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योगी सरकार में चकबंदी विभाग: 8 वर्षों में 1,544 पदोन्नतियाँ, बैकलॉग पूरी तरह समाप्त

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योगी सरकार में चकबंदी विभाग: 8 वर्षों में 1,544 पदोन्नतियाँ, बैकलॉग पूरी तरह समाप्त

सारांश

योगी सरकार के 8 वर्षों में चकबंदी विभाग में 1,544 पदोन्नतियाँ हुईं और दशकों पुराना बैकलॉग समाप्त हुआ। साथ ही दस वर्ष से अधिक पुरानी चकबंदी वाले गाँवों की संख्या 1,166 से घटकर 586 पर आई — भूमि-प्रबंधन सुधार का ठोस संकेत।

मुख्य बातें

योगी सरकार के कार्यकाल ( 2017–2025 ) में चकबंदी विभाग में कुल 1,544 पदोन्नतियाँ की गईं।
वर्ष 2017 में केवल 67 पदोन्नतियाँ थीं; अब पदोन्नति का बैकलॉग पूरी तरह समाप्त।
पदोन्नति पाने वालों में 1,025 चकबंदी लेखपाल , 344 चकबंदीकर्ता , 97 सहायक चकबंदी अधिकारी और अन्य शामिल।
दस वर्ष से अधिक पुरानी चकबंदी वाले गाँवों की संख्या 1,166 से घटकर 586 हुई — 580 गाँवों की कमी।
पाँच वर्ष से कम अवधि वाली श्रेणी में गाँव 2,468 से घटकर 1,132 और पाँच-दस वर्ष वाली श्रेणी में 861 से 680 रह गए।

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के कार्यकाल में चकबंदी विभाग ने विभागीय मानव संसाधन को सशक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। चकबंदी निदेशालय के आँकड़ों के अनुसार, वर्ष 2017 से 2025 के बीच कुल 1,544 पदोन्नतियाँ की गईं और विभाग में वर्षों से लंबित पदोन्नति का बैकलॉग पूरी तरह समाप्त कर दिया गया। इसके साथ ही पुराने गाँवों की चकबंदी प्रक्रिया को भी सुनियोजित और समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया गया है।

पदोन्नति का ब्यौरा

चकबंदी निदेशालय के मुताबिक, वर्ष 2017 में विभाग में मात्र 67 पदोन्नतियाँ दर्ज थीं। इसके विपरीत, वर्ष 2025 तक यह आँकड़ा बढ़कर 1,544 हो गया। इन पदोन्नतियों में विभिन्न स्तरों के कर्मचारी और अधिकारी शामिल हैं।

विस्तृत विवरण के अनुसार, 1,025 चकबंदी लेखपाल, 344 चकबंदीकर्ता, 97 सहायक चकबंदी अधिकारी, 64 चकबंदी अधिकारी, 11 बंदोबस्त अधिकारी, 2 उप संचालक चकबंदी और 1 संयुक्त संचालक चकबंदी को पदोन्नति का लाभ मिला है।

पुराने गाँवों की चकबंदी में प्रगति

चकबंदी निदेशालय ने पुराने गाँवों में चकबंदी प्रक्रिया पूरी कराने के लिए समयबद्ध कार्यप्रणाली अपनाई है। वर्ष 2017 में पाँच वर्ष से कम अवधि वाली श्रेणी में 2,468 गाँव, पाँच से दस वर्ष की श्रेणी में 861 गाँव और दस वर्ष से अधिक अवधि वाली श्रेणी में 1,166 गाँव दर्ज थे।

वर्ष 2025 तक ये संख्याएँ क्रमशः 1,132, 680 और 586 रह गई हैं। गौरतलब है कि दस वर्ष से अधिक पुरानी चकबंदी की श्रेणी में 580 गाँवों की कमी दर्ज की गई — जो इस दिशा में सबसे उल्लेखनीय सुधार है।

विभागीय सुदृढ़ीकरण पर जोर

योगी सरकार का स्पष्ट जोर विभाग के मानव संसाधन को सशक्त करने पर रहा है। निदेशालय के अनुसार, पदोन्नतियों के माध्यम से न केवल लंबित बैकलॉग समाप्त किया गया, बल्कि विभिन्न स्तरों पर कार्यकुशलता बढ़ाने का भी प्रयास किया गया। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार चकबंदी प्रक्रिया में तेज़ी लाने और किसानों को उनकी भूमि का सुव्यवस्थित आवंटन सुनिश्चित करने पर बल दे रही है।

आगे की राह

चकबंदी निदेशालय ने संकेत दिया है कि शेष गाँवों की चकबंदी प्रक्रिया को भी प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाएगा। विभागीय ढाँचे को और मजबूत करने तथा पदोन्नति की निरंतरता बनाए रखने की दिशा में भी काम जारी रहेगा, ताकि प्रदेश में भूमि-प्रबंधन व्यवस्था अधिक पारदर्शी और प्रभावी बन सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली पैमाना यह है कि क्या इससे ज़मीन पर चकबंदी की गति वास्तव में तेज़ हुई है। पाँच वर्ष से कम अवधि वाले गाँव अभी भी 1,132 की संख्या में हैं, जो दर्शाता है कि नई चकबंदी की आवक बनी हुई है। सरकारी आँकड़े कमी की बात करते हैं, लेकिन यह नहीं बताते कि कितने गाँवों की प्रक्रिया विवादों या न्यायालयी अड़चनों में फँसी है — जो इस विभाग की पुरानी चुनौती रही है।
RashtraPress
29 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

योगी सरकार में चकबंदी विभाग में कितनी पदोन्नतियाँ हुईं?
चकबंदी निदेशालय के अनुसार, वर्ष 2017 से 2025 के बीच कुल 1,544 पदोन्नतियाँ की गईं। वर्ष 2017 में यह संख्या मात्र 67 थी और अब पदोन्नति का बैकलॉग पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है।
चकबंदी पदोन्नति में कौन-कौन से पद शामिल हैं?
1,544 पदोन्नतियों में 1,025 चकबंदी लेखपाल, 344 चकबंदीकर्ता, 97 सहायक चकबंदी अधिकारी, 64 चकबंदी अधिकारी, 11 बंदोबस्त अधिकारी, 2 उप संचालक चकबंदी और 1 संयुक्त संचालक चकबंदी शामिल हैं।
उत्तर प्रदेश में पुराने गाँवों की चकबंदी की स्थिति क्या है?
दस वर्ष से अधिक पुरानी चकबंदी वाले गाँवों की संख्या 2017 के 1,166 से घटकर 2025 में 586 रह गई है, यानी 580 गाँवों की कमी आई। पाँच वर्ष से कम और पाँच-दस वर्ष वाली श्रेणियों में भी गाँवों की संख्या कम हुई है।
चकबंदी विभाग का बैकलॉग क्यों महत्वपूर्ण था?
पदोन्नति का बैकलॉग विभाग में कार्यकुशलता और मनोबल दोनों को प्रभावित करता था। बैकलॉग समाप्त होने से कर्मचारियों और अधिकारियों को समय पर लाभ मिला और विभाग की मानव संसाधन क्षमता मजबूत हुई।
चकबंदी प्रक्रिया आगे कैसे बढ़ेगी?
चकबंदी निदेशालय ने संकेत दिया है कि शेष गाँवों की प्रक्रिया प्राथमिकता के आधार पर पूरी कराई जाएगी। विभागीय ढाँचे को और सुदृढ़ करने तथा समयबद्ध कार्यप्रणाली जारी रखने की योजना है।
राष्ट्र प्रेस
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