टेस फ्लिंटॉफ के 4 विकेट से ऑस्ट्रेलिया-ए ने भारत-ए महिला टीम को 6 विकेट से हराया, सीरीज में 1-0 की बढ़त
सारांश
मुख्य बातें
ऑस्ट्रेलिया-ए महिला टीम ने 12 सितंबर 2026 को न्यू चंडीगढ़ में खेले गए पहले अनाधिकारिक टी20 मुकाबले में भारत-ए को 6 विकेट से शिकस्त दी और तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली। टेस फ्लिंटॉफ की घातक गेंदबाज़ी ने भारतीय बल्लेबाज़ों की कमर तोड़ दी, जिससे मेज़बान टीम मात्र 117 रन पर सिमट गई।
भारत-ए की बल्लेबाज़ी: जल्दी-जल्दी गिरे विकेट
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने उतरी भारत-ए की शुरुआत लड़खड़ाती रही। टीम ने महज़ 4 रन के स्कोर पर दिनेश वृंदा (1) का विकेट गंवाया। इसके बाद शिप्रा शर्मा और कप्तान अनुष्का शर्मा ने दूसरे विकेट के लिए 13 रन की साझेदारी की, लेकिन 17 के स्कोर पर अनुष्का (6) भी पवेलियन लौट गईं।
यहाँ से शिप्रा ने तेजल हसबनीस के साथ तीसरे विकेट के लिए 15 रन जोड़े। तेजल ने 15 गेंदों में 4 बाउंड्री की मदद से 22 रन बनाए, जबकि शिप्रा ने 17 रन का योगदान दिया। निचले क्रम में मिनु मणि (23) और सयाली सतघारे (16*) ने कुछ प्रतिरोध दिखाया, लेकिन टीम 19 ओवरों में 117 रन ही बना सकी।
टेस फ्लिंटॉफ का 'चौका' — गेंदबाज़ी में कहर
ऑस्ट्रेलिया-ए की गेंदबाज़ी का नेतृत्व टेस फ्लिंटॉफ ने किया, जिन्होंने 4 ओवरों में मात्र 13 रन देकर 4 विकेट झटके — सीरीज का सबसे प्रभावशाली गेंदबाज़ी प्रदर्शन। मिली इलिंगवर्थ और सियाना जिंजर ने 2-2 विकेट चटकाए, जबकि डार्सी ब्राउन और चार्ली नॉट को 1-1 विकेट मिला।
ऑस्ट्रेलिया-ए का आसान पीछा
118 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलिया-ए ने ताहलिया विल्सन और रेशल ट्रेनामन के बीच पहले विकेट के लिए 21 रन की साझेदारी से शुरुआत की। रेशल (11) के जाने के बाद ताहलिया ने भी 22 रन का योगदान दिया। 36 के स्कोर पर दूसरा विकेट गिरने के बाद केटी मैक और चार्ली नॉट ने तीसरे विकेट के लिए 43 रन जोड़कर टीम को जीत की राह पर ला दिया।
केटी 15 गेंदों में 18 रन बनाकर आउट हुईं, जिसके बाद चार्ली नॉट (35) और अनिका लीरॉयड (33*) ने टीम को 14 ओवरों में 6 विकेट शेष रहते आसान जीत दिलाई। भारतीय गेंदबाज़ों में कप्तान अनुष्का शर्मा ने 2 ओवरों में 14 रन देकर 2 विकेट और जिंतिमानि कलिता ने 2 ओवरों में 14 रन देकर 1 विकेट लिया।
आगे क्या
सीरीज के शेष दो मुकाबले 15 सितंबर और 17 सितंबर को खेले जाएँगे। भारत-ए के लिए अगले मुकाबले में बल्लेबाज़ी क्रम को सँवारना और फ्लिंटॉफ जैसी तेज़ गेंदबाज़ों के सामने अधिक रन जोड़ना ज़रूरी होगा, यदि वे सीरीज को बराबरी पर लाना चाहती हैं।