29 अक्टूबर 2026
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अमृतसर के तारा वाला पुल पर गोलीबारी, आकाशदीप सिंह की मौत; पुरानी रंजिश में घात लगाकर हमला

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अमृतसर के तारा वाला पुल पर गोलीबारी, आकाशदीप सिंह की मौत; पुरानी रंजिश में घात लगाकर हमला

सारांश

अमृतसर के तारा वाला पुल पर गुरुवार शाम घात लगाकर की गई गोलीबारी में आकाशदीप सिंह की मौत हो गई, शरनजीत सिंह घायल हैं। पुलिस का कहना है कि दो से तीन साल पुरानी रंजिश में यह सुनियोजित हमला हुआ, गैंगवार का कोई कोण नहीं।

मुख्य बातें

अमृतसर के तारा वाला पुल के पास 29 अक्टूबर 2026 की शाम अंधाधुंध गोलीबारी हुई।
आकाशदीप सिंह (कोटली सक्का, अजनाला) को दो गोलियाँ लगीं, अस्पताल में मौत हो गई।
शरनजीत सिंह को एक गोली लगी, उपचार जारी है।
करीब छह हमलावरों ने घात लगाकर हमला किया; मौके से तीन खाली कारतूस बरामद।
एसीपी रविंदर पाल सिंह संधू के अनुसार घटना गैंगवार नहीं, पुरानी रंजिश का नतीजा है।
दो मुख्य आरोपियों की पहचान हो चुकी है; सीसीटीवी फुटेज की जाँच जारी है।

अमृतसर के तारा वाला पुल के पास गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 की देर शाम हुई अंधाधुंध गोलीबारी में एक युवक की जान चली गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल है। पुलिस के अनुसार, यह हमला पुरानी रंजिश की परिणति है और इसका किसी गैंग से कोई संबंध नहीं है।

घटनाक्रम: कैसे हुआ हमला

पुलिस के बयान के अनुसार, अजनाला के कोटली सक्का गाँव निवासी शरनजीत सिंह और आकाशदीप सिंह बाइक पर सवार होकर जा रहे थे। जैसे ही वे तारा वाला पुल के निकट पहुँचे, वहाँ पहले से घात लगाकर बैठे करीब छह हमलावरों ने उन पर गोलियाँ बरसा दीं।

हमले में शरनजीत सिंह को एक गोली लगी, जबकि आकाशदीप सिंह के शरीर में दो गोलियाँ लगीं। दोनों को गंभीर हालत में तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान आकाशदीप सिंह ने दम तोड़ दिया। शरनजीत सिंह का उपचार जारी बताया जा रहा है।

साक्ष्य और जाँच

वारदात के तुरंत बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस दल घटनास्थल पर पहुँचा और मौके से तीन खाली कारतूस के खोखे बरामद किए गए, जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि कम-से-कम तीन राउंड फायरिंग की गई।

पुलिस ने इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, हमले में शामिल दो मुख्य आरोपियों की पहचान हो चुकी है और शेष हमलावरों की तलाश में विभिन्न स्थानों पर छापेमारी जारी है।

पुलिस की प्रतिक्रिया

एसीपी रविंदर पाल सिंह संधू ने मामले पर जानकारी देते हुए कहा कि यह घटना किसी गैंगवार से नहीं जुड़ी है। प्रारंभिक जाँच में सामने आया है कि दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से रंजिश चली आ रही थी।

पुलिस के बयान के अनुसार, दो से तीन वर्ष पूर्व भी इन्हीं पक्षों के बीच गंभीर विवाद और मारपीट की घटना हो चुकी थी। उसी पुरानी दुश्मनी के चलते इस बार सुनियोजित हमले को अंजाम दिया गया।

आम जनता पर असर

वारदात के बाद तारा वाला पुल के आसपास के इलाके में दहशत का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, देर शाम हुई इस घटना ने क्षेत्र में भय का वातावरण पैदा कर दिया। इसके मद्देनज़र पुलिस ने पूरे इलाके में सुरक्षा कड़ी कर दी है।

आगे क्या होगा

पुलिस अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। मामले की जाँच जारी है और सीसीटीवी फुटेज, बरामद कारतूस तथा प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर आरोपियों की पहचान की प्रक्रिया तेज़ की जा रही है। यह घटना पंजाब में व्यक्तिगत रंजिशों के कारण बढ़ती हिंसा की प्रवृत्ति की ओर ध्यान आकर्षित करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि ये लंबे समय तक सुलगती रहती हैं और अचानक घातक रूप ले लेती हैं। दो-तीन साल पुरानी मारपीट की घटना पुलिस के रिकॉर्ड में थी, फिर भी दोनों पक्षों के बीच सुलह या निगरानी का कोई प्रयास नहीं दिखा। छह हमलावरों का सुनियोजित घेराव यह भी बताता है कि हथियारों तक पहुँच आज भी आसान है। जब तक ऐसी पुरानी दुश्मनियों की पूर्व-चेतावनी प्रणाली नहीं बनती, तब तक 'जाँच जारी है' की रस्म से अपराध नहीं रुकेंगे।
RashtraPress
29 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमृतसर के तारा वाला पुल पर गोलीबारी में क्या हुआ?
29 अक्टूबर 2026 की शाम तारा वाला पुल के पास छह हमलावरों ने घात लगाकर दो बाइकसवार युवकों — शरनजीत सिंह और आकाशदीप सिंह — पर गोलियाँ चलाईं। आकाशदीप सिंह की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि शरनजीत सिंह का उपचार जारी है।
हमले की वजह क्या बताई जा रही है?
एसीपी रविंदर पाल सिंह संधू के अनुसार, यह हमला किसी गैंगवार से नहीं जुड़ा है बल्कि दोनों पक्षों के बीच दो से तीन साल पुरानी रंजिश का नतीजा है। इससे पहले भी दोनों पक्षों में गंभीर विवाद और मारपीट हो चुकी थी।
आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी की क्या स्थिति है?
पुलिस ने हमले में शामिल दो मुख्य आरोपियों की पहचान कर ली है। शेष हमलावरों की तलाश में कई स्थानों पर छापेमारी जारी है और सीसीटीवी फुटेज भी खंगाली जा रही है। अधिकारियों ने जल्द गिरफ्तारी का भरोसा दिलाया है।
घटनास्थल से क्या साक्ष्य मिले?
मौके से तीन खाली कारतूस के खोखे बरामद हुए हैं, जिससे अनुमान है कि कम-से-कम तीन राउंड फायरिंग की गई। इसके अलावा आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जाँची जा रही है।
क्या इलाके में सुरक्षा बढ़ाई गई है?
हाँ, वारदात के बाद तारा वाला पुल और आसपास के इलाके में पुलिस बल तैनात कर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पूरे घटनाक्रम की जाँच विभिन्न पहलुओं से की जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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