UP पुलिस भर्ती: 81,472 पदों पर समयबद्ध चयन के लिए CM योगी ने दिए सख्त निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार, 29 मई 2026 को उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि 81,472 पदों पर जारी भर्ती प्रक्रिया निर्धारित समयसीमा में पूरी की जाए और प्रत्येक चयन में पारदर्शिता, निष्पक्षता तथा आरक्षण मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि यह वर्ष उत्तर प्रदेश पुलिस को अधिक सक्षम, आधुनिक और प्रभावी बनाने की दिशा में निर्णायक है।
भर्ती प्रक्रिया का पूरा विवरण
बैठक में बताया गया कि वर्तमान में भर्ती बोर्ड के माध्यम से कुल 81,472 पदों पर भर्ती संचालित है। इनमें प्रमुख संवर्ग इस प्रकार हैं — होमगार्ड्स के 41,424 पद, आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष के 32,679 पद, उप निरीक्षक नागरिक पुलिस एवं समकक्ष के 4,543 पद, कंप्यूटर ऑपरेटर ग्रेड-ए के 1,352 पद, कुशल खिलाड़ी भर्ती के 637 पद, उप निरीक्षक (गोपनीय) एवं पुलिस सहायक उप निरीक्षक (लिपिक एवं लेखा) के 537 पद, मृतक आश्रित भर्ती के 201 पद, प्रोग्रामर ग्रेड-2 के 55 पद तथा रेडियो सहायक परिचालक के 44 पद शामिल हैं।
चयन की प्रस्तावित समयसीमा
उप निरीक्षक नागरिक पुलिस भर्ती-2025 के अंतर्गत दस्तावेज़ सत्यापन एवं शारीरिक मानक परीक्षण (DV/PST) जून 2026 में और अंतिम परिणाम जुलाई 2026 के तीसरे सप्ताह में प्रस्तावित है। होमगार्ड्स नामांकन-2025 के लिए DV/PST जुलाई, PET अगस्त तथा अंतिम परिणाम सितंबर 2026 के दूसरे सप्ताह में जारी होने की योजना है।
आरक्षी एवं समकक्ष पदों की लिखित परीक्षा 8, 9 और 10 जून 2026 को प्रस्तावित है, जिसमें लगभग 28 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। इसका अंतिम चयन परिणाम अक्टूबर 2026 के अंतिम सप्ताह तक घोषित करने का लक्ष्य है। कुशल खिलाड़ी भर्ती के सभी 25 खेल विधाओं में परीक्षण पूर्ण हो चुका है और परिणाम जून 2026 के दूसरे सप्ताह में आने की संभावना है।
पदोन्नति और ऐतिहासिक उपलब्धि
समीक्षा बैठक में यह भी बताया गया कि वर्तमान में 9,406 पदों पर पदोन्नति प्रक्रिया संचालित है और संबंधित विभागीय परीक्षाएं प्रगति पर हैं। गौरतलब है कि वर्ष 2017 से मई 2026 तक भर्ती बोर्ड द्वारा विभिन्न संवर्गों में कुल 2,21,245 अभ्यर्थियों का चयन किया जा चुका है। इसी अवधि में 1,60,819 पुलिस कार्मिकों को पदोन्नति प्रदान की गई है — जो बोर्ड की कार्यक्षमता का एक महत्वपूर्ण संकेतक है।
मुख्यमंत्री के निर्देश और मानवीय दृष्टिकोण
मुख्यमंत्री योगी ने भर्ती बोर्ड की विश्वसनीय कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए नियमित मॉनीटरिंग और तकनीकी संसाधनों के अधिकतम उपयोग के निर्देश दिए। मृतक आश्रित भर्ती के प्रकरणों पर चर्चा करते हुए उन्होंने मानवीय और व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाते हुए नियमों को सरल बनाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस देश की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण पुलिस बलों में से एक है और भर्ती प्रक्रियाओं को तेज, पारदर्शी तथा तकनीक-आधारित बनाकर इसे और सशक्त किया जाएगा।
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की मज़बूती को योगी सरकार की प्रमुख प्राथमिकता के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। आने वाले महीनों में लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य का फैसला इन्हीं प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगा।