यूपी पुलिस में 930 कंप्यूटर ऑपरेटरों को नियुक्ति पत्र, लखनऊ में सीएम योगी करेंगे वितरण
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (यूपीपीआरपीबी) की कंप्यूटर ऑपरेटर ग्रेड-ए सीधी भर्ती-2023 का अंतिम परिणाम घोषित होने के बाद लखनऊ में बुधवार, 18 जून 2025 को चयनित 930 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे जाएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस अवसर पर नियुक्ति पत्र वितरण करेंगे, जो यूपी पुलिस के तकनीकी ढाँचे को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस नियुक्ति प्रक्रिया की जानकारी साझा करते हुए कहा, 'युवाओं के सपनों को नई उड़ान, उनकी योग्यता को अवसर और परिश्रम को सम्मान देने वाली पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया डबल इंजन सरकार की पहचान है। तकनीक और दक्षता से सशक्त ये युवा उत्तर प्रदेश पुलिस को और अधिक आधुनिक, प्रभावी तथा जनोन्मुख बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।' उन्होंने इस भर्ती प्रक्रिया को निष्पक्ष चयन का उदाहरण बताया।
श्रेणीवार चयन का विवरण
भर्ती बोर्ड द्वारा जारी अंतिम परिणाम के अनुसार, चयनित 930 अभ्यर्थियों में अनारक्षित श्रेणी से 381, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) से 91, अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) से 249, अनुसूचित जाति (SC) से 193 तथा अनुसूचित जनजाति (ST) से 16 अभ्यर्थी शामिल हैं। यह वितरण संवैधानिक आरक्षण मानकों के अनुरूप किया गया है।
कटऑफ अंक और चयन प्रक्रिया
कटऑफ अंकों के लिहाज से अनारक्षित श्रेणी की कटऑफ सर्वाधिक 139.62 अंक रही, जबकि OBC श्रेणी की कटऑफ 132.07 अंक दर्ज की गई। EWS श्रेणी तीसरे स्थान पर रही। उल्लेखनीय है कि ST श्रेणी में लंबवत आरक्षण कटऑफ से अधिक महिला श्रेणी की कटऑफ दर्ज की गई।
भर्ती प्रक्रिया की पृष्ठभूमि
इस भर्ती के लिए विज्ञापन 29 दिसंबर 2023 को जारी किया गया था। ऑफलाइन लिखित परीक्षा 1 नवंबर 2025 को प्रदेश के 10 जनपदों में एक साथ आयोजित की गई। लिखित परीक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को कंप्यूटर टाइपिंग टेस्ट और उसके बाद दस्तावेज़ सत्यापन से गुज़रना पड़ा। सभी चरण सफलतापूर्वक पूरे करने वाले अभ्यर्थियों को ही अंतिम चयन सूची में स्थान मिला।
आगे की राह
नियुक्ति पत्र मिलने के बाद ये 930 कंप्यूटर ऑपरेटर उत्तर प्रदेश पुलिस के तकनीकी विभाग में अपनी सेवाएँ देंगे। यह भर्ती ऐसे समय में आई है जब राज्य सरकार पुलिस व्यवस्था के डिजिटलीकरण पर विशेष जोर दे रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, प्रशिक्षित कंप्यूटर ऑपरेटरों की तैनाती से अपराध रिकॉर्ड प्रबंधन और डेटा प्रोसेसिंग में दक्षता बढ़ेगी।