तनीषा सिंह का 38 गेंदों में शतक, सीनियर महिला टी20 ट्रॉफी में दिल्ली ने 262/6 का रिकॉर्ड स्कोर बनाया
सारांश
मुख्य बातें
तनीषा सिंह ने 29 अक्टूबर 2026 को पुणे के एमसीए ग्राउंड 2 पर सीनियर महिला टी20 ट्रॉफी में हैदराबाद के खिलाफ मात्र 38 गेंदों में शतक जड़ते हुए 47 गेंदों पर 119 रन की ऐतिहासिक पारी खेली और दिल्ली को 262/6 के विशाल स्कोर तक पहुँचाया। यह घरेलू महिला टी20 क्रिकेट में किसी भी टीम द्वारा बनाया गया अब तक का सबसे बड़ा स्कोर है।
रिकॉर्ड पारी का घटनाक्रम
दाएं हाथ की ओपनर तनीषा ने पहले ओवर की पहली दो गेंदों पर ही एस. यशश्री को चौके जड़कर अपने इरादे साफ कर दिए। दूसरे ओवर में दिल्ली ने वंशिका लीला का विकेट गंवाया, लेकिन तनीषा की आक्रामकता पर कोई असर नहीं पड़ा। इसके बाद प्रिया पुनिया के साथ मिलकर उन्होंने दूसरे विकेट के लिए केवल 66 गेंदों में 160 रन की साझेदारी की — एक असाधारण उपलब्धि।
तनीषा ने अपनी पारी में 25 चौके और 1 छक्का लगाए, जिनमें से 106 रन अकेले बाउंड्री से आए। 15वें ओवर में जी. त्रिशा की गेंद पर वह बोल्ड हुईं, जब दिल्ली का स्कोर 230/4 था।
महिला टी20 क्रिकेट में संयुक्त तीसरा सबसे तेज शतक
तनीषा का 38 गेंदों में शतक महिला टी20 क्रिकेट इतिहास में संयुक्त रूप से तीसरा सबसे तेज शतक है। उनसे आगे केवल किरण नवगिरे (34 गेंदों में, पंजाब के खिलाफ महाराष्ट्र के लिए) और सोफी डिवाइन (36 गेंदों में, ओटागो के खिलाफ वेलिंगटन के लिए) हैं।
इस उपलब्धि के साथ तनीषा अब वेस्टइंडीज की डिएंड्रा डॉटिन के साथ इस रिकॉर्ड को साझा करती हैं, जिन्होंने 2010 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 38 गेंदों में शतक जड़ा था। महिला टी20 के सर्वकालिक उच्च स्कोर की सूची में दिल्ली का 262/6 अब 11वें स्थान पर है — ऊपर के सभी 10 स्कोर अंतरराष्ट्रीय मैचों के हैं।
टीम प्रदर्शन और हैदराबाद की हार
प्रिया पुनिया ने 28 गेंदों पर 59 रन बनाए, वहीं श्वेता सहरावत ने 8 गेंदों पर 26 रन (जिसमें 3 छक्के शामिल थे) जड़कर स्कोर 200 के पार पहुँचाया। अंतिम ओवरों में नजमा खान, दीक्षा शर्मा और कप्तान सोनी यादव (15 रन) ने योगदान दिया। इससे पहले का सबसे बड़ा घरेलू महिला टी20 स्कोर गोवा के नाम था, जिसने 2019-20 में अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ 257/2 रन बनाए थे।
हैदराबाद की ओर से जी. त्रिशा ने 52 गेंदों पर 80 रन बनाए और कप्तान प्रणवी चंद्रा ही दूसरी ऐसी बल्लेबाज रहीं जो 20 रन पार कर सकीं। हैदराबाद की पूरी टीम 154/8 पर सिमट गई और दिल्ली ने 108 रनों से जीत दर्ज की।
तनीषा की मानसिकता और तैयारी
मैच के बाद तनीषा ने बताया, 'आज मैंने बस यही सोचा था कि मुझे अच्छे इरादे के साथ बल्लेबाजी करनी है, आक्रामक खेलना है और दबदबा बनाए रखना है। मैं बस गेंद को देख रही थी और हर तरफ शॉट लगा रही थी।' उन्होंने यह भी बताया कि पावरप्ले में 93/1 रन बनाने की योजना पहले से तय थी — दल ने 6 ओवरों में 50 रन का लक्ष्य रखा था, लेकिन उससे दोगुने रन बना लिए।
गौरतलब है कि यह तनीषा का पहला टी20 शतक था और यह ठीक उस मैच के बाद आया, जिसमें वह शून्य पर आउट हुई थीं। उन्होंने कहा, 'रिकॉर्ड तो टूटने के लिए ही होते हैं।' मैच रेफरी नियति कौस्तुभ लोकुर ने पारी के बाद टीम को नए रिकॉर्ड की जानकारी दी।
करियर की रफ्तार और WPL नीलामी का दर्द
यह शानदार पारी एक उतार-चढ़ाव भरे दौर में आई। जुलाई 2026 में तनीषा इंडिया ए के साथ इंग्लैंड दौरे पर गईं, जहाँ उन्होंने तीसरे वनडे में अर्धशतक लगाया। 2026 दिल्ली प्रीमियर लीग में फाइनलिस्ट टीम साउथ दिल्ली सुपरस्टार्स के लिए सात पारियों में 117.05 के स्ट्राइक रेट से 206 रन बनाकर वह तीसरी सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी रहीं। सितंबर 2026 में ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ तीन वनडे में उन्होंने 120 रन बनाए।
यह ऐतिहासिक पारी कोच्चि में हुई विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) 2027 नीलामी के 24 घंटे से भी कम समय बाद आई, जिसमें तनीषा को किसी भी फ्रेंचाइज़ी ने नहीं खरीदा। उन्होंने कहा, 'जब ऐसा नहीं होता, तो बुरा तो लगता ही है। लेकिन आपके आस-पास के सकारात्मक लोग आपकी सोच को बदल सकते हैं।' उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय कोच दिशांत याग्निक (वर्तमान में बीसीसीआई सीओई, बेंगलुरु में फील्डिंग कोच), दिल्ली में आरपीसीए के सुरजीत सर और अजय वर्मा सर, तथा अपने परिवार और दोस्तों को दिया।