ग्राम पंचायत अधिकारी भर्ती-2022: परिणाम में देरी पर लखनऊ में अभ्यर्थियों का प्रदर्शन, 1,468 पदों पर नियुक्ति अटकी
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश में ग्राम पंचायत अधिकारी भर्ती-2022 का अंतिम परिणाम घोषित न होने से नाराज हजारों अभ्यर्थियों ने मंगलवार, 21 जुलाई 2025 को राजधानी लखनऊ में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुँचे अभ्यर्थियों ने उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के सरकारी आवास के बाहर मानव शृंखला बनाकर विरोध जताया और उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से तत्काल परिणाम जारी करने की माँग की।
भर्ती प्रक्रिया की पूरी समयरेखा
अभ्यर्थियों के अनुसार, 1,468 पदों पर ग्राम पंचायत अधिकारी की नियुक्ति के लिए वर्ष 2022 में विज्ञापन जारी किया गया था। वर्ष 2023 में आवेदन प्रक्रिया पूरी हुई और 27 अप्रैल 2025 को लिखित परीक्षा आयोजित की गई। इसके बाद अप्रैल-मई 2025 में सफल अभ्यर्थियों के अभिलेखों का सत्यापन भी पूरा कर लिया गया।
इस पूरी प्रक्रिया के बावजूद आयोग की ओर से अंतिम परिणाम अब तक घोषित नहीं किया गया है, जिससे अभ्यर्थियों में गहरी निराशा है।
अभ्यर्थियों की पीड़ा और माँगें
प्रदर्शन में शामिल अभ्यर्थी राघवेंद्र सिंह ने कहा, 'हम पिछले कई महीनों से अंतिम परिणाम का इंतजार कर रहे हैं। लिखित परीक्षा और दस्तावेज सत्यापन जैसी सभी प्रक्रियाएँ पूरी हो चुकी हैं, लेकिन परिणाम जारी न होने से अभ्यर्थियों के सामने असमंजस की स्थिति बनी हुई है। हम सिर्फ इतना चाहते हैं कि आयोग बिना किसी और देरी के परिणाम घोषित करे, ताकि चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति मिल सके।'
अभ्यर्थियों का कहना है कि कई युवा पिछले तीन वर्षों से इसी भर्ती प्रक्रिया के पूरा होने की प्रतीक्षा में हैं। इस देरी के कारण वे न तो किसी अन्य भर्ती की पूरी तैयारी कर पा रहे हैं और न ही अपने भविष्य की कोई ठोस योजना बना पा रहे हैं।
उपमुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की अपील
अभ्यर्थियों ने उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के माध्यम से उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग पर दबाव बनाने की माँग की है, ताकि अंतिम परिणाम शीघ्र जारी हो सके। प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण ढंग से अपनी माँगों का ज्ञापन प्रशासन के माध्यम से सरकार तक पहुँचाने की बात कही।
अभ्यर्थियों का तर्क है कि परिणाम में लगातार हो रही देरी से उनकी आयु सीमा प्रभावित हो रही है और कई युवाओं के सामने रोजगार का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है।
प्रदर्शन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था
प्रदर्शन के दौरान उपमुख्यमंत्री आवास के बाहर पुलिस बल तैनात रहा। अभ्यर्थियों ने पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में सरकारी भर्तियों में देरी की यह कोई पहली घटना नहीं है — राज्य में विभिन्न भर्ती परीक्षाओं के परिणाम लंबित रहने की शिकायतें अभ्यर्थी लगातार उठाते रहे हैं।
आगे की राह
अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया है कि यदि शीघ्र परिणाम घोषित नहीं किया गया तो वे अपना आंदोलन और तेज करेंगे। यह देखना होगा कि उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग और राज्य सरकार इस बढ़ते दबाव के बीच कब तक 1,468 पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया को अंतिम रूप देती है।