पुलिस स्मृति दिवस पर J&K उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शहीद पुलिसकर्मियों को अर्पित की श्रद्धांजलि
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 21 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर उन सभी पुलिसकर्मियों के बलिदान, कर्तव्यनिष्ठा और वीरता को नमन किया, जिन्होंने देश की सेवा में अपने प्राण न्योछावर किए। उन्होंने सामाजिक मीडिया मंच एक्स पर अपना संदेश साझा करते हुए शहीदों के परिजनों के प्रति एकजुटता व्यक्त की और एक सुरक्षित, समृद्ध जम्मू-कश्मीर के निर्माण का सामूहिक संकल्प लेने का आह्वान किया।
उपराज्यपाल का संदेश
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने एक्स पर लिखा, 'पुलिस स्मृति दिवस पर मैं उन बहादुर पुलिसकर्मियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं, जिन्होंने राष्ट्र की सेवा में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। मैं उनके साहस, कर्तव्य और त्याग को नमन करता हूं तथा उनके परिवारों के प्रति अपना सम्मान और एकजुटता व्यक्त करता हूं।' उन्होंने आगे कहा, 'हमारे शहीदों की वीरता हमें शांति, एकता और सुरक्षा को और मजबूत करने की प्रेरणा देती है। आइए, हम सभी एक सुरक्षित, मजबूत और समृद्ध जम्मू-कश्मीर के निर्माण के लिए सामूहिक संकल्प लेकर उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दें।'
श्रीनगर और जम्मू में मुख्य समारोह
मुख्य परेड श्रीनगर के जीवान स्थित सशस्त्र पुलिस मुख्यालय में आयोजित हुई, जहाँ पुलिस शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित किया गया। जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नलिन प्रभात ने मुख्य समारोह की अध्यक्षता की और परेड की सलामी ली।
जम्मू में मुख्य कार्यक्रम गांधी नगर स्थित गुलशन ग्राउंड में आयोजित किया गया, जिसकी अध्यक्षता जम्मू जोन के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) तेजिंदर सिंह ने की। दोनों कार्यक्रमों में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, शहीदों के परिजन और पुलिसकर्मी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
पुलिस स्मृति दिवस का ऐतिहासिक महत्व
21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के अक्साई चिन क्षेत्र के हॉट स्प्रिंग्स में चीनी सैनिकों ने भारतीय पुलिस की एक गश्ती टीम पर घात लगाकर हमला किया था। इस असमान संघर्ष में 10 भारतीय पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे, जबकि कई अन्य घायल हुए या बंदी बना लिए गए थे।
गौरतलब है कि जनवरी 1960 में पुलिस महानिरीक्षकों के वार्षिक सम्मेलन में 21 अक्टूबर को आधिकारिक रूप से पुलिस स्मृति दिवस (पुलिस शहीद दिवस) घोषित किया गया, ताकि उन शहीद पुलिसकर्मियों और देश की सेवा में जान गँवाने वाले सभी पुलिसकर्मियों को स्मरण किया जा सके। यह दिवस तब से हर वर्ष राष्ट्रव्यापी श्रद्धांजलि के रूप में मनाया जाता है।
राष्ट्रीय पुलिस स्मारक
नई दिल्ली के चाणक्यपुरी में स्थापित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक में 30 फुट ऊँची ग्रेनाइट की केंद्रीय प्रतिमा और 'वॉल ऑफ वेलर' बनाई गई है, जिस पर स्वतंत्रता के बाद से शहीद हुए हजारों पुलिसकर्मियों के नाम अंकित हैं। यह स्मारक देशभर में बलिदान की अटूट परंपरा का प्रतीक है।
उपराज्यपाल सिन्हा का यह संदेश ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों की भूमिका और उनके बलिदान को लेकर राष्ट्रीय चर्चा निरंतर जारी है। शहीदों की स्मृति को जीवित रखना और उनके परिजनों के साथ एकजुटता दिखाना राज्य प्रशासन की प्राथमिकता रही है।