ हो चुकी हैं और 35,000 पदों पर भर्ती प्रक्रिया अंतिम चरण में है। महिला पुलिसकर्मियों की संख्या 10,000 से बढ़कर 45,000 हो गई है। सात बड़े शहरों में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू की गई है। औपनिवेशिक कानूनों की जगह भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम लागू किए गए हैं। वीरांगना ऊदा देवी पासी, झलकारी बाई कोरी और अवंती बाई लोधी के नाम पर तीन महिला पीएसी बटालियन भी गठित की गई हैं।
शहीदों को श्रद्धांजलि और विपक्ष पर हमला
मुख्यमंत्री योगी ने याद दिलाया कि 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स में सीआरपीएफ के दस जवान चीनी सैनिकों के हमले का सामना करते हुए शहीद हुए थे। बीते एक वर्ष में उत्तर प्रदेश के शहीदों में उपनिरीक्षक सत्यभान सिंह, उपनिरीक्षक मोहित कुमार यादव, आरक्षी अशोक कुमार, आरक्षी प्रदीप कुमार, फायर सर्विस चालक शीशपाल सिंह और फायरमैन रोहित कुमार शामिल हैं। शहीद इंस्पेक्टर सुनील कुमार को इस वर्ष मरणोपरांत राष्ट्रपति वीरता पदक मिला है। शहीदों के आश्रितों को पुलिस सैलरी पैकेज के तहत ₹425 करोड़ से अधिक की सहायता दी गई है।
मुख्यमंत्री योगी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि एनकाउंटर और जीरो टॉलरेंस की नीति पर सवाल उठाने वाले वही लोग हैं जो माफिया की मौत पर मातम मनाते हैं, लेकिन शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों का दुख बाँटने नहीं पहुँचते। भविष्य में एटीएस के देवबंद से सीमावर्ती जिलों तक कमांड सेंटर और हर जिले में साइबर थाना सक्रिय रहने के संकेत दिए गए हैं।