पुलिस स्मृति दिवस 2026: गडकरी, योगी, रेखा गुप्ता समेत कई नेताओं ने शहीद जवानों को किया नमन
सारांश
मुख्य बातें
पुलिस स्मृति दिवस पर 21 अक्टूबर 2026 को देशभर के वरिष्ठ नेताओं और मुख्यमंत्रियों ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर उन वीर पुलिसकर्मियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने देश की आंतरिक सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। नई दिल्ली से लेकर लखनऊ, जयपुर और अहमदाबाद तक, राष्ट्रीय राजनीति के प्रमुख चेहरों ने इस अवसर पर शहीद जवानों के शौर्य और बलिदान को याद किया।
मुख्य श्रद्धांजलि और संदेश
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अपने पोस्ट में लिखा, 'देश की आंतरिक सुरक्षा और रक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर पुलिसकर्मियों के साहस, कर्तव्यनिष्ठा और बलिदान को पुलिस स्मृति दिवस पर नमन। जय हिंद!' उन्होंने जवानों की कर्तव्यनिष्ठा को राष्ट्रनिर्माण की आधारशिला बताया।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, 'कर्तव्य की वेदी पर अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर पुलिस कार्मिकों को पुलिस स्मृति दिवस पर विनम्र श्रद्धांजलि। मातृभूमि की रक्षा व नागरिकों की सुरक्षा के लिए प्राणों का उत्सर्ग करने वाले इन अमर बलिदानियों का शौर्य पुलिस बल की गौरवशाली परंपरा और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का अक्षय स्रोत है।' उन्होंने इन बलिदानियों की 'अटूट निष्ठा' को राष्ट्रसेवा का 'अनंत प्रकाशस्तंभ' करार दिया।
दिल्ली और राजस्थान के नेताओं की आवाज़
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पुलिसकर्मियों के परिजनों को भी इस श्रद्धांजलि में शामिल किया। उन्होंने लिखा, 'राष्ट्रसेवा और कर्तव्यनिष्ठा की सर्वोच्च मिसाल प्रस्तुत करने वाले सभी वीर पुलिसकर्मियों को पुलिस स्मृति दिवस पर विनम्र श्रद्धांजलि। इन वीरों के परिवारों का धैर्य, साहस और त्याग भी पूरे राष्ट्र के लिए वंदनीय है। देश सदैव उनका ऋणी रहेगा।'
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा, 'पुलिस स्मृति दिवस पर देश की आंतरिक सुरक्षा, शांति एवं जनसेवा के लिए अपना सर्वस्व अर्पित करने वाले वीर पुलिसकर्मियों को विनम्र श्रद्धांजलि! आपका अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा और सर्वोच्च बलिदान सदैव राष्ट्र को प्रेरित करता रहेगा।'
उत्तर प्रदेश और गुजरात के उपमुख्यमंत्रियों का नमन
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शहीद जवानों के 'शौर्य एवं त्याग' को 'सदैव स्मरणीय' बताते हुए लिखा, 'कर्तव्यपथ पर अडिग रहकर राष्ट्र की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और नागरिकों के जीवन की रक्षा हेतु अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर पुलिसकर्मियों की कर्तव्यनिष्ठा, अदम्य साहस और राष्ट्रसेवा के प्रति अटूट समर्पण हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है।'
उत्तर प्रदेश के दूसरे उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी संक्षिप्त किंतु भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कहा, 'जन-जन की सुरक्षा से लेकर राष्ट्र की शांति और व्यवस्था बनाए रखने तक, पुलिस बल का समर्पण अतुलनीय है। पुलिस स्मृति दिवस पर अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि।'
पुलिस स्मृति दिवस का महत्व
गौरतलब है कि प्रत्येक वर्ष 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। यह दिन 1959 में लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में चीनी सेना के साथ मुठभेड़ में शहीद हुए केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) के जवानों की स्मृति में समर्पित है, जब 10 जवान देश की सेवा में वीरगति को प्राप्त हुए थे। तब से यह दिन समस्त सुरक्षाबलों के शहीदों के सम्मान का प्रतीक बन गया है।
राष्ट्रीय एकजुटता का संदेश
विभिन्न दलों और राज्यों के नेताओं का इस अवसर पर एक साथ श्रद्धांजलि अर्पित करना इस बात का संकेत है कि शहीद पुलिसकर्मियों का सम्मान किसी राजनीतिक विभाजन से ऊपर है। यह ऐसे समय में और भी प्रासंगिक हो जाता है जब आंतरिक सुरक्षा की चुनौतियाँ बहुआयामी होती जा रही हैं। आने वाले वर्षों में भी यह परंपरा पुलिस बल के जवानों के मनोबल को ऊँचा बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रहेगी।