टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: सोनीपत के रोहणा गांव से 12वीं गिरफ्तारी, अमन के खाते में मिले संदिग्ध लेनदेन
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई क्राइम ब्रांच ने टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर हुई फायरिंग के मामले में 29 अक्टूबर 2026 को 12वीं गिरफ्तारी की, जब हरियाणा के सोनीपत जिले के रोहणा गांव से अमन नामक युवक को हिरासत में लिया गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अमन के बैंक खाते में संदिग्ध वित्तीय लेनदेन मिलने के बाद जांच टीम सोनीपत पहुंची और उसे गिरफ्तार किया।
अमन की गिरफ्तारी कैसे हुई
जांच में सामने आया है कि अमन, इस मामले में पहले गिरफ्तार हो चुके आरोपी कुणाल का करीबी दोस्त है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के बैंक खातों में धन का लेनदेन हुआ था और अमन के खाते में भी संदिग्ध ट्रांजेक्शन पाए गए। इसी आधार पर मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम ने सोनीपत पहुंचकर उसे हिरासत में लिया। अब जांच दल यह पता लगाने की कोशिश करेगा कि फायरिंग की साजिश में अमन की क्या भूमिका थी और पैसों का लेनदेन किसके निर्देश पर किया गया।
मकोका अदालत में 11 आरोपी पेश, 10 दिन की हिरासत की मांग
इससे पूर्व, इस मामले में गिरफ्तार 11 आरोपियों को गुरुवार को मुंबई की विशेष मकोका अदालत में पेश किया गया। क्राइम ब्रांच ने अदालत से पूछताछ के लिए 10 दिनों की पुलिस कस्टडी की मांग की। पुलिस ने अदालत को बताया कि जांच के दौरान डिजिटल सबूत और आरोपियों के बीच हुई वॉइस चैट बरामद की गई है, और कथित तौर पर ये सभी आरोपी एक संगठित टीम के रूप में काम कर रहे थे।
क्राइम ब्रांच ने अदालत को यह भी जानकारी दी कि मामले में आरोपियों के खिलाफ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) की धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस के अनुसार, इस पूरे मामले का कथित मुख्य गैंग लीडर अनिल पंडित है, जो फिलहाल फरार है। जांच एजेंसी का दावा है कि उसी के निर्देश पर टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर फायरिंग की वारदात को अंजाम दिया गया।
हथियारों का स्रोत और विदेशी कनेक्शन
पुलिस ने 10 दिनों की कस्टडी की मांग करते हुए अदालत को बताया कि आरोपियों से हथियारों के स्रोत का पता लगाना अत्यंत आवश्यक है। बरामद हथियारों में से एक के विदेशी मूल का होने की बात सामने आई है, जो इस मामले को और गंभीर बनाती है। इसके अलावा, जांच एजेंसी यह भी पता लगाना चाहती है कि आरोपियों को जमीनी स्तर पर किसने सहयोग किया और वारदात से पहले रेकी किसने की थी।
डिजिटल सबूत और सिग्नल ऐप का इस्तेमाल
क्राइम ब्रांच के अनुसार, जांच में आरोपियों के बीच हुई बातचीत से जुड़े महत्वपूर्ण डिजिटल सबूत मिले हैं। पुलिस का दावा है कि आरोपी अपनी पहचान छिपाने के लिए सिग्नल जैसे एन्क्रिप्टेड विदेशी मैसेजिंग ऐप के जरिए आपस में संपर्क करते थे। जांच एजेंसी ने अदालत से इन सबूतों के आधार पर आरोपियों से पूछताछ करने और उनके वॉइस सैंपल रिकॉर्ड करने की अनुमति भी मांगी है।
आगे क्या होगा
अब मुंबई पुलिस नवगिरफ्तार अमन से विस्तृत पूछताछ करेगी। साथ ही, फरार कथित गैंग लीडर अनिल पंडित की तलाश जारी है। गौरतलब है कि यह मामला एक बॉलीवुड अभिनेता को निशाना बनाने की कथित संगठित साजिश के रूप में उभरा है, और बरामद विदेशी हथियार तथा एन्क्रिप्टेड संचार इसकी जटिलता को और बढ़ाते हैं।