ऐतिहासिक! यूपी में 60,244 आरक्षियों की दीक्षांत परेड, CM योगी ने किया निरीक्षण

Click to start listening
ऐतिहासिक! यूपी में 60,244 आरक्षियों की दीक्षांत परेड, CM योगी ने किया निरीक्षण

सारांश

लखनऊ में 26 अप्रैल को देश की सबसे बड़ी पुलिस दीक्षांत परेड आयोजित हुई। CM योगी आदित्यनाथ ने 60,244 नागरिक पुलिस आरक्षियों (2025 बैच) की परेड का निरीक्षण किया और उत्कृष्ट प्रशिक्षुओं को पुरस्कृत किया। यूपी पुलिस को मिली नई ताकत।

Key Takeaways

  • 26 अप्रैल 2025 को लखनऊ के पुलिस परेड ग्राउंड, रिजर्व पुलिस लाइन्स में ऐतिहासिक दीक्षांत परेड आयोजित हुई।
  • 60,244 नागरिक पुलिस आरक्षी (सीधी भर्ती-2025 बैच) ने एक साथ पुलिस बल में शामिल होने की शपथ ली।
  • CM योगी आदित्यनाथ ने परेड का निरीक्षण किया और उत्कृष्ट प्रशिक्षुओं को प्रशस्ति पत्र व पुरस्कार प्रदान किए।
  • यह देश में अब तक की सबसे बड़ी पुलिस पासिंग आउट परेड मानी जा रही है।
  • सीएम योगी ने इसे 'सुरक्षा, सेवा और संकल्प' का नया अध्याय बताया।
  • नए जवानों की तैनाती से यूपी में कानून-व्यवस्था और मजबूत होने की उम्मीद है।

लखनऊ, 26 अप्रैल 2025उत्तर प्रदेश के लखनऊ स्थित पुलिस परेड ग्राउंड, रिजर्व पुलिस लाइन्स में रविवार को देश के इतिहास की सबसे बड़ी पुलिस दीक्षांत परेड आयोजित की गई, जिसमें सीधी भर्ती-2025 बैच के 60,244 नागरिक पुलिस आरक्षियों ने एक साथ कर्तव्य-पथ पर अग्रसर होने की शपथ ली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं इस ऐतिहासिक समारोह में उपस्थित रहे और परेड का औपचारिक निरीक्षण किया।

देश में पहली बार — इतने बड़े पैमाने पर दीक्षांत परेड

यह आयोजन भारत में पहली बार इतने विशाल स्तर पर संपन्न हुआ, जहां एक ही मंच पर साठ हजार से अधिक नए पुलिस कांस्टेबलों ने अपना प्रशिक्षण पूर्ण कर उत्तर प्रदेश पुलिस बल में औपचारिक प्रवेश किया। इस समारोह को पासिंग आउट परेड भी कहा जाता है, जो पुलिस प्रशिक्षण का अंतिम और सर्वाधिक महत्वपूर्ण चरण होता है।

परेड के दौरान पूरे परिसर में उत्साह, गर्व और अनुशासन का अद्भुत संगम देखने को मिला। नए आरक्षियों के परिजन भी इस गौरवशाली क्षण के साक्षी बने।

CM योगी ने किया पुरस्कार वितरण, सोशल मीडिया पर साझा की भावनाएं

समारोह के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं को प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार प्रदान किए। इसके साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर अपनी भावनाएं साझा करते हुए लिखा कि उत्तर प्रदेश की 'सुरक्षा, सेवा और संकल्प' की परंपरा आज एक नए अध्याय में प्रवेश कर रही है।

सीएम ने अपनी पोस्ट में यह भी उल्लेख किया कि इस ऐतिहासिक अवसर पर परेड का निरीक्षण करते हुए उत्कृष्ट प्रशिक्षुओं को सम्मानित करने का गौरव उन्हें प्राप्त हुआ। उनके इस संदेश ने नए आरक्षियों के मनोबल को और ऊँचा किया।

दीक्षांत परेड का महत्व — वर्दी, संकल्प और जिम्मेदारी का प्रतीक

दीक्षांत परेड केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं है — यह वर्दी के प्रति सम्मान, जनसेवा की शपथ और राज्य की कानून-व्यवस्था के प्रति प्रतिबद्धता का जीवंत प्रतीक है। कठिन शारीरिक और मानसिक प्रशिक्षण से गुजरने के बाद ये नए जवान अब उत्तर प्रदेश के 25 करोड़ से अधिक नागरिकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालेंगे।

गौरतलब है कि योगी सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में यूपी पुलिस भर्ती को पारदर्शी और समयबद्ध बनाने पर विशेष जोर दिया है। 2025 बैच की यह भर्ती उसी नीति की कड़ी है, जिसमें बिना किसी विवाद के रिकॉर्ड संख्या में युवाओं को सरकारी सेवा में अवसर मिला।

यूपी पुलिस को मिली नई ताकत — कानून-व्यवस्था पर पड़ेगा सकारात्मक असर

इस भर्ती के साथ उत्तर प्रदेश पुलिस को एक साथ 60,244 नए जवान मिले हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में नए आरक्षियों के जुड़ने से राज्य में पुलिस-जनसंख्या अनुपात में सुधार होगा और अपराध नियंत्रण, थाना प्रबंधन तथा जन-शिकायत निवारण में तेजी आएगी।

तुलनात्मक दृष्टि से देखें तो अन्य बड़े राज्यों जैसे महाराष्ट्र और राजस्थान में भी पुलिस भर्ती अभियान चलते हैं, लेकिन एक साथ इतनी बड़ी संख्या में दीक्षांत परेड आयोजित करना उत्तर प्रदेश को एक अलग पहचान देता है।

यह भी उल्लेखनीय है कि यह आयोजन ऐसे समय में हुआ जब 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियां धीरे-धीरे शुरू हो रही हैं। बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन और पुलिस बल को मजबूत करना — दोनों ही योगी सरकार के लिए राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।

आने वाले महीनों में इन नए आरक्षियों की तैनाती प्रदेश के विभिन्न जिलों में की जाएगी, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में पुलिस की उपस्थिति और सुदृढ़ होगी।

Point of View

244 आरक्षियों की एक साथ दीक्षांत परेड महज एक प्रशासनिक उपलब्धि नहीं, बल्कि यूपी सरकार का एक सुनियोजित राजनीतिक संदेश भी है — जो 2027 के चुनावों से पहले रोजगार और सुरक्षा दोनों मोर्चों पर मजबूती दिखाता है। हालांकि असली कसौटी यह होगी कि इन नए जवानों की तैनाती, प्रशिक्षण की गुणवत्ता और थानों में उनकी कार्यप्रणाली जमीन पर कितना बदलाव लाती है। बड़े आंकड़े प्रभावशाली होते हैं, लेकिन जनता की नजर में पुलिस की छवि संख्या से नहीं, व्यवहार से बनती है — और यही वो चुनौती है जिसे योगी सरकार को अब संबोधित करना होगा।
NationPress
26/04/2026

Frequently Asked Questions

लखनऊ में आयोजित दीक्षांत परेड में कितने आरक्षी शामिल हुए?
26 अप्रैल 2025 को लखनऊ के पुलिस परेड ग्राउंड में सीधी भर्ती-2025 बैच के 60,244 नागरिक पुलिस आरक्षियों ने दीक्षांत परेड में भाग लिया। यह देश में अब तक की सबसे बड़ी पुलिस पासिंग आउट परेड मानी जा रही है।
CM योगी आदित्यनाथ ने दीक्षांत परेड में क्या किया?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परेड का औपचारिक निरीक्षण किया और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं को प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार वितरित किए। उन्होंने सोशल मीडिया पर भी इस अवसर पर अपनी भावनाएं साझा कीं।
दीक्षांत परेड (पासिंग आउट परेड) क्या होती है?
दीक्षांत परेड पुलिस प्रशिक्षण का अंतिम चरण होता है, जिसमें कठिन प्रशिक्षण पूरा करने वाले नए कांस्टेबलों को औपचारिक रूप से पुलिस बल में शामिल किया जाता है। यह वर्दी के प्रति सम्मान और जनसेवा की शपथ का प्रतीक है।
यूपी पुलिस भर्ती 2025 का आम जनता पर क्या असर होगा?
60,244 नए जवानों के जुड़ने से उत्तर प्रदेश में पुलिस-जनसंख्या अनुपात बेहतर होगा। इससे थाना प्रबंधन, अपराध नियंत्रण और जन-शिकायत निवारण में तेजी आने की उम्मीद है।
क्या यह परेड देश में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर हुई?
हां, सरकारी जानकारी के अनुसार यह देश में पहली बार हुआ जब एक साथ 60 हजार से अधिक पुलिस आरक्षियों की दीक्षांत परेड एक ही स्थान पर आयोजित की गई।
Nation Press