30 अक्टूबर 2026
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कर्नाटक में 226 तालुक सूखाग्रस्त: किसानों को SDRF से ₹2,500 की पहली किस्त जारी, BJP बोली — 'क्रूर मजाक'

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कर्नाटक में 226 तालुक सूखाग्रस्त: किसानों को SDRF से ₹2,500 की पहली किस्त जारी, BJP बोली — 'क्रूर मजाक'

सारांश

कर्नाटक के 226 तालुक सूखाग्रस्त हैं, फिर भी सरकार की राहत राशि मात्र ₹2,500 है। NDRF का इंतज़ार छोड़ SDRF से पहली किस्त जारी हुई, लेकिन किसान ₹25,000 माँग रहे हैं और BJP ने इसे 'क्रूर मजाक' कहा है।

मुख्य बातें

कर्नाटक सरकार ने 29 अक्टूबर 2026 को सूखा प्रभावित किसानों को ₹2,500 की पहली राहत किस्त जारी करने का आदेश दिया।
राज्य के 240 में से 226 तालुकों को सूखाग्रस्त घोषित किया गया है।
राहत SDRF से दी जाएगी; NDRF से केंद्रीय राशि की प्रतीक्षा नहीं की गई।
लाभार्थियों की पहचान FRUITS सॉफ्टवेयर और खरीफ सर्वेक्षण डेटा से होगी — अलग आवेदन जरूरी नहीं।
किसान और विपक्ष ने ₹25,000 मुआवज़े की माँग की; BJP विधायक वी.
सुनील कुमार ने इसे 'क्रूर मजाक' बताया।

कर्नाटक सरकार ने 29 अक्टूबर 2026 (गुरुवार) को आदेश जारी कर राज्य के सूखा प्रभावित तालुकों के पात्र किसानों को सूखा राहत की पहली किस्त के रूप में ₹2,500 देने की मंजूरी दी है। राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (SDRF) से दी जाने वाली यह सहायता सीधे डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) प्रणाली के ज़रिए लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। राज्य के 240 में से 226 तालुकों को सूखाग्रस्त घोषित किया जा चुका है।

राहत का फैसला और उसकी पृष्ठभूमि

यह निर्णय विधानमंडल के एक विशेष सत्र के दौरान सरकार द्वारा दिए गए उस आश्वासन के बाद आया है, जिसमें कम वर्षा के कारण सूखे की मार झेल रहे किसानों को वित्तीय सहायता देने का वादा किया गया था। गौरतलब है कि सरकार ने राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (NDRF) से केंद्र द्वारा राशि जारी होने का इंतज़ार किए बिना राज्य के अपने SDRF से पहली किस्त देने का रास्ता चुना है — जो स्पष्ट करता है कि प्रदेश सरकार केंद्रीय अनुमोदन की प्रतीक्षा में तत्काल राहत को रोकना नहीं चाहती थी।

यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब किसान सूखे से उत्पन्न गहरे वित्तीय संकट से जूझ रहे हैं और व्यापक मुआवज़े की माँग कर रहे हैं।

आवेदन की ज़रूरत नहीं — डेटा से होगी पहचान

सरकार ने स्पष्ट किया है कि पात्र किसानों को अलग से कोई आवेदन जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। लाभार्थियों की पहचान 'फार्मर रजिस्ट्रेशन एंड यूनिफाइड बेनिफिशियरी इंफॉर्मेशन सिस्टम (FRUITS) सॉफ्टवेयर और खरीफ फसल सर्वेक्षण डेटाबेस के आँकड़ों के आधार पर स्वतः की जाएगी। राहत राशि सीधे DBT प्रणाली के ज़रिए बैंक खातों में हस्तांतरित होगी।

आलोचना: किसान और विपक्ष दोनों नाराज़

घोषणा होते ही किसान संगठनों और राजनीतिक दलों की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई। आलोचकों का कहना है कि सूखे की तबाही के मुकाबले ₹2,500 की राशि नितांत अपर्याप्त है और उन्होंने कम से कम ₹25,000 प्रति किसान मुआवज़े की माँग रखी है।

करकला से भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक और कर्नाटक के पूर्व मंत्री वी. सुनील कुमार ने कहा, 'राज्य सरकार राहत देने के बहाने सूखे से जूझ रहे किसानों का क्रूर मजाक उड़ा रही है। ₹2,500 का मुआवजा देने के लिए 17 शर्तें थोपकर, सरकार ने किसान समुदाय के प्रति अपने वास्तविक रवैये को उजागर कर दिया है।'

आम जनता और किसानों पर असर

कर्नाटक में 226 तालुकों के सूखाग्रस्त घोषित होने का अर्थ है कि राज्य के बड़े हिस्से में खरीफ फसल बुरी तरह प्रभावित हुई है। किसानों के लिए यह पहली किस्त तत्काल नकद सहायता के रूप में है, लेकिन विशेषज्ञों और किसान नेताओं का कहना है कि बीज, खाद और सिंचाई की बर्बादी की भरपाई के लिए यह राशि पर्याप्त नहीं है।

क्या होगा आगे

केंद्र सरकार से NDRF के तहत अतिरिक्त राशि मिलने के बाद सूखा राहत की अगली किस्त जारी होने की संभावना है। राज्य सरकार ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि दूसरी किस्त कब और कितनी होगी। किसान संगठनों का आंदोलन जारी है और आने वाले दिनों में राजनीतिक दबाव और बढ़ने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

500 की राशि उस राज्य में जहाँ 226 तालुक सूखाग्रस्त हों, एक प्रतीकात्मक कदम से अधिक नहीं लगती — किसानों की वास्तविक लागत से यह बहुत दूर है। NDRF की प्रतीक्षा न करने का निर्णय राज्य सरकार की तत्परता दिखाता है, लेकिन राशि की अपर्याप्तता उस तत्परता की चमक फीकी कर देती है। सवाल यह है कि 17 शर्तों का उल्लेख जिस तरह विपक्ष ने किया है, क्या सरकार ने पात्रता के मानदंड इतने संकुचित रखे हैं कि बड़ी संख्या में वास्तविक रूप से प्रभावित किसान लाभ से वंचित रह जाएँ? दूसरी किस्त और NDRF फंड की समयसीमा पर स्पष्टता न होना यह संकेत देता है कि राहत का यह अध्याय अभी अधूरा है।
RashtraPress
30 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक सरकार ने किसानों को कितनी सूखा राहत राशि देने का आदेश दिया है?
कर्नाटक सरकार ने प्रत्येक पात्र किसान को सूखा राहत की पहली किस्त के रूप में ₹2,500 देने का आदेश 29 अक्टूबर 2026 को जारी किया है। यह राशि राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (SDRF) से DBT के ज़रिए सीधे बैंक खातों में भेजी जाएगी।
कर्नाटक में कितने तालुक सूखाग्रस्त घोषित किए गए हैं?
कर्नाटक के कुल 240 तालुकों में से 226 तालुकों को सूखाग्रस्त घोषित किया गया है। कम वर्षा के कारण खरीफ फसल व्यापक पैमाने पर प्रभावित हुई है।
किसानों को राहत पाने के लिए आवेदन करना होगा?
नहीं, सरकार ने स्पष्ट किया है कि पात्र किसानों को अलग से कोई आवेदन नहीं देना होगा। लाभार्थियों की पहचान FRUITS सॉफ्टवेयर और खरीफ फसल सर्वेक्षण डेटाबेस के आधार पर स्वतः की जाएगी।
BJP ने इस राहत राशि पर क्या प्रतिक्रिया दी?
करकला से BJP विधायक और पूर्व मंत्री वी. सुनील कुमार ने इसे 'क्रूर मजाक' बताया। उन्होंने कहा कि ₹2,500 के लिए 17 शर्तें थोपना किसान समुदाय के प्रति सरकार के वास्तविक रवैये को दर्शाता है।
किसान कितने मुआवज़े की माँग कर रहे हैं और अगली किस्त कब मिलेगी?
किसान और राजनीतिक नेता ₹25,000 प्रति किसान मुआवज़े की माँग कर रहे हैं। केंद्र सरकार से NDRF के तहत राशि मिलने के बाद अगली किस्त जारी होने की संभावना है, हालाँकि सरकार ने अभी इसकी समयसीमा स्पष्ट नहीं की है।
राष्ट्र प्रेस
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