यूपी में 455 लेखपालों को पदोन्नति: योगी सरकार ने बनाया राजस्व निरीक्षक, ऑनलाइन DPC से मिली पारदर्शिता
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार ने 9 अक्टूबर 2026 को राजस्व प्रशासन को सुदृढ़ करने की दिशा में ठोस कदम उठाते हुए प्रदेश के 455 लेखपालों को राजस्व निरीक्षक (कानूनगो) के पद पर पदोन्नत किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद बोर्ड ने चयन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत ऑनलाइन विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की प्रक्रिया पूरी की। पदोन्नत कार्मिकों की तैनाती के आदेश शीघ्र जारी किए जाएंगे।
पदोन्नति की प्रक्रिया
उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद बोर्ड के चेयरमैन बी.एल. मीणा ने बताया कि पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से संचालित की गई। निर्धारित पात्रता मानकों और सेवा अभिलेखों के आधार पर कार्मिकों की जाँच की गई, जिसके पश्चात 455 लेखपाल पदोन्नति के लिए उपयुक्त पाए गए। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन DPC के माध्यम से प्रक्रिया संपन्न होने से विभागीय पदोन्नति में पारदर्शिता और समयबद्धता दोनों को बल मिला है।
राजस्व प्रशासन पर असर
इस पदोन्नति से राजस्व निरीक्षक संवर्ग में लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरने में सहायता मिलेगी। तहसील और क्षेत्रीय स्तर पर राजस्व कार्यों की निगरानी एवं पर्यवेक्षण अधिक प्रभावी होगी।
गौरतलब है कि राजस्व निरीक्षक राजस्व प्रशासन की महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं — भूमि पैमाइश, राजस्व अभिलेखों का रखरखाव, और भूमि से जुड़े विवादों के निपटारे में इनकी केंद्रीय भूमिका होती है। नई तैनाती से क्षेत्रीय स्तर पर प्रशासनिक कार्यों में तेज़ी आने की उम्मीद है।
भूमि मामलों के निस्तारण में तेज़ी की उम्मीद
राजस्व निरीक्षकों की तैनाती के बाद भूमि संबंधी मामलों, पैमाइश और राजस्व अभिलेखों के निस्तारण में उल्लेखनीय गति आने की संभावना है। यह ऐसे समय में आया है जब प्रदेश में भूमि विवादों की संख्या और राजस्व न्यायालयों पर मामलों का बोझ लगातार बना हुआ है।
तकनीक और पारदर्शिता पर योगी सरकार का जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार राजस्व मामलों के त्वरित और न्यायसंगत निस्तारण के साथ प्रशासनिक प्रक्रियाओं में तकनीक के अधिकतम उपयोग पर बल दे रहे हैं। ऑनलाइन DPC को इसी नीति की एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में देखा जा रहा है, जो कार्मिक प्रबंधन में निष्पक्षता और डिजिटल गवर्नेंस को एक साथ सुनिश्चित करती है। आगे भी विभागीय प्रक्रियाओं को तकनीक से जोड़ने का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।