सीएम योगी का खिलाड़ियों को संदेश: अंतरराष्ट्रीय पदक लाओ, सरकारी नौकरी पाओ
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार, 20 जुलाई को लखनऊ में आयोजित 'जनता दर्शन' कार्यक्रम में प्रदेश के खिलाड़ियों को स्पष्ट संदेश दिया — अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतिए और उत्तर प्रदेश सरकार न केवल पुरस्कार राशि, बल्कि सरकारी नौकरी भी देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खिलाड़ियों की सीधी भर्ती की नीति पर निरंतर काम कर रही है और अब तक कई खिलाड़ियों को डिप्टी एसपी तथा तहसीलदार जैसे प्रतिष्ठित पदों पर नियुक्त किया जा चुका है।
खिलाड़ियों से सीधी बात
'जनता दर्शन' में कई खिलाड़ी मुख्यमंत्री से मिलने पहुँचे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनसे उनकी खेल तैयारी और पदकों की स्थिति के बारे में जानकारी ली। जब सकारात्मक उत्तर नहीं मिला, तो उन्होंने प्रेरित करते हुए कहा, 'आप सभी खूब परिश्रम कीजिए। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक लाइए, सरकार पुरस्कार राशि के साथ ही नौकरी भी देगी, लेकिन इसके लिए खूब पसीना भी बहाना होगा।' उन्होंने खिलाड़ियों को 'खेलकर खिलने' का आशीर्वाद भी दिया।
राजस्व और पुलिस मामलों में सख्ती
कार्यक्रम में राजस्व और पुलिस से जुड़े कई मामले भी सामने आए। मुख्यमंत्री ने शिकायतकर्ताओं से पूछा कि उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कितने दिन पहले शिकायत की थी। अधिक समय बीत जाने पर उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि 'यह हीलाहवाली नहीं चलेगी।' मुख्यमंत्री योगी ने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर मामलों का निस्तारण न करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
पारिवारिक विवादों पर सलाह
'जनता दर्शन' में पारिवारिक विवाद से जुड़े प्रकरण भी आए। मुख्यमंत्री ने ऐसे मामलों में काउंसिलिंग की और लोगों को इसके दुष्परिणामों के प्रति सचेत किया। उन्होंने कहा कि पारिवारिक विवादों का बच्चों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, इसलिए घर के बड़े-बुजुर्गों की उपस्थिति में बैठकर मामला सुलझाएँ और निजी मामलों में बाहरी लोगों को शामिल न करें।
बच्चों से मुलाकात और पढ़ाई का आशीर्वाद
कार्यक्रम में कुछ अभिभावक अपने बच्चों को भी साथ लेकर आए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बच्चों से उनका नाम और कक्षा पूछी, उन्हें दुलारा और चॉकलेट दी। साथ ही बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने और खूब नाम कमाने का आशीर्वाद भी दिया। 'जनता दर्शन' में आए प्रत्येक व्यक्ति से मुख्यमंत्री ने व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की, उनकी पीड़ा सुनी, प्रार्थना पत्र लिया और उचित निराकरण का आश्वासन दिया।