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ड्यूटी पर रील बनाना अनुशासनहीनता: CM योगी की UP पुलिसकर्मियों को कड़ी चेतावनी

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ड्यूटी पर रील बनाना अनुशासनहीनता: CM योगी की UP पुलिसकर्मियों को कड़ी चेतावनी

सारांश

ड्यूटी पर रील बनाना अब UP पुलिस में बर्दाश्त नहीं — CM योगी ने लखनऊ के नियुक्ति समारोह में 930 नए कंप्यूटर ऑपरेटरों को साफ संदेश दिया कि विभाग की गरिमा सोशल मीडिया से बड़ी है। यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब देशभर में सरकारी कर्मचारियों की वायरल रीलें विभागीय छवि पर सवाल खड़े कर रही हैं।

मुख्य बातें

CM योगी आदित्यनाथ ने लोकभवन सभागार, लखनऊ में पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के दौरान रील बनाने पर कड़ी चेतावनी दी।
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के समारोह में 930 कंप्यूटर ऑपरेटर (ग्रेड-ए) को नियुक्ति पत्र सौंपे गए।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पिछले नौ वर्षों में UP में सवा दो लाख से अधिक पुलिस भर्तियाँ हुईं।
प्रदेश में पहले एक साइबर थाना था, अब प्रत्येक जिले में साइबर थाना कार्यरत है।
योगी ने 2017 से पहले की कानून-व्यवस्था को चिंताजनक बताया और अब कर्फ्यू की ज़रूरत न पड़ने का दावा किया।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 18 जून 2025 को लखनऊ के लोकभवन सभागार में पुलिसकर्मियों को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि ड्यूटी के दौरान सोशल मीडिया रील बनाना अनुशासनहीनता है और इससे न केवल संबंधित कर्मी, बल्कि पूरे विभाग की छवि धूमिल होती है। उन्होंने यह बातें उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के नियुक्ति-पत्र वितरण समारोह में कहीं, जहाँ 930 कंप्यूटर ऑपरेटर (ग्रेड-ए) अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए।

रील संस्कृति पर सख्त रुख

मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसा कोई कार्य नहीं होना चाहिए जिससे व्यवस्था या विभाग उपहास का विषय बने। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी सेवा केवल नौकरी नहीं, बल्कि जनता के प्रति उत्तरदायित्व का अवसर है और सभी कर्मियों को अपने आचरण एवं कार्यशैली से विभाग की गरिमा बढ़ानी चाहिए।

भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता का दावा

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज शासन और प्रशासन में जवाबदेही और पारदर्शिता का नया वातावरण बना है। उनके अनुसार, भर्ती प्रक्रियाओं में न तो किसी प्रकार की सिफारिश चलती है और न ही भेदभाव के लिए कोई स्थान है। उन्होंने दावा किया कि यदि सरकार पूर्ववर्ती सरकारों की तरह निर्णयों को टालती रहती, तो पुलिस विभाग में सवा दो लाख से अधिक भर्तियाँ संभव नहीं हो पातीं।

कानून-व्यवस्था में सुधार के दावे

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक थी — त्योहारों और धार्मिक आयोजनों से पहले दंगों और कर्फ्यू की आशंका बनी रहती थी। उनके अनुसार, पिछले नौ वर्षों में प्रदेश के किसी भी हिस्से में कर्फ्यू लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ी। गौरतलब है कि ये दावे सरकारी आँकड़ों पर आधारित हैं और स्वतंत्र सत्यापन की आवश्यकता है।

तकनीकी सुदृढ़ीकरण और साइबर थाने

योगी ने बताया कि आधुनिक चुनौतियों से निपटने के लिए पुलिस व्यवस्था को तकनीकी रूप से मजबूत किया गया है। पहले प्रदेश में साइबर अपराध से संबंधित केवल एक थाना था, जबकि अब प्रत्येक जिले में साइबर थाना संचालित हो रहा है। उन्होंने पुलिस कमिश्नरेट व्यवस्था को भी महत्वपूर्ण प्रशासनिक सुधार बताया।

आर्थिक प्रगति और रोज़गार

मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था और प्रति व्यक्ति आय में उल्लेखनीय वृद्धि का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार से रोज़गार के नए अवसर पैदा हुए हैं और प्रदेश देश की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है। आगे भी पुलिस बल के आधुनिकीकरण और विस्तार की प्रक्रिया जारी रहने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके पीछे एक बड़ा सवाल है — क्या रील बनाना वाकई विभाग की सबसे बड़ी समस्या है, या यह असली जवाबदेही से ध्यान हटाने का सुविधाजनक मुद्दा है? नियुक्ति समारोह जैसे मंच पर इस मुद्दे को उठाना यह भी दर्शाता है कि सोशल मीडिया पर पुलिस की छवि सरकार के लिए राजनीतिक रूप से संवेदनशील हो गई है। 'सिस्टम पर सवाल न उठे' की भाषा लोकतांत्रिक जवाबदेही की दृष्टि से विचारणीय है — आलोचकों का कहना है कि पारदर्शिता और आंतरिक आलोचना को दबाना दीर्घकाल में संस्थागत सुधार को कमज़ोर करता है।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CM योगी ने पुलिसकर्मियों को रील बनाने पर चेतावनी क्यों दी?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ड्यूटी के दौरान रील बनाना अनुशासनहीनता है और इससे कर्मी के साथ-साथ पूरे विभाग की छवि प्रभावित होती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसा कोई कार्य नहीं होना चाहिए जिससे व्यवस्था उपहास का विषय बने।
लखनऊ के नियुक्ति समारोह में कितने अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र मिले?
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के समारोह में 930 कंप्यूटर ऑपरेटर (ग्रेड-ए) अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। यह समारोह लोकभवन सभागार, लखनऊ में आयोजित हुआ।
CM योगी ने UP में कानून-व्यवस्था को लेकर क्या दावे किए?
योगी ने दावा किया कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश के किसी भी हिस्से में कर्फ्यू लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ी। उन्होंने 2017 से पहले की स्थिति को चिंताजनक बताते हुए कहा कि अब आम नागरिक, महिलाएँ और व्यापारी अधिक सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
UP में साइबर थानों की स्थिति क्या है?
मुख्यमंत्री के अनुसार, पहले प्रदेश में साइबर अपराध से संबंधित केवल एक थाना था, जबकि अब प्रत्येक जिले में साइबर थाना संचालित हो रहा है। इससे साइबर ठगी के मामलों में त्वरित कार्रवाई और पीड़ितों की धनराशि बचाने में मदद मिल रही है।
UP पुलिस में पिछले नौ वर्षों में कितनी भर्तियाँ हुईं?
CM योगी ने दावा किया कि पिछले नौ वर्षों में पुलिस विभाग में सवा दो लाख से अधिक भर्तियाँ की गई हैं। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों की तरह निर्णय टालने की नीति होती तो यह संभव नहीं होता।
राष्ट्र प्रेस
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