टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: मुंबई पुलिस की 3 टीमें सोनीपत में, 8 गिरफ्तार; हरियाणा कनेक्शन की जांच
सारांश
मुख्य बातें
बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई गोलीबारी की जांच 21 अक्टूबर 2026 को हरियाणा के सोनीपत तक पहुँच गई है, जहाँ मुंबई पुलिस की तीन विशेष टीमें कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी कर रही हैं। अब तक इस मामले में कुल आठ आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जिनमें दो कथित शूटर और सोनीपत के पाँच निवासी शामिल हैं।
मुख्य घटनाक्रम
यह मामला 18 अक्टूबर 2026 को मुंबई के जुहू इलाके में उस समय सामने आया जब बाइक सवार हमलावरों ने टाइगर श्रॉफ की कार पर अंधाधुंध गोलीबारी की। अभिनेता इस हमले में सुरक्षित बचे, लेकिन उनके ड्राइवर फिरदौस के बाएं हाथ में गोली लगी। घटना की गंभीरता को देखते हुए मुंबई पुलिस ने तत्काल कई जांच दल गठित किए और इलाके के सीसीटीवी फुटेज की गहनता से जाँच शुरू की।
यह ऐसे समय में आया है जब मुंबई में संगठित अपराध और सेलिब्रिटी टारगेटिंग की घटनाओं को लेकर सुरक्षा एजेंसियाँ पहले से सतर्क हैं।
राजस्थान से हुई पहली गिरफ्तारी
जाँच के दौरान पुलिस को पुख्ता सुराग मिला कि आरोपी मुंबई छोड़कर भाग चुके हैं। इसके बाद 19 अक्टूबर 2026 को राजस्थान की कोटा पुलिस ने मुंबई पुलिस के इनपुट पर पुणे-जयपुर एक्सप्रेस ट्रेन से तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया। इनमें हरियाणा के सोनीपत निवासी रेहान और फूल सिंह के साथ-साथ बिहार के बेगूसराय के रहने वाले ऋतिक कुमार उर्फ रोशन का नाम सामने आया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर गोलीबारी के बाद मुंबई से सूरत पहुँचे और वहाँ से ट्रेन में सवार हुए।
सोनीपत में छापेमारी का मकसद
तीन संदिग्धों की गिरफ्तारी के बाद जाँच का केंद्र सोनीपत बन गया। मुंबई पुलिस की तीनों टीमें अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस फायरिंग की साजिश में किन लोगों ने सहयोग किया, आरोपियों को हथियार कहाँ से उपलब्ध कराए गए और उनके बीच संपर्क का माध्यम क्या था। गौरतलब है कि गिरफ्तार पाँच आरोपियों में से अधिकांश का संबंध सोनीपत से बताया जा रहा है।
आरोपियों का नेटवर्क
जाँच में अब तक जो तस्वीर उभरी है, उसके अनुसार यह कोई सहज अपराध नहीं, बल्कि एक सुनियोजित साजिश प्रतीत होती है। आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने के बाद मुंबई-सूरत-राजस्थान रूट का इस्तेमाल कर भागने की कोशिश की। अधिकारियों के अनुसार, पूरे ऑपरेशन की संभावित फंडिंग और हथियार आपूर्ति की जांच अभी जारी है।
आगे क्या होगा
सोनीपत में छापेमारी के बाद और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जाँच टीमें हथियारों की आपूर्ति श्रृंखला और फायरिंग के पीछे के मास्टरमाइंड तक पहुँचने की कोशिश में लगी हैं। यह मामला जैसे-जैसे गहरा होता जा रहा है, मुंबई और हरियाणा पुलिस के बीच समन्वय और मजबूत होने की उम्मीद है।